जातीय संघर्ष के 24 घटे बाद भी केवल तीन आरोपित गिरफ्तार, तनाव

0
44

मेरठ 10 अगस्त। उल्देपुर गाव में ठाकुर व अनुसूचित जाति के बीच जातीय संघर्ष के दौरान रोहित कुमार की हत्या के बाद अनुसूचित जाति के लोगों ने शासन-प्रशासन पर सत्ता के दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। मृतक परिवार व बिरादरी के लोगों का कहना है कि घटना के 24 घटे से अधिक बीत जाने के बावजूद केवल पुलिस तीन आरोपितों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। जबकि इसमें दो घायल अस्पताल में भर्ती हैं। इसके अलावा 6 आरोपित अभी भी गाव में खुलेआम घूम रहे हैं। अनुसूचित जाति के लोगों का कहना है कि हुए जातीय संघर्ष में यदि दूसरे पक्ष के साथ कोई बड़ी अनहोनी हो जाती तो सत्ता के दबाव में पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई की दशा किसी ओर स्थिति में होती। ग्राम प्रधान नरेन्द्र कुमार, मृतक रोहित के दादा राजपाल समेत दर्जनों ग्रामीणों का कहना है कि गाव में इतनी बड़ी घटना हो गई, मामला लखनऊ तक पहुंच गया। लेकिन स्थानीय क्षेत्रीय किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी व बिरादरी से राज्यसभा सांसद काता कर्दम का कोई अता-पता नहीं है। दोनों ने अभी तक कोई सुध नहीं ली। आरोप लगाया कि दोनों ही जनप्रतिनिधि सत्ताधारी पार्टी भाजपा से जुडे़ हैं, इसलिए हो सकता है उन्हें हाईकमान ने उल्देपुर गाव जाने के लिए मना किया हो। मृतक रोहित के घर आज आने-जाने वालों का ताता लगा रहा। रिश्तेदारों से लेकर अनुसूचित जाति से जुडे़ कई संगठन गाव पहुंचे और पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी लेने के बाद हरसंभव सहायता करने की बात की। आबेडकर समिति, समता दल, मिशन सुरक्षा परिषद समेत कई संगठनों के सदस्यों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात करते हुए पुलिस से फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए मांग रखी। खासकर ठाकुर बिरादरी के मोहल्ले में कई घरों पर ताला लगा मिला। एसपी देहात राजेश कुमार ने आरएएफ व पुलिस बल के साथ गाव में फ्लैग मार्च किया। इससे पहले एसपी देहात ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और शेष आरोपितों को जल्द से जल्द से गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया।

loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

3 × 1 =