मंगल पांडे नगर में आवास विकास के अधिकारियों की मिलीभगत से रिहायशी फ्लैटों व बिना नक्शे के हो रहे भव्य काॅमर्शियल अवैध निर्माण

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मंडलायुक्त जी ध्यान दीजिए!

अवैध निर्माणों के प्रति केंद्र तथा प्रदेश सरकारों सहित तमाम जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि व न्यायालय चिंतित हंैं। लेकिन अवैध निर्माण है कि सुरसा के मुंह की भांति कम होने के बजाए बढ़ते ही जा रहे हैं। मेरठ मंडल में कमिश्नर मेरठ डा प्रभात कुमार इनकी रोकथाम के लिये हर संभव प्रयासरत है और सप्ताह में कई बार बैठके हो रही है जिसमे आवास विकास के अधिकारी भी मौजूद रहते हैं। लेकिन आवास विकास द्वारा काटी गई कालोनियों में अवैध निर्माणांे की बढ़ रही संख्या कमी होने के बजाए इजाफा ही हो रहा है।
मंडलायुक्त जी इसके पीछे क्या कारण है यह तो करने और कराने वाले जान सकते हैं। लेकिन अनभिज्ञ उनसे कोई नहीं है। उसके बाद भी मंगल पांडे नगर यूनिवर्सिटी रोड पर पेट्रोल पंप व होटल झंकार के बीच बडे बडे भव्य अवैध निर्माणों की जो बाढ आयी है न तो वो खुद रूक रही है और न ही कोई उसे रोक पा रहा है। आज
अवैध निर्माणों से होने वाले नुकसान को रोकने और कमिश्नर मेरठ के अभियान को इस संदर्भ में सफल बनाने के लिये सक्रिय कुछ नागरिकों का कहना था कि मंगल पांडे नगर में विसम्बर सिंह संजीव शुक्ला, शशी भूषण नामक अवैध निर्माण रोकने से संबंध आवास विकास के अधिकारियों की मिलीभगत से यह अवैध निर्माण काफी तेजी से बढ़ रहे हैं।
बताते चले कि यूनिवर्सिटी रोड पर पूर्व संसाद स्वर्गीय अमर पाल सिंह जी के पेट्रोल पंप के पीछे एक बड़े व्यापारी नेता के द्वारा मानचित्र पास बताकर एक भव्य अवैध निर्माण काॅमर्शियल काॅम्पलैक्स का किया जा रहा है।
मौखिक सूत्रों का कहना है कि इसमे से कुछ का मानचित्र पास है तो कुछ का शासन की निर्माण नीति के विपरीत निर्माण हो रहा बताते हैं। जानकारों का यह भी कहना है कि जो जगह बनवाए गए मानचित्र में पार्किंग के लिये छोड़ी जानी थी उसमे भी दुकान ओर आॅफिसों का निर्माण किया जा रहा है बताते हैं दूसरी ओर होटल झंकार के निकट भी एक बड़ा काॅमर्शिलय काॅमपलैक्स बन रहा बताया जाता है।
कमिश्नर साहब इसमे सबसे बड़ी बात तो यह है कि मौखिक सूत्रों के अनुसार यहां सारे निर्माण उपर दिये गए सारे नामों से संबंध उन अधिकारियों की जानकारी और उनकी निगरानी में हो रहे हैं। असलीयत क्या है यह तो पूर्ण जांच का विषय है लेकिन अवैध निर्माण हो रहे मकानों को तोड़कर फ्लैट बनवाए जा रहे हैं तो छोटे छोटे घरों के लिये अलार्ट प्लाटो पर कामर्शलय दुकान बना ली गई ओर बनवाई जा रही हैै और यह सब खुलेआम किया जा रहा है।
कुछ लोगों का कहना था कि इस संदर्भ में जब शशी भूषण नामक अधिकारी को पिछले दिनों बताया गया तो उनके द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिससे ऐसा लगता है कि यह सभी अवैधनिर्माण उपर दिये गए नामों से संबंध अफसरों की मिलीभगत से ही हो रहे हैं।

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