होटल, नर्सिंग होम, क्लीनिकों सहित प्रतिष्ठानों से निगम वसूलेगा लाइसेंस शुल्क, जारी होंगे नोटिस

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मेरठ 19 सितंबर (प्र)। मेरठ शहर के अंदर व्यवसायिक गतिविधियों के लिए नगर निगम से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है। प्रति वर्ष लाइसेंस की निर्धारित दर नगर निगम कोष में जमा करना भी अनिवार्य है। लेकिन शहर में बड़े पैमाने पर चल रहे होटल, नर्सिंग होम, क्लीनिक समेत अन्य प्रतिष्ठान नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। अब नगर निगम ऐसे संस्थानों की सूची तैयार कर रहा है। जल्द लाइसेंस शुल्क वसूली को नोटिस जारी होंगे। विडंबना यह है कि लाइसेंस का रिन्यूअल कराना होता है। लेकिन बड़ी संख्या में लोग इसका पालन नहीं कर रहे हैं।

नगर निगम अंतर्गत 23 प्रकार के मदों में लाइसेंस शुल्क निर्धारित है। देशी शराब की दुकान व बीयर शाप का 6000 रुपये, विदेशी शराब की दुकान और माडल शाप का 12000 रुपये लाइसेंस शुल्क है। जबकि मंडप, होटल, रेस्टोरेंट, एक्स-रे सेंटर, नर्सिंग होम 20 से अधिक बेड पर, क्लीनिक, अल्ट्रा साउंड सेंटर आदि का लाइसेंस शुल्क 5000 रुपये निर्धारित है। नर्सिंग होम एक से 20 बेड तक का 2000 रुपये, डेंटल क्लीनिक 4000 रुपये, पैथोलाजी सेंटर 3000 रुपये, सिटी स्कैन व एमआरआइ सेंटर का 10,000 रुपये लाइसेंस शुल्क निर्धारित है। आइसक्रीम फैक्ट्री और डिपार्टमेंटल स्टोर का 10,000 रुपये, इंश्योरेंश कंपनी का 12000 रुपये, फाइनेंस कंपनी का 6000 रुपये, किराना स्टोर 100 वर्ग फुट तक 500 रुपये और किराना स्टोर 1000 वर्ग फुट तक 1000 रुपये, पशु लाइसेंस ( कुत्ता) पर 500 रुपये लाइसेंस शुल्क निर्धारित है।

सहायक नगर आयुक्त द्वितीय इंद्र विजय ने कहा कि प्रति वर्ष लाइसेंस शुल्क जमा करना होता है। लाइसेंस का रिन्यूअल कराना होता है। लेकिन बड़ी संख्या में लोग इसका पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे संस्थानों की सूची तैयार की जा रही है। जिन्हें नोटिस दिया जाएगा। देशी-विदेशी व बीयर शाप को नोटिस दिए जा चुके हैं। अब होटल, नर्सिंग होम और क्लीनिक को नोटिस भेजा जाएगा। इससे वित्तीय वर्ष 2021-22 के अंत तक लाइसेंस शुल्क से 50 लाख से अधिक की आय संभव होगी।

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