मा. सदस्या ने जानी सफाई कर्मियों की समस्या मानव मल उठाने की कुप्रथा का जड़ से अंत जरूरी-मंजु दिलेर मैनुअल स्कैवेन्जर्स को दें शासन की येाजनाओं का लाभ-मा सदस्या

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मेरठ:राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग भारत सरकार की मा. सदस्या श्रीमती मंजु दिलेर ने कहा कि मानव का मल मानव द्वारा ढोना एक अमानवीय कृत है, जिसे खुद मा0 न्यायालय ने भी कानूनी अपराध माना है। उन्होने बताया कि मानव का मल मानव द्वारा ढोना जैसी कुप्रथा को मैनुअल स्कैवेन्जर्स एक्ट 2013 में लागू कर प्रतिबंधित किया गया था, किन्तु अभी भारत वर्ष के 12 राज्यों में यह कुप्रथा चली रही, जिसमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है । उन्होंने कहा वर्ष 2013 से पूर्व यह कुप्रथा का कार्य काफी संख्या में था,लेकिन अब उत्तर प्रदेश के 47 जनपदों में से मेरठ में भी मानव मल उठाये जाने की कुप्रथा आज भी चल रही है। उन्होंने बताया कि इस कुप्रथा को जड से खत्म करने हेतु स्वच्छकार मुक्ति योजना शुरु की गई है, जिसमें ऐसे सभी लोगों को जोडकर योजनान्तर्गत 40 हजार का आर्थिक अनुदान प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाना हैं।
मा.सदस्या ने सर्किट हाऊस सभागार में संबधित अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी मा.प्रधानमंत्री जी का स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए सरकार की मंशा के अनुरुप, बिना भेदभाव के समाज के दबे कुचले वर्ग के लोगों को हक देने के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा की स्वच्छ भारत के साथ सबका साथ सबका विकास का नारा ही मा.प्रधानमंत्री जी का सपना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह रि-सर्वे कराकर मानव मल सिर पर ढोने की कुप्रथा में जो लोग लगे है उनको प्राथमिकता पर स्वच्छकार मुक्ति योजना से लाभान्वित करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर इस कुप्रथा में संलिप्त लोगों को चिन्हित कर उन्हें मुक्त कराया जाये ।
मा.सदस्या ने जिलाधिकारी को नगर निगम से संबंधित सफाई कर्मियों की 2215 संविदा सफाई कर्मियों का प्रकरण, जिनमें से हटाये 17 कर्मियों को बहाल कराने, 200 सफाई कर्मियों का हुआ टैण्डर निरस्त कराने, नियुक्त सफाई कर्मियों को शैक्षिक योग्यता के आधार पर लिपिक आदि पदो पर पदोन्नति कराने, सवेतन साप्ताहिक अवकाश देने,सफाई कर्मियों को सैफटी किट देने ,आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत मलिन व दलित बस्तियों में छुटे लोगों का पंजीकरण कराने, समान काम समान वेज दिलाने, मृतक आश्रित का चिकित्सा क्षतिपूर्ति बिल भुगतान कराने आदि समस्याओं को अवगत कराने हुए समय से निराकरण के लिए कहा।
उन्होंने कहा सफाई कर्मी दबे कुचले समाज से है, इसलिए अधिकारी उनको उनका हक पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता से दें तथा किसी प्रकार से उनका शोषण न होने दें। उन्होंने कहा जो इस समाज के जो परिवार नौकरी से वंचित है उन परिवार के लोगों को प्राथमिकता पर नौकरी में रखा जाये न कि एक ही परिवार के लोगों को । उन्होने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी सफाई कर्मियों के साथ किसी मारपीट आदि की घटना की प्राथमिकी दर्ज कराने तथा उन्हे पूर्ण सुरक्षा देने के साथ हर सम्भव न्याय देने की बात रखी । इस पर जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी के साथ न्याय कराने व उनकी समस्याओं को निस्तारण करने हेतु मा. सदस्या को आश्वस्त किया ।
बैठक मे मा. सदस्या को जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) पारितोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में 7 कैम्प लगाकर मैनुअल स्कैवेन्जर्स एक्ट 2013 के आधार पर 1956 लोगो को हाथ से मल उठाने कार्यो की श्रेणी में चिन्हित किया गया था। उन्होंने बताया कि इससे 2011 की जनगणना के आधार पर पूर्व में 117 सर्वेक्षित/चिन्हित मैनुअल स्कैवेन्जर्स है, जिनमें 76 ऋण लेने के इच्छुक है, जिसमें 16 को रुपया 19 लाख 20 हजार का ऋण बैंको से स्वीकृत कराया गया है जिसमें 09 लाख 60 हजार का अनुदान दिया गया है। उन्होंने बताया कि 48 चिन्हित लोगो के बैक स्तर से फार्म रिजेक्ट कर दिये गये तथा बैंको में 12 लोगो के ऋण हेतु प्रार्थना पत्र लम्बित है ।
इस अवसर पर जिलाधिकारी अनिल ढींगरा,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार,नगर मजिस्टेªट शैलेन्द्र कुमार सिंह, ए.सी.एम.ओ., अपर जिला पंचायत राज अधिकारी,नगर निगम एवं संबधित विभागीय अधिकारी सहित सफाई कर्मचारी पदाधिकारी राजू धवन, कैलाश चन्दोला सहित अन्य सफाई कर्मी उपस्थित रहे।

19 सितम्बर को सर्किट हाऊस में होगी महिला उत्पीड़न सम्बधी मामलों की जनसुनवाई पीड़ित महिलायें मा0सदस्या के समक्ष उपस्थित होकर रखें अपनी समस्यायें
उ0प्र0 राज्य महिला आयोग के सदस्य सचिव ने बताया कि दिनांक 19 सितम्बर 2018 को प्रदेश की राज्य महिला आयोग की मा0 सदस्या श्रीमती मीना कुमारी द्वारा सर्किट हाउस में प्रातः 11 बजे से जनपद के महिला उत्पीड़न सम्बंधी मामलों की जनसुनवाई करेंगी। उन्होंने कहा है कि जनपद की ऐसी पीड़ित महिलाएं 19 सितम्बर 2018 को मा0 सदस्या के समक्ष उपस्थित होकर अपनी घरेलू हिंसा, दहेज आदि महिला उत्पीड़न सम्बंधी समस्याओं को प्रस्तुत कर उसका निस्तारण करा सकती है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा महिला उत्पीडन की रोकथाम एवं पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए महिला उत्पीडन संबंधी मामलों की जुनसुनवाई का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इस अवसर पर पुलिस, प्रोबेशन, समाज कल्याण एवं सम्बंधित विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

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