प्रबंध निदेशक सहकारी ग्राम विकास बैंक ने विकास भवन में की मंडल स्तरीय समीक्षा

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मेरठ (सू0वि0) :उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी सुविधा अनुसार दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराकर उनकी समस्याओं के निस्तारण व उनकी तरक्की में सहायक बनना है। वर्ष 1969 में स्थापित इस बैंक की प्रदेश में 323, मंडल में 20 व जनपद मेरठ में 04 शाखाएं स्थापित हैं। विकास भवन सभागार में बैंक के प्रबंध निदेशक आंद्रे वामसी आईएएस ने समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देश दिए की वसूली के लक्ष्य को पूर्ण करने पर उनका वेतन रोक दिया जाएगा और कठोर विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
बैंक के प्रबंध निदेशक आंद्रे वामसी ने राजस्व विभाग से उपस्थित अधिकारियों से अपेक्षा की कि वह ऋण वसूली की आरसी की वसूली में अपेक्षित सहयोग प्रदान करें। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड द्वारा मंडल में ₹19 करोड रुपए ऋण वितरण का लक्ष्य था जिसके सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2019.20 में 5.40 करोड रुपए ऋण वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि ऋण वितरण के सापेक्ष वसूली 57 प्रतिशत है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड किसानों का एक हितकारी व भरोसेमंद बैंक है, वह किसानों के हमेशा काम आया है। उन्होंने बताया कि बैंक से जनपद में करीब 5000 किसान व मंडल में करीब 14000 किसान जुड़े हैं ,बैंक किसानों को दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराता है तथा बैंक में सावधि जमा पर अन्य बैंकों व सहकारी बैंकों के सापेक्ष 0.5 प्रतिशत ब्याज अधिक दिया जाता है।

बैंक के रीजनल मैनेजर अरुण कुमार निगम ने बताया कि 31 अगस्त 2019 तक सावधि जमा में 7.83 करोड़ रुपए की सावधि जमा मंडल में है। उन्होंने बताया कि बैंक किसानों को लघु सिंचाई, कृषि पंजीकरण, पशुपालन, डेयरी, उद्यानीकरण, डनलप कार्ट ,मुर्गी पालन, ग्रामीण आवास, अकृषि क्षेत्र आदि 14 मदों में ऋण उपलब्ध कराता है।इस अवसर पर बैंक के डिप्टी रजिस्ट्रार कोपरेटिव एनके सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त मेरठ सुभाष चंद्र प्रजापति, अपर जिला अधिकारी गाजियाबाद ,उप जिलाधिकारी हापुड़ व सभी ए0 आर0 उपस्थित रहे।

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