सीसीएसयू: एसआईटी ने मांगे एमबीबीएस के तीन साल के रिकॉर्ड

0
224

मेरठ, 22 जून (प्र) चौधरी चरण सिंह विवि कैंपस में मार्च 2018 में एमबीबीएस की काॅपी बदलने के खुलासे के बाद पूरे खेल की जड़ तलाशने में जुटी राज्य स्तरीय एसआईटी ने 2015 से 2018 तक मेडिकल में प्रवेश से रिजल्ट तक विभिन्न बिंदुओं पर रिकाॅर्ड मांगे हैं। एसआईटी ने तीन साल में विवि द्वारा पर्याप्त सूचनाएं नहीं देने पर भी आपत्ति दर्ज करते हुए कराते हुए जांच में सहयोग के निर्देश दिए हैं। एसआईटी का दावा है कि इस मामले में बार-बार पत्राचार के बावजूद विवि अभिलेख उपलब्ध नहीं करा रहा। एसआईटी ने तत्काल समस्त रिकाॅर्ड मांगे हैं। एसआईटी की जांच में तेजी से इस खेल से जल्द पर्दा उठ सकता है। जांच में पर्दे के पीछे शामिल रहे लोगों के भी बेनकाब होने की भी उम्मीद है।
17 मार्च 2018 को एसटीएफ मेरठ ने छात्र कविराज एवं विवि के तीन कर्मचारियों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। एसआईटी ने खुलासा किया था कि कविराज विवि कर्मचारियों की मदद से एमबीबीएस की काॅपियों को बदलवा देता था। आरोप था कि कविराज उत्तर पुस्तिकाओं के ऊपर का पेज छोड़कर अंदर की काॅपी हटाकर बाहर से लिखी हुई काॅपियां जोड़ देता था।

एसआईटी ने दावा किया था कि इस नेटवर्क ने सैकड़ों मेडिकल छात्र- छात्राओं की काॅपियां बदलकर नंबर बढ़वाए थे। कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने इस प्रकरण के खेल से पर्दा उठाने के लिए राज्य सरकार से उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश की थी। बाद में सरकार ने 2018 में ही इस कांड की जांच के लिए एसआईटी गठित कर रही थी। एसआईटी कई बार विवि कैंपस पहुंचकर जांच कर चुकी है।

loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

4 × 1 =