विधायक जी आप कहां हैं ,छावनी की जनता है परेशान?

0
1542

मेरठ 3 नवंबर। छावनी विधानसभा क्षेत्र के आठ वार्डांे की जनता वर्तमान में काफी परेशान और कशमकाहट महसूस कर रही है। क्योंकि सरकारी नौकरशाह किसी न किसी रूप में जिनसे किसी भी प्रकार की आमदनी का जरिया है उन्हे तो छेड़ नहीं रहे आम आदमी को मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न करने में नहीं छोड़ रहे है और उदाहरण के रूप में कई दशक बाद पहली बार छावनी परिषद के कुछ अधिकारियों के तानाशाही पूर्ण रवैये के चलते आबूलेन पर दीपावाली पर बाजार नहीं सजाए गए। कैंट विधायक जी आपने इतने बड़े मामले में सिर्फ एक दो बार अधिशासी अधिकारी छावनी से मिलकर सोच लिया कि आपकी जिम्मेदारी खत्म हो गई।

सदर घंटाघर शिव चैक के निकट कोठी नंबर 210 बी में जो बीते वर्ष हुआ। उसे कोई भूला नहीं है। उसके बावजूद दोषी अधिकारियों के खिलाफ तो कार्रवाई पूरी तौर पर हो रही मगर कैंट बोर्ड के कुछ अधिकारी उस तरफ से जनता व शासन और अपने विभाग के उच्च अधिकारियों का ध्यान हटाने के लिये 210 बी के नागरिकों का बिजली पानी बंद करने पहुंच गए। मेरठ हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने इस मामले में सक्रियता दिखाई और कुछ यहां के निवासियों ने तो बिजली पानी तो नहीं कटपाया लेकिन सभी घरों में एक अजीब सा भय व्याप्त है और नागरिक तनावपूर्ण जीवन जी रहे हैं। जिससे कई बीमारियां इन्हे होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

और यह सब जिस बात को लेकर किया जा रहा है वही सब काम अवैध निर्माण कैंट बोर्ड के अधिकारियों की जानकारी में अब भी खुलेआम हो रहा है। क्योंकि समाचार पत्रों में शिविर पालिका कार्यालय के आसपास योगेंद्र हार्ट के सामने सदर बाजार क्षेत्र सहित तमाम इलाकों में हो रहे अवैध निर्माणों के बारे में छप रहा है। तो जानकारी अधिकारियों को न हो ऐसा संभव नहीं है। स्मार्ट कैंट की बात खूब जमकर की जा रही है। हो सकता है कि ऐसा कहने वालों के लिये माल रोड और कुद अधिकारियों के घरों के आसपास का इलाका ही कैंट हों मगर आम आदमी के लिये कैंट में आज भी कोई सुविधा नजर नहीं आ रही है। सड़के टूटी हुई हैं। गंदगी से नालियां अटी पड़ी हैं। जगह जगह कूड़े के ढेर लगे हुए है।

इसमे कहां तक सत्यता है यह तो कहने वाले और जिनसे कहा जा रहा है वो जान सकते हैं मगर चर्चा है कि यहां के अवैध निर्माण रोकने से संबंध अफसरों द्वारा लिया जाने वाला सुविधा शुल्क भी काफी बढ़ा दिया गया है। सबसेे बड़ी बात तो यह है कि विभाग के अधिकारियों की मेहरबानियो से जो मुकदमे हो रहे हैं उनका खामियाजा टैक्सों के रूप में जनता को भुगतना पडेगा यह क्योंकि अफसर पर जनता का ध्यान समस्याओं से हटाने के लिये मुकदमे कराते रहेंगे और दूसरी तरफ जिन बातों को लेकर मुकदमा कराए जा रहे हैं उन्ही को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारे केंट विधायक अपनी सहध्यता मृदभाषिता के लिये प्रसिद्ध हैं। और शादी हो या कोई अन्य शुभकारक सब जगह उनकी उपस्थिति भी नजर आताी है। लेकिन सवाल यह उठता है कि सिर्फ इस बात से जनता की समस्या तो दूर नहीं होती। विधायक जी सक्रिय न हों यह भी नहीं कहा जा सकता। क्योंकि मेरठ विकास प्राधिकरण के कार्यालय मे वो आए दिन कुछ खास चेहरों को लेकर जाते हैं। और पहले जनसमस्याओं की बात करते हैं फिर कुछ खास मुददों के सदर्भ में व्यक्तिगत बात कर चले आते हैं।
लेकिन छावनी के नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिये जहां तक दिखाई दे रहा है उहोंने नागरिकों के अनुसार पूरी तौर पर अंाख फैर रखी लगती है। क्योंकि विधायक चूने जाने के बाद भी उनके द्वारा कैंट के नागरिकों की समस्याओं के समाधान से संबंध मामलों में सक्रियता ना के बराबर ही दिखाई जा रही है और कभी कुछ हलचल होती भी है तो सिर्फ इनके चहरों के लिये जिम्मेदार अधिकारियों से मिलकर समाप्त हो जाती है। प्रभावी रूप् से परेशानियों का हल ढूंढने की कोशिश विधायक भी छावनी में क्यों नहीं कर रहे यह तो वही जान सकते हैं।

अब तो कुछ लोग यह भी कहने लगे है।कि विधायक जी जनता के नहीं कुछ खास चेहरों के हितों के लिये काम करने में सक्रिय रहते हैं। बाकी जनता से फिलहाल तो उन्हे कोई मतलब नजर नहीं आ रहा है। ऐसा क्यों कर रहे है। विधायक जी यह जानने की जब कोशिश की गई तो उनसे बात नही हो पाई। आगे देखों विधायक जी सक्रिय होते है। या नहीं। जनता की समस्या का सामधान होगा या वो ऐसेही परेशान होगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
मौखिक चर्चाओं व संवाद सूत्रों पर आधारित

loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here