हिरासत में रसोइए की हुई थी मौत वायुसेना के 3 अफसरों को उम्र कैद

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अहमदाबाद: गुजरात की विशेष सीबीआई अदालत ने भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के दो सेवानिवृत्त और एक सेवारत अधिकारी को हिरासत में मौत के मामले में दोषी ठहराया है। कोर्ट ने तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई है।

जामनगर वायु सेना स्टेशन का एक वायु सेना रसोइया 94 शराब की बोतलों की संदिग्ध चोरी के आरोप में हिरासत में था। जांच के दौरान रसोइए की मौत थर्ड डिग्री टॉर्चर के कारण हुई।

विशेष अदालत के न्यायाधीश निखिल जोशी ने मंगलवार को आदेश सुनाते हुए कहा कि इनको शराब की कुछ बोतलों के बारे में जांच करने की आड़ में पूछताछ के लिए ले जाने के बाद एक नागरिक की हत्या करने का दोषी ठहराया गया है। पीड़ित को उस समय प्रताड़ित किया गया, जब वह उनकी हिरासत में था और उसने उससे स्वीकारोक्ति लेने की साजिश रची। कानून लागू करने वाली एजेंसियों द्वारा हिरासत में यातना वास्तव में कानून के शासन में सबसे बुरे प्रकार के अपराध में से एक है।

उन्होंने आगे कहा कि चूंकि मामला दुर्लभतम श्रेणी में नहीं आता है, इसलिए दोषियों को मृत्युदंड नहीं दिया जाएगा। इसलिए, दोषियों — अनूप सूद, अनिल के. एन (दोनों सेवानिवृत्त अधिकारी), और महेंद्र सिंह शेरावत को आजीवन कारावास की सजा दी जाती है। तीनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़िता की विधवा को मुआवजा देने पर विचार करने का निर्देश दिया है।

9 से 10 नवंबर 1995 के बीच भारतीय वायुसेना स्टेशन जामनगर की कैंटीन से 94 शराब की बोतलें गायब हो गई थीं। इस संबंध में जामनगर शहर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी।

साथ ही जामनगर वायुसेना स्टेशन एयर कमोडोर ने मामले की आंतरिक जांच के आदेश दिए थे। तलाशी के दौरान वायुसेना के रसोइया जीएस रावत के आवास से शराब की बोतलें मिलीं। इस सिलसिले में वायुसेना पुलिस ने 13 नवंबर को उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।

14 नवंबर को रावत को वायु सेना के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला है कि रावत के शरीर पर बाहरी चोटों से पता चला है कि नुकीली चीज से हमले से चोटों के कारण सदमे और रक्तस्राव का संकेत मिलता है। पीड़ित की पत्नी की याचिका पर गुजरात हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए।

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