ड्रोन, सीसीटीवी व हैलीकाॅटर से होगी यात्रा की निगरानी-डीएम

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मेरठ. श्रावण मास की कावंण यात्रा आगामी 17 जुलाई से प्रारम्भ हो रही है कावड़ यात्रा का ेसफलता पूर्वक संचालित करने के लिए शासन व प्रशासनिक स्तर से तैयारियां की जा रही हैं। गत दिनो गौतमबुद्धनगर में मुख्य सचिव व डीजीपी ने अन्तर्राज्जीय बैठक कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने कावंड़ पटरी मार्ग का निरीक्षण कर अधिकारियों को शिवभक्तों का मार्ग सुगम बनाने व सभी आवश्यक तैयारियों को 15 जुलाई तक पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे एनएच 58 आगामी 17 जुलाई से 24 जुलाई तक आंशिक व 24 जुलाई से 30 जुलाई तक पूर्ण रूप से बंद रहेगा।
कावंड़ पटरी मार्ग पर पल्हैड़ा चैपला मोदीपुरम से नानू पुल तक निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने बताया कि कावंड़ मार्ग व यात्रा की निगरानी ड्रोन, सीसीटीवी व हैलीकाॅप्टर से की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर एक कांवड़ यात्रा ऐप बनाया गया है जो कि शिवभक्त कावंडियों के लिए यात्रा में सहायक होगा। ऐप में रियल टाइम पर आधारित मार्ग में स्थित मन्दिरों, शिविरों, स्वास्थ्य शिविरों, थानों व मेडिकल स्टोर आदि का विवरण होगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा के दौरान हाइवे पर निर्माण कार्य बंद रहेंगे तथा कांवड़ पटरी मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था के लिए टेण्डर प्रक्रिया हो गयी है तथा 15 जुलाई तक यह कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा। उन्होंने जर्जर विद्युत तारों को बदलने, विद्युत खम्बों में करंट प्रभावित न हो इसकों सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने बताया कि कावंड़ मार्ग पर पीवीआर की भी व्यवस्था की जाएगीं।
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एसपी सिंह को निर्देशित किया कि वह कावंड़ पटरी मार्ग पर नहर के समीप पुलिया के दोनो ओर व फलाई ओवर ब्रिज के दोनो ओर रोड स्टड (कैटस आई) लगवायें। उन्होंने कावंड़ पटरी मार्ग पर करीब 63 कट है जिनको सिमेंट या बोरी से अस्थायी रूप से या स्थायी रूप से बंद कराने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने बताया कि कावंड़ यात्रा के दौरान प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा तथा शिविर संचालकों से इस सम्बंध में अंडर टेकिंग ली जाएगी कि वह प्लास्टिक के किसी भी सामान का उपयोग नहीं करेंगे तथा यदि शिविर भ्रमण के दौरान यह पाया गया कि शिविर में प्लास्टिक सामान का उपयोग किया गया है तो सम्बंधित शिविर संचालक के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि कावंड़ मार्ग पर एक्सीडेंट जोन का चिन्हीकरण कर लिया गया है तथा अधिकारियों को चिन्हित स्थानों पर या कांवड़ मार्ग में कोई दुर्घटना न हो इसके लिए व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के निर्देशित किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को कावंड़ मार्ग में पड़ने वाले सभी कटों को बंद करने तथा झाड़ियों की छटाई कराने के लिए निर्देशित किया।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन रामचन्द्र ने बताया कि कावंड़ पटरी मार्ग गाजियाबाद के मोदीनगर से रूड़की के मंगलौर तक 121.24 किमी हैं, जिसमें गाजियाबाद में 13 किमी, मेरठ में 41.65 किमी, मुजफफरनगर में 53.59 किमी व मंगलौर में 13 किमी है। उन्होंने बताया कि कावंड़ पटरी मार्ग यूपी की सीमा तक 108.24 किमी है। उन्होंने बताया कि कांवड़ पटरी मार्ग 07 मीटर चैड़ा है।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अविनाश पाण्डे, एसडीएम सरधना अमित भारतीय, अधिशासी अभियंता लोनिवि एसपी सिंह, प्रताप सिंह, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आशुतोष सारस्वत, विशंभर सिंह सहित एनएचएआई के अधिकारी उपस्थित रहे।

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