डी.एम के निर्देश पर भट्टा सील व संचालक के विरुद्व एफ.आई.आर दर्ज स्वच्छता प्रमाण पत्र व रायल्टी बिना भट्टा संचालित था भट्टा

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मेरठ 9 मार्च।जिलाधिकारी अनिल ढींगरा के निर्देश पर ग्राम बातनौर स्थित श्री गणेश इन्टरप्राइजेज भट्टा पर छापामार कर मानक पूर्ण न होने की दशा में उसे सील कर मालिक के विरुद्व थाना फलावदा में एफ.आई.आर दर्ज कराकर डयूज वसूली हेतु अग्रिम कार्यवाही प्रस्तावित की गई है।

श्री अनिल ढींगरा के आदेष पर उप जिलाधिकारी मवाना अंकुर श्रीवास्तव, खनन अधिकारी संदीप चटर्जी, सी.ओ. यू.एन.मिश्रा द्वारा भट््टे पर छापा मारा गया। छापे के दौरान टीम द्वारा स्वच्छता प्रमाण-पत्र, प्रदूषण विभाग की एन.ओ.सी. व रायल्टी जमा न होने आदि का मामला प्रकाष में आया। उपजिलाधिकारी ने क्षेत्र के लेखपाल को पथेर के लिए प्रयोग किए गये खेत एवं अन्य मानक की जांच रिर्पोट प्राप्त करने के निर्देष दिये, जिसकी जांच उपरान्त खनन की रायल्टी भी वसूल की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि थाना इंचैली अन्तर्गत स्थित उलखपुर निवासी संजय कुमार द्वारा जिलाधिकारी को अपनी समस्याओ से अवगत कराते हुए प्रार्थना पत्र दिया था। जिलाधिकारी ने तत्काल इस प्रकरण की जांच हेतु उप जिलाधिकारी मवाना की अध्यक्षता में टीम गठित कर छापा मारने के निर्देष दिए थे, जिसके अनुपालन में भट्टा के रजिस्टर आदि रिकार्ड के साथ सील कर दिया गया तथा वहंा रखी दो लाख अधिक मूल्य की ईंटों के स्टाॅक की निगरानी हेतु राजस्व अधिकारी व पुलिस को तैनात किया गया है।

डीएम के मार्गदर्शन से मिला शिकायतों के निस्तारण में मेरठ को प्रदेश में तृतीय व मण्डल में प्रथम स्थान

जनपद मेरठ का कार्यभार ग्रहण करते समय जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने जिन बातों को प्राथमिकता पर रखा था उनका धरातल पर परिणाम दिख रहा है। अपर जिलाधिकारी प्रशासन सत्य प्रकाश पटेल ने बताया कि जिलाधिकारी मेरठ अनिल ढींगरा के कुशल निर्देशन में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त जनसमस्याओं/शिकायतों के निस्तारण में प्र्रदेश स्तर पर मेरठ को तृतीय स्थान मिला है। उन्होंने बताया कि यह स्थान जिलाधिकारी मेरठ अनिल ढींगरा द्वारा आयोजित बैठकों में दिये गये कुशल निर्देश एवं नियमित रूप से सभी कार्यो की माॅनीटरिंग का परिणाम है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी की कार्यकुशलता एवं समय समय पर अधिकारियों को दिये गये मार्गदर्शन के कारण ही जन समस्याओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापरक निस्तारण किया जा रहा है, जिसके कारण मेरठ को निस्तारण में मण्डल में प्रथम तथा प्रदेश में तृतीय स्थान मिला है।

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