दूसरी बार पराली जलाने पर होगी एफआईआर

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मेरठ, 24 अक्टूबर (सूवि) प्रदेश सरकार ने फसल अवषेषों को खेत में ही मशीनों के माध्यम से काटकर मिट्टी मेें मिलाने व डि-कम्पोसर आदि अन्य माध्यमों से भी उसके निस्तारण की व्यवस्था की है ताकि किसान फसल अवशेष न जलाये और मिट्टी की उर्वरकता को बढ़ाते हुये फसल उत्पादन की लागत में भी कमी ला पाये। यह जानकारी जिलाधिकारी के0 बालाजी ने सहाकारी गन्ना विकास समिति मवाना के हाॅल में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये दी। उन्होने किसानों को सरसो के बीज व डी-कम्पोसर वितरित किये तथा मल्चर आदि कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया व खेत में जाकर कृषि यंत्रो का प्रदर्षन देखा। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। उच्चतम न्यायालय एवं मा0 राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा फसल अवशेष को खेतो में जलाना दण्डनीय घोषित है। उप कृषि निदेशक ब्रजेश चन्द्र ने बताया कि पराली जलाने पर प्रथम बार में आर्थिक दंड व द्वितीय बार में एफआईआर दर्ज कराने का प्रावधान है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन मदन सिंह गब्र्याल, जिला कृषि अधिकारी प्रमोद सिरोही, मवाना शुगर मिल के महाप्रबंधक, नगलामल शुगर मिल के महाप्रबंधक, समिति के सचिव प्रदीप कुमार शर्मा सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारीगण व प्रगतिषील किसान उपस्थित रहे।

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