मेरठ के चार और जांबाज सेना में बने लेफ्टिनेंट

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मेरठ 13 जून (प्र)। क्रांतिधरा के लोगों का सीना एक बार फिर गर्व से चौड़ा हो गया है। मेरठ के चार जांबाज सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। देहरादून और सिकंद्राबाद में हुई पासिंग आउट परेड में सिद्धार्थ त्यागी, अनुराग राठौर, सनोवर अहमद और आशीष शर्मा को देश सेवा की कमान सौंपी गई। कोरोना के कारण परिवार के लोग इस एतिहासिक पल को भले ही नहीं देख पाए लेकिन, बेटों के हौसले पर गर्व कर रहे हैं। तीन अधिकारियों के पिता सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं।

लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ त्यागी

गढ़ रोड स्थित सोमदत्त सिटी निवासी लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ त्यागी ने बताया कि 2017 में दीवान इंटरनेशनल स्कूल से 95 प्रतिशत अंकों से बारहवीं करने के बाद उन्होंने आईआईटी की तैयारी शुरू की थी। इसी दौरान एनडीए की प्रवेश परीक्षा दी। उनका चयन भी हो गया।

लेफ्टिनेंट अनुराग राठौर 

कंकरखेड़ा स्थित तुलसी कॉलोनी निवासी अनुराग राठौर ने बताया कि 2009 में आर्मी पब्लिक स्कूल से 63 प्रतिशत अंकों से बाहरवीं की परीक्षा पास की थी। 2013 में सेना में सिपाही बन गए और चार वर्ष तक इंजीनियर्स कोर में सेवा की। अधिकारी बनने का जुनून था। आर्मी कैडेट कॉलेज से कमीशन होते हुए उन्हें लेफ्टिनेंट का पद मिल गया। उन्हें पहली पोस्टिंग गढ़वाल राइफल्स और कारगिल के द्रास सेक्टर में मिली है। पिता आरपी सिंह सेना से सेवानिवृत्त हैं।

लेफ्टिनेंट सनोवर अहमद

फाजलपुर स्थित सैनिक विहार निवासी सनोवर अहमद ने एपीएस आर्य पब्लिक स्कूल से 79 प्रतिशत अंक पाकर बारहवीं की परीक्षा पास की थी। वह एनडीए प्रवेश परीक्षा पास कर इस मुकाम तक पहुंचे। पिता इरशाद अहमद सेना से सेवानिवृत्त हैं।

लेफ्टिनेंट आशीष शर्मा

रोहटा रोड स्थित शालीमार गार्डन निवासी आशीष शर्मा ने भी देश सेवा का मुकाम पा लिया। 2016 में आर्मी पब्लिक स्कूल से 93.2 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं पास करने वाले आशीष ने टेक्निकल एंट्री स्कीम से सेना में प्रवेश किया।2016 में गया स्थित ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी से बेसिक ट्रेनिंग करने के बाद कैडेट ट्रेनिंग विंग एमसीएमई सिकंद्राबाद पहुंचे। वह ईएमई कोर में लेफ्टिनेंट बने हैं। पिता संजीव शर्मा दिसंबर, 20 में सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं।

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