Saturday, July 20

धार्मिक स्थलों के विकास के लिए बनेगी कार्ययोजना

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लखनऊ 06 नवंबर। प्रदेश के छोटे धार्मिक स्थलों का भी विकास कराया जाएगा। धार्मिक स्थलों के साथ ही मेला स्थलों के आसपास सभी जरूरी विधाएं आने वाले श्रद्धालुओं को दी आएंगी। आवास के साथ ही नगर विकास विभाग इसकी जिम्मेदारी निभाएंगे। उच्च स्तर पर सहमति के बाद दोनों विभागों ने अपने स्तर से तैयारियां शुरू कर दी हैं।

प्रदेश के अधिकतर जिलों में कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं, जिनका अपना महत्व है। यहां मेला लगने के साथ ही विभिन्न आयोजन होते रहते हैं। कई धार्मिक स्थलों के पास जरूरी सुविधाएं भी नहीं हैं। इसके चलते इन स्थलों पर आने और जाने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उदाहरण के लिए बलरामपुर में देवीपाटन मंदिर सिद्ध पीठ है। यहीं पर बिजलीपुर देवी मंदिर भी है। बाराबंकी में महादेवा शिव मंदिर है। गाजीपुर के गहमर में देवी मंदिर है। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों में ऐसे ही कई देवी और देवताओं के मंदिर और धार्मिक स्थल हैं।

सूत्रों का कहना है कि उच्च स्तर पर इन धार्मिक स्थलों पर विकास कराने को लेकर एक बैठक हुई थी। खासकर इनके आसपास पर जरूरी सुविधाएं देने पर मंथन किया गया। बताया जा रहा है कि आवास और नगर विकास विभाग अपने-अपने स्तर से विकास के लिए जरूरी काम कराएंगे। अमृत योजना में भी संभावनाएं देखी जाएंगी। स्वच्छ भारत मिशन में शौचालय आदि की सुविधा देने का सर्वे कराया जाएगा। जरूरी सुविधाएं विकसित होने के बाद कुछ ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों पर मेले के आयोजन के लिए नगर विकास विभाग द्वारा पैसा दिया जाएगा। इसके लिए प्रांतीय मेला घोषित किया जाएगा।

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