बंगला नंबर 210-बी के बिल्डर को कोर्ट में सरेंडर के आदेश

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मेरठ। बंगला नंबर 210 बी के बिल्डर आनंद प्रकाश अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना के मामले में सजा से बच रहे बिल्डर को 16 अगस्त तक सरेंडर करने का आदेश कोर्ट ने दिया है। सरेंडर न करने पर गैर जमानती वारंट जारी होगा।

गौरतलब है कि कैंट बोर्ड ने अवैध निर्माण के मामले में नौ जुलाई 2016 को बंगला नंबर 210 बी में अवैध निर्माण गिराया था। ध्वस्तीकरण के दौरान मलबे में दबने से चार लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में 29 जनवरी 2014 को हाईकोर्ट ने बिल्डर आनंद अग्रवाल को छह महीने की सजा जुर्माने समेत सुनाई थी।

इस मामले में कैंट बोर्ड ने आनंद प्रकाश के खिलाफ दर्ज कराया। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने बिल्डर आनंद प्रकाश को 16 अगस्त 2017 तक सीजीएम कोर्ट मेरठ में सरेंडर करने का आदेश दिया है। बिल्डर ने आत्मसमर्पण नहीं किया तो उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी हो जायेगा। हाईकोर्ट ने सीजीएम कोर्ट को इस मामले में 28 अगस्त 2017 तक अनुपालन रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करने को कहा है।

स्टे के बाद कराया अवैध निर्माण : कैंट बोर्ड के प्रवक्ता एमए जफर ने बताया कि हाईकोर्ट के स्टे के बाद भी वर्ष 2001 में बिल्डर आनंद प्रकाश ने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण कराया। अवमानना के मामले में अब कैंट बोर्ड की याचिका पर पुष्पा देवी और अन्य के खिलाफ यह आदेश हुआ है।

लापरवाही से हुआ हादसा : 210-बी के आरआर माल के ध्वस्तीकरण में चार लोगों की मौत हो गई थी। आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना ने कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी कि कैंट बोर्ड की लापरवाही का इतना बड़ा हादसा हुआ। अवमानना के मामले में बिल्डर आनंद प्रकाश के खिलाफ आए इस आदेश से एक बार फिर 210 बी के बिल्डर और बिल्डिंग पर खतरे के बादल मंडरा गये हैं, क्योंकि आरआर माल के साथ कोर्ट ने पूरे 210 बी को अवैध ठहराते हुए पूर्व में ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था।’ हाईकोर्ट की अवमानना के मामले में अदालत का आदेश

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