गजलकार डाॅ. रामगोपाल भारतीय की आत्म कथा ‘मेरा सफर मेरा नही’ का हुआ विमोचन,डाॅ. कुवर बेचैन ने कहा भारतीय की गजल सम्राट दुश्यत कुमार की याद दिलाती है।

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मेरठ 21 जनवरी।वरिष्ठ गीत व गजल गायक विशिष्ठ कवि डाॅ. कुवर बेचैन द्वारा आज दिल्ली रोड स्थिति रोडवेज के सामने स्थिति चैम्बर आॅफ काॅमर्स सभागर में हिन्दी साहित्य के क्षेत्र मे आपनी एक अगल पहचान रखनें वालें डाॅ रामगोपाल भारतीय की आत्मा कथा ‘ मेरा सफर मेरा नही’ का विमोचन किया गया।समारोह की अध्यक्षता वेद प्रकाश बटुक व संचालन कवि सुमनेश सुमन ने किया तालियों कि गडगड़ा के बीच पुस्तक विमोचन के दौरान डाॅ. महेशचन्द्र दिवाकर, डाॅ. नवीन चन्द्र लोहनी, असलम जमशेदपुरी,डाॅ. पुष्पलाता , देशराज भारती आदि विशेष रूप से मौजुद रहें।

इस मौके पर डाॅ. मीनाक्षी शस्त्री,डाॅ नीता गुप्ता,न अपनी शानदार प्रस्तूती दी तो डाॅ कुवर बैचेन ने भारतीय कि गजल व कविताओं को सराहा अमित अजत, ज्ञानदत हरित, कवि कोैशल कुमार, डाॅ. कृष्ण कुमार बेदील, सत्यपाल सतयम,मनोज कुमार , मनोज, श्रीमति आदर्शिनीय श्रीवास्ताव , अशुतोष , पंकज, डाॅ सरोजिनी तनहा, प्रकाश बटुक आदि ने भी आपनी रचना प्रस्तुत की अयोजन की सफलता में ब्रज राज किशोर,तरूण अरनावली,जे.पी ,चरण सिंह स्वामी, श्याम सुन्दर शर्मा जैन सुमन , सचिन शास्वत , आयुष चिराग ,डाॅ युनुसखान, डाॅ. राम , नन्द सहयोगी, डोरी लालभास्कर, राजकुमार राज , यशपाल कोटसामन, विमंल , ईश्वर चंद गंभीर , ओकांर गुलशन, मदन शर्मा, डाॅ. सुधाकर आशावादी, चन्द्रकान्त, बाबू श्रीमती अलका गुप्ता आदि ने विशेष योगदान दिया।

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