मेरठ, 30 अप्रैल (प्र)। राजा महेन्द्र प्रताप स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी, लेखक एवं समाज सुधारक थे। उन्होंने वृंदावन में एक तकनीकी संस्थान प्रेम महाविद्यालय की स्थापना की। सीसीएसयू कैंपस में साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद एवं राजा महेंद्र प्रताप पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में ’राजा महेन्द्र प्रताप का राजनीतिक दर्शन एवं भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में यह बात बतौर मुख्य वक्ता प्रो. अर्चना सिंह ने कहीं। शुभारम्भ रजिस्ट्रार डॉ. अनिल कुमार यादव, डीएसडब्ल्यू प्रो. भूपेन्द्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक वीरेन्द्र मोर्या, प्रो. नीलू जैन, प्रो. राकेश शर्मा एवं प्रो. जमाल अहमद सिद्दीकी ने राजा महेन्द्र प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से किया। एसएसवी कॉलेज हापुड़ से डॉ. दीपक कुमार ने कहा कि राजा महेन्द्र प्रताप ने तकनीकी शिक्षा को छात्रों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए। राजकीय कॉलेज खरखौदा से डॉ. देवेन्द्र कुमार ने कहा कि राजा महेन्द्र प्रताप बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे।
राजा महेंद्र प्रताप को याद किया
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