आयुक्त ने की मण्डल के गौवंश आश्रय स्थलों के संचालन व स्थापना की समीक्षा, लापरवाह अधिकारी होंगे दण्डित

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मेरठ, 15-02-2019।     आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने कहा कि निराश्रित गौवंशों को चारा, पानी, चिकित्सा की सुविधाओं के साथ आश्रय स्थलों में संरक्षण प्रदान करना अधिकारी अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता समझे, इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। उन्होंने कहा कि गौवंश आश्रय स्थलों की देखरेख हेतु प्रभारी नियुक्त किया जाए तथा आश्रय स्थलों का समय समय पर निरीक्षण कर वहां की सफाई व्यवस्था का भी पूर्ण ध्यान रखा जाए। उन्होंने मण्डल के मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों एवं जिला प्रशासन के कराये गये सर्वे के आंकड़ो में भिन्नता पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा निर्देश दिये वह आपसी समन्वय के साथ आंकड़े तैयार करें।

आयुक्त सभागार में गौवंश आश्रय स्थलों के संचालन स्थिति तथा गौवंशों को दिये गये संरक्षण की स्थिति की मण्डलायुक्त अनीता सी मेश्राम ने गहनता से समीक्षा की। उन्होने कहा कि गौवंश आश्रय स्थलों की स्थापना, संचालन तथा गौवंशों को संरक्षण प्रदान करना मा0 मुख्यमंत्री की विशेष प्राथमिकता है जिसकी वह मण्डलवार नियमित समीक्षा कर रहे है। उन्होंने कहा यदि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही पायी गयी तो सम्बंधित को दण्ड अवश्य दिया जाएगा। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह आश्रय स्थल चाहे वह स्थायी हो या अस्थायी उसमें साफ सफाई का बेहतर ध्यान रखा जाए और गौवंशों की चिकित्सा में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।

बैठक में नगरीय एवं ग्रामीण स्तर पर किये गये सर्वे कार्य के सापेक्ष संरक्षित किये गये गौवंशों की स्थिति का आंकलन करते हुए आयुक्त ने पाया कि बुलन्दशहर को छोड़कर जिला प्रशासन एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़ के आंकड़ों में भिन्नता है जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए आपसी समन्वय स्थापित कर सही आंकड़े अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। समीक्षा में आयुक्त ने पाया कि गौवंशों को आवारा छोड़ने वाले पशु पालकों पर जनपद मेरठ में 60 हजार रूपये का दण्ड लगाया गया तथा जनपद हापुड़ में 01 हजार, व बुलन्दशहर में 504 पशुपालकों को नोटिस जारी किये गये व दो पर अर्थ दण्ड अधिरोपित किया गया है। उन्होंने कहा कि जो भी पशुपालक अपने गौवंशों को बेसहारा छोड़े तो ऐसे पालकों पर दण्ड अधिरोपित अवष्य करें,।
मण्डल के सभी जनपदों में एक करोड़ बीस लाख रूपये की लागत से बनायी जाने वाली वृहद गौशालाओं के निर्माण में आयुक्त ने निर्देश दिये सभी जनपद के अधिकारी टेण्डर आदि प्रक्रिया पूर्ण कराकर शीघ्र कार्य शुरू करायें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अस्थायी आश्रय स्थलों के निर्माण में जो भी धनराशि व्यय हो उसका व्यवस्थित रिकार्ड बनाया जाए। उन्होंने जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह अपने अपने जनपदों में बनाये जा रहे गौवंश आश्रय स्थलों पर प्रभारी नियुक्त कर आश्रय स्थलों के सांचालन की जिम्मेदारी दे ताकि गौवंशों को चारा, पानी, सुरक्षा,व चिकित्सा आसानी से मिले। गौवंश आश्रय स्थलों के संचालन हेतु शासन से प्राप्त धनराशि के वितरण की समीक्षा करते आयुक्त ने निर्देश दिये कि सभी जनपद स्तरीय अधिकारी अपने अपने जनपदों के ब्लाॅकों में लिंक खाता समय से खुलवाकर शासन से प्राप्त धनराशि को सम्बंधित को प्रेषित करें ताकि गौवंशों के संरक्षण में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
इस अवसर संयुक्त विकास आयुक्त रामरक्ष पाल यादव, अपर निदेशक पशुपालन/मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 ए0के0 सिंह, डीएफओ अदिति शर्मा, नगर आयुक्त मेरठ मनोज चैहान, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मेरठ रामचन्द्र, एडीएम हापुड़ जयनाथ यादव, बागपत अनिल कुमार मिश्र, एसडीएम गाजियाबाद डीपी सिंह, सीवीओ गाजियाबाद बिजेन्द्र कुमार, बागपत डा0प्रमोद कुमार, बुलन्दशहर लक्ष्मीनारायण सहित मण्डल के सम्बंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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