रिश्तेदारों को ही दे दिया स्कूल निर्माण का ठेका

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मेरठ : राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के अंतर्गत जिले में बनाए गए स्कूलों के भवन निर्माण में ठेकेदारी के जरिए आपस में ही काम व रुपये बांटने का मामला सामने आया है। शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद इसकी मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।

इस मामले में स्कूलों का निर्माण कार्य देख रहे रमसा के जिला समन्वयक मो. जफर और निर्माणदायी संस्था पैकफेड के अधिशासी अभियंता एसके सिंह पर अपने बेटे व करीबी रिश्तेदारों को ही काम दिलाने का आरोप लगाया लगाया है। मामले की जांच जिला विद्यालय निरीक्षक स्वयं कर रहे हैं।घटिया सामाग्री के इस्तेमाल का आरोप शारदा रोड निवासी बाल किशन शर्मा के नाम से की गई शिकायत में शिक्षा विभाग के अधिकारी व निर्माण कंपनी के अभियंता पर करीबियों को ठेका दिलाने के साथ ही मजदूर सप्लाई करने का ठेका भी जिला समन्वयक के बेटे खिजर इकबाल के जरिए कराया गया है।

इसके साथ ही मेसर्स त्यागी कंस्ट्रक्शन के जरिए अन्य सामग्री ली गई है जिसमें जिला समन्वयक के भाई व निर्माण कंपनी के अभियंता के करीबी रिश्तेदार जुड़े हुए हैं। रमसा के स्कूलों के भवन निर्माण में घटिया सामग्री लगाए जाने की शिकायतें पहले भी की जाती रही हैं। कुछ मामलों में जांच के दौरान सामग्री खराब भी मिले थे जिसके बाद निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी।

नियुक्ति पर भी उठे सवाल रमसा के जिला समन्वयक मो. जफर साल 2009 में बेसिक शिक्षा विभाग से रमसा में जोड़े गए थे। इस पद पर इनकी नियुक्ति पांच सालों तक यानी 2014 तक थी लेकिन उसके बाद भी पद पर बने हुए हैं। इसकी जांच के दौरान उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक को मामले में कोर्ट के स्थगन का आदेश पत्र मुहैया कराया है। विभाग की ओर से वर्तमान में इस पद पर इनकी नियुक्ति को गलत मानते हुए पिछले कुछ महीनों से उनका वेतन भी रोक दिया गया है।

शिकायतकर्ता ने इसी चेक का साक्ष्य दिया ’’ रमसा स्कूलों के निर्माण में बंदरबांट मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश’ रमसा के जिला समन्वयक पैकफेड के अधिशासी अभियंता पर लगे आरोपखुलेंगी और भी परतें रमसा के तहत साल 2010 से 2016 तक जिले को 15 राजकीय हाई स्कूल मिले जिनके भवन निर्माण कार्य भी हुए। करोड़ों रुपये की लागत से बने इन स्कूलों का निर्माण कार्य में की गई गड़बड़ी महज पांच साल पुराने भवन ही बयां कर रहे हैं।जिला समन्वयक की नियुक्ति को लेकर शिकायत थी, जिसके सापेक्ष उन्होंने कोर्ट के कागजात मुहैया कराएं हैं।

 

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