मेरठ 11 मार्च (प्र)। ट्रांसपोर्टर का सिम स्वैप कर 1.28 करोड़ रुपए की साइबर ठगी की रकम बोगस कंपनी के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी। साइबर क्राइम टीम ने मामले में मेरठ से एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने सोना बेचने वाली एक कंपनी को 55 लाख रुपए ऑनलाइन पेमेंट कर सोना खरीदा था। कंपनी से मिले सीसीटीवी फुटेज, आईपी एड्रेस और मोबाइल लोकेशन के आधार पर टीम आरोपी तक पहुंची।
पुलिस टीम ने आरोपियों के पास से फर्जी दस्तावेज से 5 पैन कार्ड, 3 आधार कार्ड, 3 चेकबुक, एक उद्यम सर्टिफिकेट, एक जीएसटी रजिस्ट्रेशन सर्टिंफिकेट, इनकम टैक्स रिटर्न दस्तावेज, एक लेटरहेड, एक मोहर, चार वोटर आईडी समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए है। आरोपी को जेल भेजने के बाद पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी।
अशोक नगर निवासी ट्रांसपोर्टर मोकम सिंह गुरुद्वारा भाई बन्नो साहिब प्रबंधन समिति के पूर्व प्रधान है। बीती 23 अगस्त को उनके वाट्सएप पर पीएम किसान योजना, आरटीओ चालान, केनरा बैंक, आधार अपडेट, इंदिरा आवास योजना समेत कई योजनाओं के नाम की कई एपीके फाइल आई। साथ ही मोबाइल पर एयरटेल कंपनी का सिम बदलने का मैसेज आया, जैसे ही उन्होंने मोबाइल के मैसेज को क्लिक किया। उनके सिम का नेटवर्क चला गया।
रविवार को मोबाइल कंपनी का स्टोर बंद होने के कारण सोमवार को उनका बेटा स्टोर पहुंचा। तब उन्हें सिम कार्ड स्वैप होने की जानकारी हुई। तत्काल उन्होंने बैंक जाकर पता किया तो खाते से 1.28 करोड़ रुपए निकलने की जानकारी हुई। जिसके बाद उन्होंने साइबर सेल में मुकदमा दर्ज कराया। डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पता चला कि ठगी की रकम मुंबई के बांद्रा वेस्ट निवासी अमर तिवारी की फर्म अमर कलेक्शन के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी।
टीम ने तत्काल बैंक से संपर्क कर खाते में मौजूद 75.50 लाख रुपए को फ्रीज कराया। उक्त पते पर जाकर जांच करने पर पता चला कि फर्जी दस्तावेज के माध्यम से बोगस कंपनी खोली गई है। हालांकि आरोपियों ने नोएडा की एमएमटीसी-पैंप कंपनी को ऑनलाइन 54 लाख रुपये ट्रांसफर कर सोना खरीदा था। टीम ने नोएडा जाकर कंपनी से संपर्क कर कंपनी से सोना ले जाने वाले व्यक्ति का सीसीटीवी फुटेज लेकर उसकी तलाश शुरू की। टीम ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज, मोबाइल नंबर लोकेशन और आईपी एड्रेस के आधार पर आरोपी अरशद अंसारी निवासी अहमद नगर निवासी मेरठ को गिरफ्तार किया।
