नगर निगम चुनाव पार्षदों के टिकट वितरण को लेकर नगर से लखनऊ तक हंगामा, आत्मदाह करने के प्रयास, तो मेरठ में भाजपा अध्यक्ष हुआ घेराव

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नगर निगम मेरठ के मेयर पद के लिए भाजपा से कांता कर्दम एवं पार्षदों के नाम घोषित हो जाने के बाद मेयर पद को लेकर कोई बहुत बड़ा विवाद होता नजर नही आ रहा है लेकिन पार्षद उम्मीदवारों के कुछ क्षेत्रों को लेकर भाजपा में कुछ तुफान सा आ गया है नामांकन वापसी तक कौन कौन विद्रोही चुनाव मैदान में टिका रहेगा यह तो तभी पता चलेगा लेकिन फिलहाल कई वार्डो से भाजपा के विद्रोहियों द्वारा अपने उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ने की चर्चा आज जारो पर सुनायी दी। बगावत का यह हाल है की टिकट ना मिलने से हताश हुए सम्भावित उम्मीदवार झुलूस निकाल रहे है और बैठक कर अपने उम्मीदवार के विरूद्ध चेतावनी दे रहे है गत सांय को जैसे ही प्रत्याक्षियों के नामों की सूची आयी वैसे ही जिन्हे टिकट नही मिला उनमे से ज्यादातर ने खूब हंगामा काटा और मनोज वर्मा नामक भाजपा नेता तो अपने समर्थकों के साथ महानगर अध्यक्ष करूणेश नंदन गर्ग के छीपी टैंक स्थिति आवास पर पहुंच गये और विरोध दर्ज कराया तो दूसरी और वार्ड 23 से संयज त्रिपाठी का नाम फाईनल होने पर राजेश खन्ना गुट ने बवाल मचाया तथा निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। इसी प्रकार आरोप लगाये गये की बसपा से जुड़ी रही नीलू ठेकेदार व पूनम शर्मा को टिकट दिया गया। जबकी दोनो ही पार्टी की प्राथमिक सदस्य नही बतायी जाती।
पार्षद रेनू गुप्ता पत्नि बलराज गुप्ता फूलबाग काॅलोनी के साथ बेगमबाग व नेहरू नगर क्षेत्र से आये लोगो ने भी भाजपा महानगर अध्यक्ष का घेराव किया बताते है की पुराने समय से भाजपा से जुड़ै रहे जयपाल सिंह बोध सरायकाजी से अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे थे उन्हे नही मिला वार्ड 1 से ज्योति ग्रोवर व टीपी नगर से रेखा गुप्ता टिकट मांग रही थी दोनो ही संघ परिवार से जुड़ी बतायी गयी है मगर उन्हे निराशा हाथ लगी लिसाड़ी गेट से सुभाष टिकट मांग रहे थे मगर उम्मीदवार बना दिया गौतम को भाजपा कार्यकर्ताओं का मौखिक रूप से कहना है की गौतम लम्बे समय से बसपा से जुड़ें रहे है बताते चले की जागृति विहार मंडल के अध्यक्ष प्रेमपाल भी टिकट के दावेदारों में शामिल थे मगर उन्हे भी मायूसी हाथ लगी। अभी 6 नवंबर सोमवार को नामांकन और होने है उसके बाद पता चलेगा की किस किस भाजपा के विद्रोही नेता ने नामांकन किया और नाम वापसी के बाद यह स्थिति स्पष्ट होगी की पार्टी उम्मीदवार के विरूध कौन कौन चुनाव मैदान में डटे रहेगे।
विद्रोह की यह स्थिति यही नही है अन्य क्षेत्रों मे भी कुछ कुछ यही हाल है हमिरपुर के भाजपा कार्यकर्ता गणेश सोनी ने तो अपना विरोध प्रकट करने के लिए लखनऊ स्थित भाजपा मुख्यालय पर आत्मदाह करने के प्रयास किया। उनका आरोप था की वर्षो से पार्टी की सेवा करने के बावजूद इस बार भी विवादित व्यक्ति को टिकट दिया गया। तो राजधानी की भाजपा नेत्री तारावति शुक्ला ने भी पार्टी के वरिष्ठ नेता व एक मंत्री पर टिकट कटवाने का आरोप लगाया वह शंकरपुरवा क्षेत्र से टिकट मांग रही थी।

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