भागवत कथा के पहले दिन नारद भक्ति का वर्णन

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मेरठ 06 नवम्बर। सुरेश्वरी गौपीठ पुण्यार्थ न्यास मेरठ के तत्वावधान में श्री केदारेश्वर शिव मंदिर बद्रीशपुरम के प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारम्भ हुआ। कथा व्यास पं. श्री कृष्णप्रीत मिश्र जी ने प्रथम दिवस की कथा मंे भागवत महात्म्य के विभिन्न प्रसंगों का व्याख्यान किया।

जिनमें देवर्षिनारद जी की भक्ति से भेंट, भक्ति का दुःख दूर करने के लिए नारद जी का उद्योग, गोकर्णोपाख्यान, धुन्धकारी का प्रेत योनि से श्रीमद्भागवत की प्रभाव से उधार, सप्ताह यज्ञ की विधि का विशेष व्याख्यान किया गया। इसके अतिरिक्त भागवत कथा और भगवत भक्ति का महत्व, भगवान के अवतारों का वर्णन, भगवान के यश कीर्तन की महिमा और देवर्षि नारद जी का पूर्व चरित्र, गर्भ में परीक्षित रक्षा, कुंती के द्वारा भागवत की स्तुती तथा भगवान श्री कृष्ण की स्तुती करते हुए भीष्म का प्राण त्याग करना आदि प्रसंगों का सरस और मृदुल भाव से रसपान कराया गया।

महात्म्य के षष्टम अध्याय में वर्णित सप्ताह यज्ञ विधि के अंतर्गत नारद सनकादि संवाद की चर्चा करते हुए विशेष रूप से स्त्री और शूद्र को भागवत कथा में विशेष आमंत्रित करना चाहिए। ये लोग बहुत लम्बे समय से भागवत संकीर्तन से उपेक्षित रहे हैं।

महंत विनोद दास घनस्याला के सान्ध्यि में चल रहे आयोजन में यजमान चैधरी रणवीर सिंह पंवार, श्री अरविंद कुमार पुण्डीर, श्री विवेक ममगाई, दीपक पांथरी रहे। इनके अतिरिक्त सर्व श्री विभोर शर्मा, विक्रम सिंह गुसाई, कृपा राम पोखरियाल, अनिल रावत, विरेन्द्र सिंह गुसाई आदि ने भी श्रीमद्भागवत का पूजन अर्चन किया।

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