आयुक्त की अध्यक्षता में मित्र दिवस सम्पन्न प्राधिकरण में फर्जी मुख्तारनामे से बैनामा कराने वाले अधिकारियों पर करें कड़ी कार्यवाही- डा0 प्रभात,जनता की शिकायतों का गुणवत्तापरक व समयबद्ध निस्तारण आवश्यक- आयुक्त,खातेदार की मृत्यु उपरान्त वारिसान के नाम समय से दर्ज करायें- डा0 प्रभात

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मेरठ :आयुक्त मित्र दिवस की अध्यक्षता करते हुए आयुक्त डा0 प्रभात कुमार ने शिकायतकर्ता विपिन चन्द गुलाटी निवासी नई दिल्ली के प्रकरण में उपाध्यक्ष, एमडीए को अभिलेखों में मूल आवंटी का नाम दर्ज कराने, प्राधिकरण में मिलीभगत से फर्जी मुख्तारनामे के आधार पर बैनामा कराने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी दण्डात्मक कार्यवाही करने तथा देवदास निवासी गाजियाबाद के प्रकरण में राजस्व विभाग के कर्मचारियों से पूर्व में हुई त्रुटि का निराकरण कर खतौनी में अमल दरामद करने व वर्तमान खतौनी की प्रति शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराने के लिये निर्देशित किया।

आयुक्त कार्यालय में आयोजित आयुक्त मित्र दिवस में अनेकों प्रकरणों की सुनवाई करते हुए आयुक्त डा0 प्रभात कुमार ने कहा कि जनता की शिकायतों का गुणवत्तापरक व समयबद्ध निस्तारण आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया खातेदार की मुत्यु उपरान्त खतौनी व अभिलेखों में वारिसान के नाम समय से दर्ज करायें ताकि मूल वारिस को परेशानी का सामना न करना पड़े।आयुक्त ने विपिन चन्द गुलाटी, फिलिप्स को0 हाउसिंग सोसायटी, बी-502, प्लाट नं0-03, सैक्टर-23, द्वारका, नई दिल्ली द्वारा प्रस्तुुत प्रार्थना पत्र दिनांक 19-03-2018 के आधार पर प्रकरण के निस्तारण हेतु कार्यवाही की। शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत शिकायती पत्र में मुख्य रूप से उल्लिखित किया गया कि उनके द्वारा प्राधिकरण की सरधना रोड स्थित आवासीय कालोनी सैनिक विहार में भू-खण्ड़ सं0-सी-101 आवंटित करायी गयी थी, परन्तु समस्त धनराशि जमा करने के उपरान्त भी प्राधिकरण द्वारा उक्त भू-खण्ड़ का कब्जा प्राप्त नहीं कराया गया है।
उक्त भूख्ण्ड का फर्जी मुख्तारनामा के आधार पर श्री भागमल सिंह पुत्र श्री नत्थू सिंह के नाम बैनामा करा दिया गया। उनके द्वारा उक्त भूखण्ड अन्य व्यक्ति के नाम विक्रय कर दिया गया, जिस पर उक्त व्यक्ति द्वारा मानचित्र स्वीकृत कराकर तथा प्राधिकरण के अभिलेखों में नाम दर्ज कराने की कार्यवाही करा ली गयी। वर्तमान में फर्जी मुख्तारेआम के आधार पर हुये बैनामे के निरस्तीकरण हेतु वाद सक्षम न्यायालय में विचाराधीन है।

प्रकरण की सुनवाई उपरान्त आयुक्त ने उपाध्यक्ष एमडीए को निर्देशित किया कि सिविल न्यायालय में आवंटी द्वारा योजित वाद में मेरठ विकास प्राधिकरण को भी पक्षकार बनाया जाये तथा इस सम्बन्ध में जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) से इस आशय की विधिक राय प्राप्त की जाये कि क्या प्रश्नगत प्रकरण में सिविल न्यायालय में विचाराधीन प्रश्नगत वाद में प्राधिकरण वादी बन सकता है अथवा उसके द्वारा अन्य वाद योजित किया जाना उचित होगा।
उन्होंने निर्देशित किया कि मेरठ विकास प्राधिकरण के अभिलेखों में मूल आवंटी का नाम आवंटी के रूप में दर्ज करायें तथा ऐसे अधिकारियों /कर्मचारियों को चिन्हित करें जिनकी मिलीभगत से फर्जी मुख्तारनामे के आधार पर फर्जी बैनामा हुआ। उत्तरदायी अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध शीघ्र कडी दण्डात्मक कार्यवाही करायी जाये।

वहीं एक दूसरे प्रकरण में शिकायतकर्ता देवदास पुत्र स्व0 श्री चन्द्रपाल सिंह, मूल निवासी-ग्राम रजापुर, गाजियाबाद, वर्तमान पता-211, सोतीगंज मेरठ द्वारा प्रस्तुुत प्रार्थना पत्र दिनांक 20-12-2017 के आधार पर प्रकरण के निस्तारण हेतु कार्यवाही की गयीा, जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत शिकायती पत्र में उल्लिखित किया गया कि प्रार्थी के पिता स्व0 श्री चन्द्रपाल सिंह की भूमि पर राजस्व अभिलेखों में प्रार्थी का नाम दर्ज कराया गया तथा सम्बन्धित लेखपाल द्वारा अभी तक कार्यवाही नहीं की गयी है।
आयुक्त के समक्ष आया कि प्रकरण अभिलेखों में नाम दर्ज कराये जाने से सम्बन्धित है। तत्समय दर्ज खातेदार चन्द्रपाल आदि की ओर से नामान्तरण वाद में विधिवत घोषणा पत्र जारी होने के उपरान्त भी कोई आपत्ति प्रस्तुत नहीं की गयी। दाखिल खारिज आदेश दिनांक 12-05-1999 के समय श्री गजे सिंह, लेखपाल की तैनाती इस क्षेत्र में नहीं थी, तत्समय तैनात लेखपाल सेवानिवृत्त हो चुके है।

आयुक्त ने बताया कि शिकायतकर्ता देवदास को मित्र दिवस में तहसीलदार द्वारा वर्तमान खतौनी की प्रति भी उपलब्ध करा दी गयी, जिसके उपरान्त शिकायतकर्ता द्वारा उक्त कार्यवाही से सहमति व्यक्त की गयी। उन्होंने राजस्व विभाग के कर्मचारियों से पूर्व में हुई त्रुटि का निराकरण कर खतौनी में अमल दरामद कराने के लिये निर्देशित किया।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष, मेरठ विकास प्राधिकरण साहब सिंह सैनी, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) गाजियाबाद ज्ञानेन्द्र सिंह, उपजिलाधिकारी (सदर) गाजियाबाद प्रेमरंजन सिंह, अधीक्षण अभियन्ता, मेरठ विकास प्राधिकरण डी0सी0 तोमर, अधिशासी अभियन्ता, मेरठ विकास प्राधिकरण अजय, तहसीलदार (सदर) गाजियाबाद अजीत परेश, सहायक अभियन्ता, मेरठ विकास प्राधिकरण राजकुमार सिंह, शिकायतकर्ता विपिन चन्द गुलाठी व देवदास सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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