इंडिया टुडे द्वारा आयोजित ’’इंडिया एग्रो समिट एण्ड एवाॅर्ड 2018’’ में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेष प्रथम पुरस्कार से सम्मानित।

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नई दिल्ली:भारत के ताजा आंकडे़ बताते हैं कि देष के कुल दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेष की भागीदारी करीब 17 फीसदी है, राज्य में मौजूदा वर्ष में 262.36 लाख टन दुग्ध उत्पादन हुआ है। यह बात श्रीमती धनलक्ष्मी के0, अपर स्थानिक आयुक्त, उ0प्र0 शासन ने ए0पी0 षिंदे सभागार, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली में इंडिया टुडे द्वारा आयोजित ’’एग्रो समिट एण्ड एवाॅर्ड 2018’’ में श्री राधा मोहन सिंह, कृषि मंत्री, भारत सरकार से उत्तर प्रदेष को दुग्ध उत्पादन हेतु प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने के अवसर पर कही। उन्होने आगे बताया कि उत्तर प्रदेष के बाद दुग्ध उत्पादन में राजस्थान दूसरे, मध्य प्रदेष तीसरे, गुजरात चैथे और आंध्र प्रदेष पांचवे ंस्थान पर है।
श्रीमती धनलक्ष्मी के0 ने कहा कि उत्तर प्रदेष के ये आंकडे़ 2016-17 के हैं, उस दौरान सूबे में कामधेनु और अन्य योजनाएं चलाई गई थी। मााननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेष में डेयरी क्षेत्र को और मजबूत करने पर जोर दिया है तथा राज्य सहकारी क्षेत्र के ब्रांड पराग को और मजबूत बनाने का खाका भी तैयार कर लिया है।
देष का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक होने के साथ उत्तर प्रदेष में गाय और भैंसो की सबसे अधिक तादाद भी है। यह संख्या करीब 1.7 करोड़ है। खेरीगढ़, पोनवार और केंकथा उत्तर प्रदेष में खूब दूध देने वाली गायों की नस्लें हैं। सूबे में 40 से अधिक दुग्ध सहकारी संस्थांए हैं जो देष के विभिन्न राज्यों में दूध सप्लाई करती है।
श्रीमती धनलक्ष्मी के0 ने आगे बताया कि उत्तर प्रदेष के लाखों ग्रामीण परिवारों के लिए दुग्ध व्यवसाय आय का दूसरा महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है। रोजगार प्रदान करने और आय बढ़ाने में दुग्ध व्यवसाय की भूमिका बेहद अहम हो गई है। अन्त में अपर स्थानिक आयुक्त महोदया ने प्रथम पुरस्कार उत्तर प्रदेष को प्रदान करने हेतु सभी का आभार पृकट किया।

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