नकली तेल का धंधा – आईजी जोन आलोक सिंह के निर्देशन पर हुई कार्रवाई, 10 के नाम दर्ज रिपोर्ट, कई बड़े सफेदपोशों का नकाब उतरने की है चर्चा

0
364

पंजाब, हरियाणा और दिल्ली तक फैला था नकली तेल बेचने का काम

मेरठ 22 अगस्त। जनपद में नकली पेट्रोल डीजल तथा मोबील ऑयल बनाने और बेचने की चर्चा पिछले एक दशक से भी ज्यादा से सुनाई देती रही है क्षेत्र की पुलिस, जिला आपूर्ति अधिकारी व पेट्रोलियम तथा बाट-मांप विभाग के लोगों की लापरवाही और उदासीनता के चलते जैसे-जैसे समय बीतता रहा यह काम बढ़ता चला गया। ऐसा मानने वाले उपभोक्ताओं का कहना है कि इसी दौरान पेट्रोल की लाइनें काटकर उसकी चोरी का धंधा भी पनपा लेकिन जिम्मेदार लोगों के द्वारा कोई विशेष कार्यवाई नहीं की गयी परिणाम स्वरूप यह काम बढ़ता गया। और सफेदपोशों के पेट्रोल पम्पों का नकली डीजल पेट्रोल और मोबील ऑयल बिकता रहा इस काम में कौन कौन लोग संलग्न थे यह तो अब धीरे-धीरे खुलकर सामने आयेगा वैसे बताया जा रहा है कि आसपास के कई जिलों में यहां के तेल माफियाओं का जाल फैला हुआ था और पेट्रोल पम्पों पर नकली तेल बिकने और उपभोक्ताओं के बहाने को नुकसान की सूचनाएं भी खूब मिलती थी। लेकिन जांच आदि के नाम पर सब खानापूर्ति ही चल रही थी।

एक खबर के अनुसार जिला आपूर्ति अधिकारी विकास गौतम कह रहे है कि यह विभाग उनके अंडर में आता है लेकिन उन्हें या डीएम को सूचना नहीं दी गयी। डीएसओ साहब आपको तो पहले से इसका संज्ञान होना चाहिए था क्योंकि आये दिन इससे संबंध खबरें पढ़ने और सुनने को मिलती थी। आश्चर्य तो इस बात का है कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन पर सील लगी और नापतौल और जांच के नाम पर शायद वह खोल दी गयी और उनमें पेट्रोल बिकने की खबरे सुनाई दी। जानकारों का कहना है कि यह सील मिलीभगत के आधार पर सील खोल दी गयी बताई जा रही है।
मिलावट का यह गोरखधंधा कितना मजबूत है इसका पता इससे चलता है कि वाहनों के इंजन फेल लेकिन नमूने पास हो रहे थे। आईजी जोन आलोक सिंह के आदेश और निर्देश पर वेद व्यास पुरी में पारस केमिकल तथा देव पुरम में गणपति पेट्रोकैम पर छापा पड़ा जहां से 2.20 लाख लीटर नकली पेट्रोल बरामद हुआ। तीन किलो रंग और एक कैटर भी पकड़ा गया। आरोपी राजीव जैन पुत्र श्रीपाल जैन निवासी महावीर नगर को भी बताते हैं कि रंगेहाथों पकड़ा गया तो अविनाश पांडे एसपी देहात के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच प्रशांत कपिल द्वारा पीपी पेट्रोल पम्प बेगमपुल तथा टीपी नगर क्षेत्र में स्थित अजंता पेट्रोल पम्प आदि सील कराये गये और जैसा कि सुनने को मिला है सब इंस्पेक्टर योगेन्द्र सिंह द्वारा राजीव जैन, प्रदीप गुप्ता, श्वेत, उमेश, तपसीराम, आकाश गर्ग, आनंद प्रकाश कुशवाह, राजवीर, राजकुमार आदि को आईपीसी की धारा 420 और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 में नामित किया गया बताया गया तथा 10 आरोपियों को अदालत में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। नागरिकों को आश्चर्य इस बात का रहा कि नामजद मुल्जिमों के समर्थन में सिफारिशों का दौर भी निरंतन चलता रहा।

आम आदमी में यह चर्चा विशेष तौर पर सुनाई दे रही थी कि क्या सारा नकली पेट्रोल एक ही परिवार के पेट्रोल पम्पों पर खप रहा था। कुल मिलाकर आज जो इस संदर्भ में चर्चाएं सुनने को मिली उससे यही लगता है कि कह चाहे कोई कुछ भी ले जिला पूर्ति विभाग पुलिस और पेट्रोलियम विभाग के अतिरिक्त बांट माप विभाग आदि के कुछ अधिकारियों की सांठगांठ से शहर के कुछ सामाजिक क्षेत्रों में सक्रिय पेट्रोल पम्प मालिक इस आर्थिक मंदी और गरीबी के दौर में थोड़े से लालच में आम आदमी के वाहनों के इंजन की ऐसी तैसी करने में लगे थे ।

नागगरिकों का मौखिक रूप से कहना है कि अगर ईमानदारी के साथ जैसा कि आईजी आलोक सिंह के नेतृत्व में अब कार्रवाई हुई है आगे भी हुई तो एक बहुत बड़ा नेटवर्क मिलावटी और नकली काम करने वालों का खुलकर सामने आ सकता है। क्योंकि जिन लोगों के नाम खुलकर सामने आये है वह पहले भी इस धंधे में चर्चाओं में रहे हैं। हापुड़ रोड पर स्थित एक पेट्रोल पम्प के मालिक व्यापारी नेता तो ऐसे ही मुद्दों को लेकर कई बार मारपीट भी कर चुके हैं। लेकिन उम्मीद है कि अब खादी और खाकी की आड़ में चलने वाले इस धंधे पर रोक लगेगी। क्योंकि कहे और अनकहे रूप में इंस्पेक्टर परतापुर सहित कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ हुई कार्रवाई से पुलिस वालों में भी थोड़ी सी घबराहट होगी।
वैसे बताया जा रहा है कि आसपास के कई जिलों के पेट्रोल पम्पों के संचालकों में खलबली मची हुई है और इस छापेमारी की सूचना खुलकर सामने आई तो कई लोग अपने पेट्रोल पम्प बंद करके भाग गये। आज एक चर्चा यह भी सुनने को मिली कि शहर के चार-पांच पेट्रोल पम्पों के एक मालिक जिसकी राजनीतिक गलियारों में मजबूत पैठ बतायी जाती है उसके द्वारा अपने पुलिस और प्रशासन के कुछ अधिकारियों तथा राजनीतिक सम्पर्कों के चलते मामले को शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है।

दूसरी ओर कुछ अनाधिकृत मौखिक सूत्रों के द्वारा सुनने को मिला कि इस धंधे के काले कारनामों में कई क्षेत्रों के लोग सक्रिय हैं और उन्हें पेट्रोल पम्प संचालकों तथा नकली पेट्रोल बनाने वालों के द्वारा हर महीने मंथली शायद दी जाती बताई गयी है।

फिलहाल एसएसपी मेरठ श्री अजय साहनी ने इस मामले में एसआइटी गठित कर दी है और जानकारों का कहना है कि जांच के क्षेत्र में पंजाब हरियाणा और दिल्ली के भी कुछ क्षेत्रों को रखा गया है। क्योंकि मिलावटी पेट्रोल डीजल वहां जाकर बिकने की भी चर्चा बतायी जा रही है। अभी तक पकड़े गये मुल्जिमों में जो अनाधिकृत से नाम उभरकर आये हैं उनमंे राजीव जैन, उमेश, तपशीराम, प्रदीप गुप्ता, आकाश गर्ग, लवकुश गर्ग, आनंद प्रकाश, रविन्द्र कुशवाह, राजवीर, राजकुमार आदि के नाम शामिल बताये जा रहे हैं।

loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

twelve + six =