दरिंदे पिता ने दुधमुंही बच्ची को गला दबाकर मार डाला

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मेरठ 22 सितंबर। इंचैली के सैनी गांव में शुक्रवार तड़के दिल दहला देने वाली वारदात हुई। पत्नी से विवाद के बाद दरिंदे युवक ने अपनी सात माह की दुधमुहे बच्ची को गला दबाकर मार डाला। हत्या के बाद उसे ईख के खेत में फेंक आया। ग्रामीण जब खेत में पहुंचे तो वहां मृत बच्ची के शरीर को कुत्ते नोच रहे थे। ग्रामीणों ने कुत्तों से शव छुड़ाकर जमीन में दबा दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मूल रूप से कस्बा फलावदा निवासी कृष्ण उर्फ किशन और पत्नी रानी पिछले डेढ़ साल से सैनी गांव में किराए पर रह रहे हैं। कृष्ण ने दो बीघा जमीन बंटाई पर ले रखी है। इसी में वह परिवार की गुजर-बसर करता है। पिछले तीन दिन से दंपति के बीच इसलिए विवाद था, क्योंकि रानी गांव के घरों में कामकाज करना चाहती थी। कृष्ण इसके लिए मना करता था। शुक्रवार तड़के चार बजे भी यही विवाद हुआ। जिसके बाद रानी घर से कहीं चली गई। उसके पीछे कृष्ण ने अपनी सात माह की मासूम बेटी कशिश की गला दबाकर हत्या कर दी।वारदात के बाद वह बच्ची के शव को प्रमोद के ईख के खेत में फेंककर फरार हो गया। ग्रामीण सुबह शौच के लिए खेत में पहुंचे तो देखा कि बच्ची के शव को कुत्ते नोंच रहे थे। उन्होंने कुत्तों को खदेड़कर शव को छुड़ाया और जोहड़ में जाकर दबा दिया। ग्रामीण शव को दबाकर अपने-अपने घर लौट आए। कुछ देर बाद रानी घर पर लौटी तो बच्ची को गायब पाया। इस बीच कृष्ण भी वहां पहुंच गया। दंपति ने ग्रामीणों पर ही बच्ची की हत्या का आरोप लगा दिया। इस पर ग्रामीण भड़क गए और दंपति की पिटाई कर दी। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस दंपति को हिरासत में लेकर थाने ले आई। कड़ाई से पूछताछ में कृष्ण ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। पूरे मामले में पत्नी रानी ने आरोपी पति कृष्ण के विरुद्ध इंचैली थाने में एफआईआर कराई है। डेढ साल पहले किया था प्रेम विवाह कृष्ण उर्फ किशन फलावदा का रहने वाला है। कुछ समय पहले वह शहर के एक बड़े हॉस्पिटल में नौकरी करता था। नौकरी छोड़ने के बाद उसने फलावदा में निजी प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। करीब दो साल पहले रानी उसके क्लीनिक पर दवाई लेने के लिए आई थी। तभी दोनों में प्रेम संबंध बन गए थे। उस वक्त रानी पहले से शादीशुदा थी। रानी ने धर्म बदलकर फलावदा के ही युवक से शादी रचाई थी। कृष्ण के संपर्क में आने के बाद वह अपने दो बच्चों को छोड़कर उसके साथ डेढ़ साल पूर्व सैनी गांव में आकर रहने लगी थी। रानी का दूसरे के घर जाना नहीं था पसंद कृष्ण ने खंजूपुर गांव में दो बीघा जमीन बंटाई पर ले रखी थी। अब चार दिन से रानी गांव के एक घर में झाड़ू-पोंछा करने के लिए जा रही थी। कृष्ण इसका विरोध कर रहा था। कहता था कि जब वह कमाता है तो रानी को काम करने की क्या जरूरत है। इसी को लेकर दंपति में पिछले तीन दिन से विवाद था। कृष्ण उससे कामकाज के लिए मना करता था। वहीं रानी कहती थी कि दो बीघा खेती बंटाई में उनका खर्च नहीं चलता। कृष्ण के पांच भाई-बहन हैं। उस पर फलावदा में सात बीघा जमीन भी है। एक माह पहले बच्ची को सड़क पर छोड़ आया था शायद कृष्ण को बेटी पसंद ही नहीं थी। एक महीना पहले वह कशिश को लावड़ के अंधावली मार्ग पर छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस को यह बच्ची लावारिस हालत में मिली थी। उसे तलाशते हुए पहुंची रानी बच्ची को सकुशल घर लेकर आई थी। अब पत्नी से विवाद के बाद कृष्ण का निशाना बच्ची ही बनी। अपने कलेजे के टुकड़े का गला घोंटने में उसके हाथ जरा भी नहीं कांपे। इतना ही नहीं, हत्या छिपाने के लिए वह मासूम बेटी के शव को खेत में भी फेंक आया।आवेश में आकर बच्ची को मार डालाघंटों पूछताछ में कृष्ण पुलिस को बरगलाता रहा। वह मना करता रहा कि उसने हत्या नहीं की है। कड़ाई से पूछताछ में वह टूट गया और अपना जुर्म कुबूल लिया। बोला कि विवाद के बाद सुबह तीन बजे पत्नी घर से निकल गई। इस पर उसे और ज्यादा गुस्सा आ गया। आवेश में आकर उसने बच्ची का गला घोंट दिया।

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