जिलें मे आयोजित हों कृषक बन्धु, किसान अपनायें ड्रिप इरीगेशन प्रणाली-आयुक्त

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मेरठ. प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि खेती समय से हो इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा कृषि के निवेश जैसे बीज, रसायन पानी आदि को समय से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।  उन्होंने किसानों से फसल के अवशेष को न जलाकर उसको मिटटी में पलटकर खाद बनाने, फार्म मशीनरी बैंक में मिल रहे 80 प्रतिशत अनुदान का लाभ लेने, मृदा परीक्षण कार्ड बनवाकर मृदा परीक्षण कराने,जैविक खेती अपनाने के लिए कहा तथा बताया कि  सरकार ने गेंहू व जौं के बील की अनुदान राशि को बढा दिया हैं। उन्होंने हर जिले में किसानों की आय दुगनी करने के सम्बंध में उसके उपाय व प्रयास के लिये पुस्तिका बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। मेरठ. प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि खेती समय से हो इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा कृषि के निवेश जैसे बीज, रसायन पानी आदि को समय से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।  उन्होंने किसानों से फसल के अवशेष को न जलाकर उसको मिटटी में पलटकर खाद बनाने, फार्म मशीनरी बैंक में मिल रहे 80 प्रतिशत अनुदान का लाभ लेने, मृदा परीक्षण कार्ड बनवाकर मृदा परीक्षण कराने,जैविक खेती अपनाने के लिए कहा तथा बताया कि  सरकार ने गेंहू व जौं के बील की अनुदान राशि को बढा दिया हैं। उन्होंने हर जिले में किसानों की आय दुगनी करने के सम्बंध में उसके उपाय व प्रयास के लिये पुस्तिका बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।  कृषि उत्पादन के निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति हेतु क्षेत्रीय संसाधनों एवं शस्य जलवायुविक परिस्थितियों के अनुसार रणनीति का निर्धारण करने तथा सामयिक तैयारी सुनिश्चित करने हेतु  चै चरण सिंह विवि के प्रेक्षगृह में आयोजित मण्डलीय रबी उत्पादकता गोष्ठी का शुभारम्भ मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समीप दीप प्रज्जवलन कर व माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कृषि विभाग, मत्स्य पालक विकास अभिकरण, गन्ना विकास विभाग, भारत एग्रोंवेट, क्रिलोस्कर, इफको सहित किसानों को जानकारी देने के लिये प्रांगण में लगाये गये स्टाॅलों का निरीक्षण किया।  प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने किसानों से कहा कि वह अपने खेंतों में अधिक पेस्टीसाइड का उपयोग न करे क्योंकि अधिक पेस्टीसाइड बीमारियो का कारक है। उन्होंने जैविक खेती अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया तथा दल्हन के उत्पाद बढाने के लिये किसानों को चने, मसूर आदि के बीज उत्पादन करने के लिये प्रेरित करते हुए आश्वस्त किया कि उनके द्वारा उत्पादित बीजों को राज्य सरकार क्रय करेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने गेंहू व जौं के बीज पर 200-200 रूपये की सब्सिडी और बढाई है। उन्होंने बताया कि अब कृषकों को गेंहू व जौं के बीज पर 1600 रूपये प्रति कुन्तल का अनुदान मिलेगा।  प्रमुख सचिव कृषि ने कहा कि किसानों की आय दुगनी करने के लिये तीन मूल मंत्रों पर कार्य कर रही है जिसमें कृषि की लागत कम करने, उत्पादन बढाने व उपज का सही दाम मिले यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा प्रारम्भ की गयी एग्री जनक्शन योजना का बीएससी कृषि उत्तीर्ण छात्रों द्वारा लाभ लिये जाने के लिये प्रेरित किया।  प्रमुख सचिव कृषि ने किसानों से कहा कि यदि कंही नकली खाद, रसायन, व कीटनाशक आदि बिक या बन रहा हो तो उसकी सूचना तत्काल उच्चाधिकारियो को या उन्हें पत्र प्रेषित कर दें साथ ही अगर कोई विभागीय कार्य के लिये कोई अधिकारी या कर्मचारी पैसे की मांग करता है तो ऐसे लोगो की शिकायत अवश्य करें। उन्होंने कहा कि खेती की गुणवत्ता बनी रही एवं किसान खुशहाल हो यही प्रदेश सरकार का संकल्प है।  कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मंडलायुक्त डा0 प्रभात कुमार ने कहा कि 1947 में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में कृषि का योगदान 51 प्रतिशत था जोकि 2017 में मात्र 13 प्रतिशत रह गया है।  उन्होंने कहा कि अर्थशास्त्रियों को देश के 125 करोड़ लोगो को भोजन उपलब्ध करा रहे कृषकों को जीडीपी में योगदान के आधार पर नहीं आंकना चाहिए बल्कि मानक के उत्तर जीविता (सरवाइवल) के आधार पर करना चाहिए।  उन्होंने कहा कि यह अजीब विडंम्बना है कि देश में 270 मैट्रिक टन अनाज उत्पादन के बाद भी बच्चे कुपोषित हैं। मण्डलायुक्त ने किसानों को गन्ने का मूल्य समय से मिले इसके लिये 14 दिन के बाद प्रत्येक दिन उसकी मानीटरिंग करने तथा ड्रिप इरीगेशन अपनाने तथा इसके लिये चीनी मिल मालिकों के साथ उनकी अध्यक्षता मे बैठक आयोजित कर उनको ड्रिप इरीगेशन के लिये लक्ष्य व किसानों को उसके लिये अनुदान देने के लिये प्रेरित करने के लिए कहा। उन्होंने  कहा कि किसानों की आय दुगनी करने के लिये कृषि के साथ सहायक कार्यो जैसे पशुपालन आदि को भी बढावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कृषकों से योजनाओं में सहयोग करने व योजनाओं के लिये दी जा रही भूमि के मुआवजे के सम्बंध में बिचैलियों से सावधान रहने के लिए कहा। आयुक्त ने बताया कि सरकार ने खतौनी में खातेदारों के अंश निर्धारण करने की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि ऋण मोचन योजना के अन्तर्गत जिन किसानों को लाभ नहीं मिला है तथा वह समझते है कि उनको लाभ मिलना चाहिए था तो ऐसे कृषक सम्बंधित अधिकारी/जिलाधिकारी या स्वंय उनके यहां प्रार्थना पत्र दे सकते है।  उन्होंने मुख्य विकास अधिकारियों की अध्यक्षता में प्रत्येक जिलें में कृषक बन्धु की बैठक आयोजित करने के लिये निर्देशित किया। उन्होंने क्रय केन्द्रों का निरीक्षण कराने के लिये निर्देशित किया तथा किसानों  से आईएमए हाॅल मेंरठ में खोले गये निशुल्क वृद्ध अस्पताल का अधिकाधिक उपयोग करने को कहा।  कृषि वैज्ञानिक ई.आर. इंगले ने जैविक खेती अपनाने तथा जैव अवशेष व जैव कीटनाशक का उपयोग करने, केवीके के वैज्ञानिक डा0 संदीप चैधरी ने जैविक खेती के साथ-साथ जैविक दिनचर्या अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। निदेशक बीज प्रमाणिकरण ने बताया कि प्रमाणित बीज में नीले रंग व आधारी बीज में सफेद रंग का टैग होता है। सहायक निदेश मृृदा परीक्षण प्रबोध कुमार ने बताया कि मिटटी के 16 तत्वों की जानकारी मृृदा परीक्षण से प्राप्त की जा सकती है। जिला कृषि अधिकारी प्रमोद सिरोही ने बताया कि ड्रिप इरीगेशन पर सरकार द्वारा अनुदान दिया जाता है तथा इससे कम पानी के उपयोग से अच्छी पैदावार की जा सकती है।  प्रगतिशील किसान बुलन्दशहर के भारत भूषण त्यागी ने  जैविक खेती की अवधारणा को ठीक से समझने की आवश्यकता पर बल दिया तथा परम्परागत कृषि विकास योजना को और प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कहा। गाजियाबाद के सतेन्द्र तोमर ने उत्पादित गन्ने को साढे सात किमी के दायरे के क्रय केन्द्रों में बेचने की बाध्यता समाप्त करने, रजवाहों की सिलट सफाई कराने की मांग की जिस पर प्रमुख सचिव ने उनकी समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया।  कार्यक्रम का संचालन करते हुए संयुक्त निदेशक कृषि डा0 सुनील अग्निहोत्री ने बताया कि मंडल में गत वर्ष 61 प्रतिशत व इस वर्ष 70 प्रतिशत वर्षा हुई है। उन्होंने बताया कि स्प्रिंकलर सेट पर लघु व सीमान्त कृषको को 90 प्रतिशत व सामान्य को 80 प्रतिशत अनुदान सरकार द्वारा दिया जा रहा है।  इस अवसर पर जिलाधिकारी हापुड़ कृष्ण करूणेश, बुलन्दशहर रोशन जैकब, मुख्य विकास अधिकारी मेरठ आर्यका अखौरी, हापुड़ दीपा रंजन, गाजियाबाद राजीव रंजन, बुलन्दशहर जसजीत कौर, बागपत चांदनी सिंह, जेडीसी एबी मिश्रा, उपनिदेशक कृषि डा0 सुरेश चन्द्र चैधरी, सहित विभिन्न विभागों से आये अधिकारी एवं कर्मचारीगण सहित प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

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