यूपी सरकार पत्रकारों की पेंशन नियमों में सुधार के साथ ही फोटोग्राफरों और गैर मान्यता प्राप्त संवाददाताओं को भी पेंशन देने की करें घोषणा

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मेरठ, 06 अक्टूबर (प्र)। यूपी में पत्रकारों को पेंशन देने की गई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा से पत्रकार खुश है क्योंकि पूरा जीवन सेवा भाव से काम करने में गुजर जाने और बाद में बुढ़ापे में होने वाली आर्थिक सम्मस्याओं से इस आर्थिक पेंशन योजना से कुछ तो राहत मिलेगी वरिष्ठ पत्रकारों को। माननीय मुख्यमंत्री जी इस योजना की नियमावली स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पा रही है कि इसमें किन किन नियमों का पालन करना होगा और इसके लिए क्या क्या पत्रावलियां उपलब्ध करानी होगी। सब अलग अलग बताते है जिलों में तैनात सूचना अधिकारियों या उपनिदेशकों को भी शायद पूरी जानकारी नहीं है या वो बताना नहीं चाहते। ऐसे में किस किस को पेंशन मिल सकती है किसको नहीं यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। ऑॅल इंडिया न्यूज पेपर एसोसिएशन आईना के राष्ट्रीय महासचिव यूपी मजीठिया बोर्ड के पूर्व सदस्य श्री अंकित विश्नोई ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को एक मेल भेजकर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 60 वर्ष से अधिक उम्र पत्रकारों को दी जाने वाली पेंशन के लिये 15 वर्ष के अनुभव की अनिवार्य शर्त में संशोधन कर अनुभव की समय सीमा को 15 से घटाकर 05 साल करने की मांग भी की है। आईना महासचिव ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि शासन की पत्रकारों को पेंशन देने की नीति में बहुत कम पत्रकार शामिल हो पायेंगे। इसका दायरा बढ़ाने की भी जरूरत है इसमें संशोधन करें ताकि कुछ वृद्ध पत्रकारों को लाभ मिल सके।श्री अंकित विश्नोई ने प्रेस फोटोग्राफरों के अतिरिक्त जीवन के तीन दशक पत्रकारिता के क्षेत्र में गुजारने वाले अनुभवी बिना मान्यता प्राप्त पत्रकारों को भी पेंशन देने की मांग है।
श्री अंकित विश्नोई का कहना है कि जब 30 साल तक सरकारी नौकरी करने वालों को पेंशन मिल सकती है तो पूरे जीवन मिशनरी भाव से समाज में सेवा करने वाले संवाददाताओं साप्ताहिक पाक्षिक मासिक दैनिक समाचार पत्रों के संपादकों को भी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए।

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