मेरठ 24 फरवरी (प्र)। एनसीआरटीसी ने यात्रियों के लिए निर्वाध और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कई पहल शुरू की हैं। सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एनसीआरटीसी ने इस कॉरिडोर के स्टेशनों पर 8,000 से अधिक वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई है। यदि स्टेशन की बात की जाए तो गाजियाबाद पर सबसे बड़ी (चार पहिया वाहनों के लिए) पार्किंग बनाई गई है। इस स्टेशन पर 370 चार पहिया और 632 दुपहिया वाहन पार्क किए जा सकते हैं। ये स्टेशन दिल्ली- मेरठ रोड पर है, जिसके पास ही दिल्ली मेट्रो का शहीद स्थल मेट्रो स्टेशन है। इसके अलावा साहिबाबाद स्टेशन पर 76 कारें और 223 दुपहिया वाहनों की पार्किंग व्यवस्था है।
वाहनों के लिए पार्किंग दरें तय
पार्किंग दरों की बात की जाए तो उत्तर प्रदेश में सभी स्टेशनों पर साइकिल के लिए 10 मिनट से 6 घंटों के लिए 5 रुपये, दुपहिया वाहनों के लिए 10 रुपये और कारों, एसयूवी के लिए 30 रुपये लगते हैं। 6 से 12 घंटे के लिए दुपहिया वाहनों के 25 रुपये और कारों, एसयूवी के 60 रुपये लगते हैं। 12 से 16 घंटों के लिए साइकिल 10 रुपये और दुपहिया वाहनों के लिए 30 रुपये की दर है। कारों, एसयूवी के लिए 80 रुपये लगते हैं। 16 घ लेकर दिन के परिचालन समय के दौरान तक साइकिल के 10 रुपये, दुपहिया वाहनों के 30 रुपये और कारों, एसयूवी के लिए 100 रुपये लगते हैं। वहीं, दिल्ली में 10 मिनट से लेकर अगले 6 घंटों के लिए साइकिल के 5 रुपये, दुपहिया वाहनों के 20 और कारों, एसयूवी के लिए 50 रुपये लगते हैं। इसके अलावा 16 घंटों से परिचालन समय तक के दुपहिया वाहनों के 50 रुपये तथा कारों, एसयूवी के लिए 100 रुपये की दर तय की गई है। इतना ही नहीं, नमो भारत कनेक्ट ऐप पर रियल टाइम पार्किंग उपलब्धता के बारे में जानकारी भी मिल जाती है।
मेरठ साउथ स्टेशन पर है सबसे बड़ी पार्किंग
राजनगर एक्सटेंशन के नजदीक बने गुलधर स्टेशन पर 191 कारें और 848 दुपहिया वाहन पार्क किए जा सकते हैं दिल्ली में सराय काले खां नमो भारत स्टेशन पर 266 कारें और 837 दुपहिया वाहनों की पार्किंग उपलब्ध हैं। ये स्टेशन मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन का एक बेहतरीन उदाहरण है जहां वीर हकीकत राय आईएसबीटी और मेट्रो स्टेशन के अलावा हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन भी है। दिल्ली के आनंद विहार स्टेशन पर भी करीब 50 वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था है। मेरठ में भी स्टेशनों पर पार्किंग की व्यवस्था उपलब्ध है। मेरठ साउथ स्टेशन की पार्किंग में 289 चार पहिया और 854 दुपहिया वाहन खड़े किए जा सकते हैं ये स्टेशन परतापुर बाईपास के नजदीक बना है और इसके पास से ही हरिद्वार एवं रुड़की की बसें उपलब्ध हैं। मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन पर 135 से अधिक कारें और 1,200 से अधिक दुपहिया वाहनों की पार्किंग की जा सकती है। शताब्दी नगर स्टेशन पर भी करीब 120 कारें और 350 से अधिक दुपहिया वाहन पार्क किए जा सकते हैं।
निजी पार्किंग का भी कर सकते हैं प्रयोग
देश की सबसे तेज मेरठ मेट्रो 12 स्टेशनों के बीच दौड़ रही है। परतापुर मेट्रो स्टेशन पर करीब 160 दुपहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था है। रिठानी मेट्रो स्टेशन पर भी करीब 80 दुपहिया वाहनों की पार्किंग की जा सकती है। ब्रह्मपुरी मेट्रो स्टेशन पर 100 से अधिक दुपहिया वाहनों की पार्किंग की जा सकती है। एमईएस कॉलोनी मेट्रो स्टेशन पर भी 60 से अधिक जबकि डौरली स्टेशन पर तकरीबन 100 दुपहिया वाहनों की पार्किंग हो सकती है। कई स्टेशनों पर पार्किंग के लिए जगह पर्याप्त उपलब्ध नहीं होने के कारण लोग आसपास की प्राइवेट पार्किंग का इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे बेगमपुल अंडरग्राउंड नमो भारत स्टेशन के लिए आबूलेन मार्किट में अपने वाहन पार्क किए जा सकते हैं। प्रत्येक स्टेशन पर एनसीआरटीसी ने ड्रॉप ऑफ जोन भी बनाए हैं, ताकि लोगों को स्टेशन के एंट्री-एग्जिट तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी ना हो और मुख्य सड़क पर भी जाम ना लगे। लोग लास्ट माइल कनेक्टिविटी का उपयोग करके जैसे ई-रिक्शा, ऑटो रिक्शा, बस या आदि साधनों के जरिए स्टेशन के ड्रॉप ऑफ जोन तक पहुंच सकते हैं।
