मा0 राज्यपाल ने किया साहित्यिक फेस्टिवल-2017 का उद्घाटन

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मेरठ. प्रदेश के मा0 राज्यपाल राम नाईक ने आज आई0आई0एम0टी0विश्व विद्यालय एवं ग्रीन केयर सोसाइटी के तत्वाधान में आयोजित मेरठ साहित्यिक फेस्टिवल-2017 का उद्घाटन सत्र का शुभारम्भ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर किया।
मा0 राज्यपाल ने साहित्यिक फेस्टिवल को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति का सबसे अच्छा साथी किताब होती है, क्यांेंकि वह कुछ न कुछ ज्ञान अवश्य प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि साहित्य वह है जो आपके दिल को छूता है तथा आपकी लेखनी से दिल को जो अच्छा लगता है वह साहित्य की श्रेणी में आता है । उन्होंने कहा कि मेरठ की धरती पूज्य है यहां की क्रान्तिधरा से प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का शुभारम्भ हुआ, जिसका अलग ही महत्व है। उन्होंने कहा कि यहां के अमर शहीदों ने स्वतंत्रता आन्दोलन की लड़ाई में अपने जीवन का बलिदान देते हुए स्वतंत्र गगन के नीचे जीवन जीने की सीख दी। उन्होंने कहा मेरठ की धरती महाभारत काल से जुडी है, जहंा से साहित्यिक महाकुम्भ का शुरुआत होना अपने में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें मेरठ की क्रान्तिधरा में बार-बार आने में विशेष आनन्द का अनुभव होता है ।
मा0 राज्यपाल ने कहा कि संस्कृत भाषा सभी भाषाओं की जन्नी है तथा सभी भाषायें आपस में बहनें है। उन्होंने कहा कि हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा है जिसे सभी भाषाओं की बडी बहन है के रुप में जाना जाता है। उन्होंने कहा हिन्दी को सभी लोगो को प्राथमिकता पर अपनाना चाहिए तथा उसके प्रयोग के लिए लोगो को अधिकाधिक जागरूक करना चाहिए।
उन्होंने कहा मेरठ की क्रान्तिधरा से तीन द्विवसीय मेरठ साहित्यिक फेस्टिवल का शुभारम्भ आज हुआ है,जिसमें तीन दिन तक 6 सत्रों में लघु कहानी,काव्य पाठ,लोक साहित्य आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी, इस महाकुम्भ में साहित्यिक धरा का निर्माण होगा,जिससे आम लोग पढकर लाभान्वित होगें । उन्होंने कहा कि 1947 से कश्मीर में छद्दम युद्व चल रहा है, जिसके संबंध मे साहित्य के माध्यम से चर्चा होगी जो लोगों को शान्ति की ओर अग्रसारित करेगा । उन्होंने कहा इसमें चर्चा होगी कि कश्मीर में सेना की दृष्टि से क्या हो रहा है और क्या होना चाहिए ।
उन्होने स्वय रचित पुस्तक ‘‘चलते रहो चलते रहो’’ के विषय मे विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पुस्तक उनके जीवन का अनुभव है, जिसको 4 भाषाओं में अनुवाद कर प्रकाशित किया गया है। उन्हांेने सभी मंचासीन अतिथियों को भी अपनी रचित पुस्तक को भेंट किया। इस अवसर पर मा0 राज्यपाल ने कैम्पस में आयोजित पुस्तक प्रदर्शनी का अवलोकन किया,जिसकी भूरी-भूरी प्रशंससा की ।
इस अवसर पर नेपाल से आये वरिष्ठ साहित्यकार बंसत चैधरी,प्रो0राजीव कृृष्ण सक्सेना अध्यक्ष सार्क विश्वविद्यालय दिल्ली, शरण घई वरिष्ठ साहित्यकार कनाडा,डा0स्वेता दीप्ति नेपाल,डा0 योगेन्द्र नाथ शर्मा अरुण पूर्व साहित्य अकादमी भारत सरकार,,छत्रपति सुहैल वरिष्ठ साहित्यकार भुटान, आई0आई0एम0टी0 के वाईस चांसलर योगेश मोहन गुप्ता,ग्रीन केयर सोसाइटी के सदस्य डा0 रामगोपाल भारती,डा0 विजय पण्डित,श्रीमती अनिता नेपाल,विघनेश त्यागी,ईश्वर चन्द गम्भीर,आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। काफी संख्या नेपाल सहित अन्य देशों के प्रसिद्ध साहित्यकार उपस्थित रहे।
इस अवसर पर जिलाधिकारी समीर वर्मा,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजील सैनी,वाईस चांसलर चै0 चरण सिंह विवि डा0 एन.के. तनेजा सहित पुलिस,प्रशासनिक अधिकारी सहित अन्य साहित्यकार, कवि एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे ।

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