विद्युत मंत्री दें ध्यान! अनियमित विद्युत आपूर्ति और बढ़े बिजली बिल 2022 के चुनाव में सत्ताधारी पार्टी को कर सकते हैं परेशान

0
64

उत्तर प्रदेश के बिजली मंत्री श्री श्रीकांत शर्मा ने गत दिवस विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सूर्यास्त से उदय तक गांवों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। और इससे संबंध शिकायतों का निस्तारण भी तुरंत किया जाए। मंत्री जी ने पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए कि इंटरनेट मीडिया का भी सहारा इस काम में लिया जाए।
एक तरफ तो बिजली आपूर्ति मंत्री की यह घोषणा और दूसरी तरफ शहरों में जहां पूरे समय बिजली की सप्लाई नियमित करने की बात सुनने को मिलती है वहां पांच, 10, पंद्रह मिनट में बिजली कट रही है। कभी पंद्रह मिनट बाद आती है तो कभी घंटो इंतजार करना पड़ता है। अभी गर्मी की शुरूआत हुई है। पारा धीरे धीरे बढ़ रहा है। लेकिन जहां तक नजर जाती है। बिजली विभाग अपनी घोषणाओं पर खरा उतरता नजर नहीं आ रहा है। लाॅकडाउन में मुख्य मार्गों की लाइटें खराब पड़ी रही। विभाग के कर्मचारी उन्हें सहीं करने के लिए उपलब्ध नजर नहीं आए। हां वसूली बिलों के नाम पर नागरिकों का उत्पीड़न करने की शिकायतें आए दिन सुनने को खूब मिल रही हैं।
उदाहरण के रूप मेें सहारनपुर मंडल ऐसा ही एक मामला दंगडोली मेें प्रकाश में आया। यहां की निवासी बाला पत्नी राजकुमार के हवाले से छपी खबर के अनुसार 21 फरवरी को उसने पिछले बकाये का भुगतान कर दिया था। एक सप्ताह पूर्व विभाग द्वारा तीन माह का भेजे गए बिल को देखकर उनके होश उड़ गए क्योंकि बिल में उन्हें 4 करोड़ 65 लाख से ज्यादा का बकायेदार दर्शाया गया है। पीड़ित की परेशानी यह है कि विभाग को अपने बिलों का भुगतान तो समय से चाहिए लेकिन कई बार बिल को लेकर देवबंद नांगल कार्यालय जाने के बाद भी बाला आदि की कोई सुनवाई नहीं हुई है। दूसरी तरफ उपखंड अधिकारी संुदरपाल सिंह का कहना है कि तकनीकी खराबी के चलते ऐसा हो सकता है। अभियंता की रिपोर्ट के बाद बिल ठीक करा दिया जाएगा। सवाल यह है कि उपभोक्ता की कोई गलती नहीं है। गलती विभाग की है तो अवर अभियंता को उसके घर जाकर बिल सही करके देना चाहिए। पीड़िता के चक्कर क्यों लगवाए जा रहे हैं। बिजली मंत्री जी आपसे तो नागरिकों को कोई शिकायत नहीं है लेकिन आपके विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली और उनके हवाई दावों और बिजली की अनियमित आपूर्ति से नागरिक बुरी तरह परेशान है। वैसे तो आम आदमी को इस समस्या से छुटकारा दिलाने का काम प्राथमिकता से होना चाहिए लेकिन फिलहाल नागरिक इसी तरह परेशान रहे तो 2022 के विधानसभा चुनावों में पीड़ितों की चर्चा के अनुसार इसका नुकसान सत्ताधारी पार्टी को होने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।

– रवि कुमार विश्नोई
सम्पादक – दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
अध्यक्ष – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन
आईना, सोशल मीडिया एसोसिएशन (एसएमए)
MD – www.tazzakhabar.com

loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

five × five =