Friday, March 1

सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड पहुंचा ‘करीम होटल’ प्रकरण, दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित

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मेरठ 25 जनवरी (प्र)। दिल्ली रोड पर बना करीम होटल ‘वक्फ’ की जमीन पर ही बना है। अब यह चर्चा आम हो गई है। मामला वक्फ से जुड़ा होने के कारण यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड भी एलर्ट हो गया है। उसने भी इस मामले में हस्तक्षेप कर दो सदस्यीय जांच कमेटी के गठन की घोषणा कर दी है। वक्फ मामलों के जानकार काजी शादाब के अनुसार दिल्ली रोड पर बना करीम होटल वक्फ की जमीन पर ही बना है। उन्होंने बताया कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और अब यह यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के दरबार में पहुंच गया है। काजी शादाब के अनुसार वक्फ बोर्ड के चेयरमेन जुफर फारुखी ने इस प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यों की एक कमेटी भी गठित कर दी है जो शीघ्र ही मेरठ आकर इस मामले को देखेगी।

करीम होटल का उद्घाटन 8 जनवरी को होना था और इसी दिन उद्घाटन से पूर्व ही मेरठ विकास प्राधिकर (मेडा) के प्रवर्तन दल ने पुलिस फोर्स की मौजूदगी में इसे सील कर दिया था। आरोप था कि इस होटल का निर्माण मानचित्र स्वीकृत किए बिना ही करा दिया गया। काजी शादाब के अनुसार यह वक्फ अलल खैर है हालांकि मेरठ विकास प्राधिकरण की इस कार्रवाई पर सवाल भी खड़े हुए कि आखिर तीन मंजिला इमारत पर वक्त रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई और क्यों उद्घाटन के दिन ही इसे सील किया गया। सूत्रों के अनुसार यह वक्फ अलल खैर है और वक्फ संख्या 519 है। मेडा ने इस होटल के धवस्तीकरण का ब्ल्यू प्रिंट भी तैयार कर लिया है और गणतंत्र दिवस के बाद इस होटल पर बुल्डोजर चल सकता है।

सूत्रों के अनुसार यदि प्रशासन से फोर्स उपलब्ध हो जाता है तो 27 जनवरी को इस होटल पर बुल्डोजर चलाने की कार्रवाई भी संवभ है। उधर काजी शादाब ने आरोप लगाया है कि जिस प्रकार करीम होटल बनाने के लिए वक्फ की भूमि का इस्तेमाल किया गया उसी प्रकार शहर में न जाने कितनी ही वक्फ प्रॉपर्टियों पर नाजायज कब्जे हुए हैं लेकिन इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

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