मुझे सदन में बोलने नहीं दिया इसलिए दिया इस्तीफाः मायावती

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मेरठ 18 सितंबर। राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद बीएसपी सुप्रीमो मायावती मेरठ के परतापुर में पहली बार जनसभा को संबोधित किया। सहारनपुर हिंसा पर बोलते हुए मायावती ने कहा, इस जातीय संघर्ष का राजनैतिक फायदा लेने की कोशिश की। दलितों के आंसू पोंछने के लिए बीजेपी के नेताओं ने ये संघर्ष कराया। सदन में सहारनपुर कांड के बारे में बोलने नहीं दिया गया, इसलिए मैंने इस्तीफा दिया। मायावती ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया, इस वक्त इमरजेंसी से भी ज्यादा हालात खराब है। सीबीआई, ईडी जैसे जांच एजेसियां विरोधी पार्टी के नेताओं को टारगेट कर रहे हैं। अपने नेताओं को बचाने की कोशिश खूब रही है। बीएसपी चीफ मायावती ने कहा कि चुनावों के वक्त हुई ईवीएम की गड़बड़ी से बीएसपी का काफी नुकसान हुआ है। ईवीएम में गड़बड़ी के मुद्दे को पार्टी सुप्रीम कोर्ट तक ले गई। सरकार पर एक और आरोप लगाते हुए मायावती ने कहा, प्रमोशन में आरक्षण का मामला अब तक लटका है। प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण अब भी रुका हुआ है। बीजेपी की शुरु से ही आरक्षण विरोधी मानसिकता है। ैब्-ैज् के साथ व्ठब् वर्गों के लिए बाबा साहब आंबेडकर ने खूब काम किया। धारा-340 की व्यवस्था कर बाबा साहेब ने ओबीसी वर्ग के लिए बड़ा काम किया। चुनावों के वक्त बीजेपी ने वादा किया था सरकार बनने के बाद किसानों का सभी कर्ज माफ हो जाएगा। सरकार बनने के बाद योगी सरकार ने कहा, एक लाख का कर्ज माफ करेंगे। इस सरकार ने हद पार करते हुए किसानों का एक रुपया, दो रुपया तक माफ किया। ये किसानों के साथ धोखा नहीं तो क्या है। जनसभा में बोलते हुए मायावती ने दो बार अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को टोका। एक मौका ऐसा आया, जहां मंच के पास कार्यकर्ता ढोल वालों से खूब तेजी से ढोल बजाने के लिए कह रहे थे।
पार्टी छोड़कर जाने या पार्टी से निष्कासित करने के मामले में पार्टी या संबंधित नेता जो भी कहते हों, लेकिन इसे लेकर अन्य लोगों के अपने तर्क होते हैं। पार्टी में अब ऐसे नामों और चेहरों की साफ कमी दिखेगी, जो अपने दम पर भीड़ और वोट बटोर लेते थे। खुद छोड़कर जाने वालों पर पार्टी के खिलाफ गतिविधियों में संलिप्तता और अनुशासनहीनता होता है तो छोड़कर गए नेता आरोप मायावती को धन का पुजारी बताने से जुड़ा होता है।

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