सपा नेता ने उठायी आईआईएमटी कालेज के जांच की मांग

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मेरठ 30 जनवरी। गंगानगर एक्सटेंशन योजना के लिये अब्दुलपुर गांव की 246 एकड़ जमीन जो 1990 में अधिकृत एमडीए द्वारा की गई थी वर्तमान में करीब 500 किसान ऐसे है जिसकी एवज में एक पाई भी उन्हे मुआवजे के रूप में नहीं मिली। इसी प्रकरण में गत सोमवार को गांव अब्दुल्लापुर के मेन बस स्टैंड पर आयोजित किसानों की जनसभा को संबोधित करते हुए सरधना विधानसभा क्षेत्र से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके सपा छात्र सभा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अतुल प्रधान ने स्पष्ट कहा कि सरकार आईआईएमटी कालेज प्रबंधन की गहनता से जांच कराए। तो पता चल जाएगा कि आईआईएमटी प्रबंधन ने कितने लोगों का पैसा दबाया हुआ है। तथा एमडीए की कितनी देनधारी है और कितनी जमीन उसने विभिन्न तरीको से दबा रखी है और उसका पैसा सर्वें होने के बाद भी अधिकारियों से मिलकर नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन ने बेबस किसानों पर तो अत्याचार की सारी हदे तोड़ दी लेकिन आईआईएमटी कालेज में मयंक द्विवेदी द्वारा जो फांसी लगाकर आत्महत्या की गई थी उस संदर्भ में आईआईएमटी के प्रबंधन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जबकि आत्महत्या करने वाले छात्र ने लिखा था कि कालेज की व्यवस्था बहुत खराब है। अतुल प्रधान का कहना था कि बेबस किसानों पर लाठीचार्ज व फायरिंग करते हुए बर्बता का परिचय दिया गया है। इससे तो यह लगता है कि सत्ता की हनक के आगे किसानों की आवाज दबकर रह गई है। और आईआईएमटी प्रबंधन से जुड़े जैसे लोग चारो तरफ का पैसा दबाकर मौज कर भी रहे हैं। छात्र नेता के रूप में स्थापित अतुल प्रधान का कहना है कि किसानों पर कार्रवाई के बजाए आईआईएमटी की जांच हों।

 

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