कमिश्नर साहिबा ध्यान दें काली नदी के पास गढ रोड पर हजारों गज में अवैध रूप से बन रहा है विवाह मंडप लाॅ फलोर

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मेरठ 18 जनवरी। मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारी शहर में स्थित विवाह मंडपो व समारोह स्थलों का निर्माण नियम अनुसार न होने के चलते उनके खिलाफ कार्रवाई करनेे का ढिंढोरा पीट अपने उच्चाधिकारियों व शासन और प्रशासन के अफसरों को किस प्रकार से गुमराह कर रहे है। वैसे तो यह अनेक बार स्पष्ट हो चुका है। लेकिन गढ़ रोड पर स्थित काली नददी से आगे लगभग 15 हजार गज में ला फ्लोर नाम से बन रहे विवाह मंडप को इसको जीते जागते उदाहरण के रूप में देखा जा सकता है।
असलीयत क्या है यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा लेकिन फिलहाल मौखिक सूत्र व चर्चाओं से जो पता चलता है उसके अनुसार गढ़ रोड पर ही स्थित राधा गांेविंद मंडप के संचालक मनोज गुप्ता और उनके कुछ साथियों द्वारा सीधे सीधे या घूमा फिराकर इस भव्य विवाह मंडप का निर्माण अवैध रूप से कराया जा रहा है ।
चर्चा है कि एमडीए के जोन प्रभारी और अवैध निर्माण रोकने से संबंध अन्य अधिकारियों के द्वारा कार्रवाई की तलवार से बचने और अपने आप को पाक साफ दर्शाने के लिये विवाह मंडप निर्माणकर्ता को काम करने की पूरी छूट देकर इसे कागजी चक्र व्यूह में फंसाने के लिये एक मानचित्र एमडीए में डलवा दिया गया।
और जो चर्चा है उसके अनुसार डिमांड लेटर भी भेज दिया गया। मगर आसपास के नागरिकों का मोखिक रूप से कहना था कि यहां किसी भी प्रकार से विवाह मंडप का निर्माण नहीं हो सकता। इसलिये नक्शा पास नहीं किया जा रहा लेकिन मोटा सुविधा शुल्क पास कर अवैध निर्माण से संबंध अधिकारी युद्ध स्तर पर कार्य को पूरा करने की छूट दिये हुए हैं। बताया तो यह भी जा रहा है कि करीब तीस फुट उंचे लगभग तीन दर्ज पलर बनकर तैयार हो ुचके हैं। औरअ ब अन्य पीलर बनाकर लेंटर डालने की तैयारी की रूप रेखा पर्दे के पीछे से जोन प्रभारी और अन्य अधिकारियों से मिलीभगत कर निर्माणकर्ता द्वारा डालने की तैयारी कर रहा है।
मंडलायुक्त जी एक तरफ एमडीए वीसी अवैध निर्माणों को रोकने का प्रपंच कर रहे हैं और इस कड़ी में उच्चाधिकारियों को गुमराह करने और अपने आप को ईमादार दिखाने के लिये इस संदर्भ में खबरे भी छवाई जा रही हैं।
दूसरी तरफ इस प्रकार अवैध रूप से बन रहे विवाह मंडपों को बढ़ावा दिया जा रहा है। कमिश्नर साहिबा शहर में दिन में कई बार लगने वाले जाम और आम आदमी को इससे होने वाली परेशानी जो इन विवाह मंडपों के कारण हो रही है उससे कोई भी अनजान नहीं है। खुद एमडीए के अधिकारी जो विवाह मंडप बने हुए उनके खिलाफ कार्रवाई का दिखावा करते नहीं थक रहे हैं। और दूसरी तरफ सरकार के इससे संबंध निर्माण नीति के बिल्कुल विपरीत धुंआधार तरीके से नए अवैध निर्माण छोटे बड़े हो रहे है और इसके जीते जागते उदाहरण के रूप में जिस विवाह मंडप का चर्चा किया जा रहा है उसको देखा जा सकता है। – मौखिक चर्चा के अनुसार

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