नगर निकाय वसूली बढाकर विकास कार्यो में लायें तीव्रताः डीएम

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मेरठ 8 दिसंबर। जिलाधिकारी समीर वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व वसूली कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई एवं कोताही न बरतें तथा वे अपने विभागीय दायित्वों को पूर्ण सक्रियता एवं शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरुप निर्धारित लक्ष्य को समयबद्वता पर पूर्ण करना सुनिश्चित करें । उन्हांेने उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं राजस्व कार्यो से जुड़ें अधिकारियों को को निर्देशित किया कि वह बडे बकायादारों को रणनीति के तहत वसूली अभियान प्रारम्भ करें। उन्होंने राजस्व वसूली में धीमी प्रगति वाले विभागों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए वसूली कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी समीर वर्मा कलेक्टेªट स्थित बचत भवन में राजस्व वसूली व कर-करेत्तर की आयोजित मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि राजस्व वादों में हुए निर्णयों का क्रियान्वयन धरातल पर प्रस्तुत होना चाहिए। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया वह अपने विभागों में कोई भी राजस्व सम्बधी वाद लम्बित न रखे,ं सभी वादों का ससमय निस्तारण करें। उन्होंने 122 के तहत वादों के निस्तारण में भी तीव्रता लाने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी नगर मुकेश चन्द्र, सचिव एमडीए राजकुमार पुलिस अधीक्षक नगर मान सिंह चैहान, उपजिलाधिकारी सदर सुश्री निशा, मवाना अंकुर श्रीवास्तव, सरधना राकेश कुमार सिह, एआरटीओ श्वेता वर्मा, एसीएम अरविन्द कुमार सिंह, अमिताभ यादव, मुख्य अभियंता के0बी वाष्र्णेय, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी सहित आदि अधिकारी उपस्थित रहे।
यमुना तट को क्षति के लिए आर्ट आॅफ लिविंग जिम्मेदारः एनजीटी
नई दिल्ली 8 दिसंबर। एनजीटी ने पिछले साल मार्च में विश्व सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित करने के कारण यमुना डूब क्षेत्र को हुए नुकसान के लिए श्री श्री रविशंकर के संगठन आर्ट आॅफ लिविंग फाउंडेशन को जिम्मेदार ठहराया। अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने हालांकि एओएल पर पर्यावरण मुआवजा बढ़ाने से इनकार करते हुए कहा कि उसके द्वारा पहले जमा कराए गए पांच करोड़ रुपयों का इस्तेमाल डूब क्षेत्र में पूर्व स्थिति की बहाली के लिए किया जाएगा। एओएल के वकील ने कहा कि इस फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय जाएंगे। विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर पीठ ने यमुना डूब क्षेत्र के नुकसान के लिए एओएल को जिम्मेदार ठहराया। पीठ में न्यायमूर्ति जे रहीम और विशेषज्ञ सदस्य बी एस सजवान भी शामिल थे।

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