बसपा से पूर्व विधायक योगेश वर्मा व कांग्रेस से सेवा दल के जिला अध्यक्ष रोहित गुर्जर लड़ सकते हैं मेयर का चुनाव

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मेरठ 20 मई। बीते कुछ माह पहले हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा को छोड़कर पराजित हुए अन्य राजनीतिक दलों व उनके कार्यकर्ताओं तथा नेताओं के हौंसले कमजोर होने के बजाए और बुलंद होते नजर आ रहे हैं। क्योंकि इस बार सपा बसपा और कांग्रेस भी प्रदेश में सरकार चला रही भाजपा के समान पार्टी अपने सिंबल पर स्थानीय निकाय चुनाव में उम्मीदवार लड़ाने का दम जोर शोर से भर रहे हैं। मजे की बात तो यह है कि अभी कौन सी सीट रिजर्व होगी कौनसी आरक्षित नहीं होगी। यह तय न हो पाने की स्थिति में भी चुनाव लड़ने की दावेदारी प्रस्तुत करने वाले पीछे नही।
प्रदेश में कई बार मजबूती से सरकार चला चूका बसपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी राज्य सभा सदस्य डा. अशोक सिद्धार्थ ने पार्टी के पदाधिकारियों की घोषणा करने के साथ साथ हस्तिनापुर से विधायक रहे योगेश वर्मा को बसपा के टिकट पर महापौर का चुनाव लड़ाने की घोषणा की है।
बताया जाता है कि अगर यह सीट आरक्षित होती है तो योगेश वर्मा का चुनाव लडना यहां से पक्का है और जनरल रहती है तो भी। श्री वर्मा मुकद्दर आजमा सकें। बताते चले कि योगेश वर्मा भले ही कई बार चुनाव हार चुके हैं हो लेकिन वो एक जनाधार वाले नेता हैं। महापौर पद के चुनाव वाले क्षेत्र में उनके समर्थकों की संख्या काफी बताई जाती हैं अगर प्रत्याशी घोषित होने के अंतिम समय तक बसपा में उनके नाम को लेकर कोई विद्रोह नहीं हुआ तो वो चुनाव लड सकते हैं वरना कोई मुस्लिम प्रत्याशी बसपा से चुनावी मैदान में उतर सकता हैं और अगर ऐसा होता है तो पूर्व मेयर हाजी शाहिद अखलाक का नाम सबसे आगे हो सकता है।
दूसरी ओर महानगर की जनमानस से संबंध हर समस्या के समाधान और नगर में होने वाली सांस्कृतिक गतिविधियों में बढचढकर हिस्सा लेने वाले युवा किसान नेता तथा कांग्रेस सेवा दल के जिला अध्यक्ष रोहित गुर्जर द्वारा गत दिवस महापौर के पद पर अपने साथियों के साथ अपनी मजबूत दावेदारी प्रस्तुत करते हुए चुनाव प्रभारी हरिकिशन वर्मा के समक्ष
आवेदन किया गया। इस मौके पर विकास पंडित हितैश कुमार नितेश पंवार, डा. उमा शंकर, नईम राणा, शिव सेनी, आलोक त्यागी आदि मौजूद बताए गए। रोहित गुर्जर समर्थकों का कहना है कि समाज के हर क्षेत्र में कांग्रेस सेवा दल का महत्वपूर्ण स्थान है और रोहित पिछले काफी समय से काम कर रहे हैं। इसलिये उन्हे ही कांग्रेस पार्टी को महापौर पद का चुनाव लड़ाना चाहिये। अगर यह महिला सीट नहीं होती है तो।

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