नागरिकों में चर्चा है, ऐतिहासिक मेला नौचंदी का दुबारा उदघाटन क्यो?

0
192

मेरठ 14 मई। उतरी भारत के प्रसिद्ध मेला नौचंदी का विधिवत शुभारंभ इस बार 18 मई से भव्य रूप से किये जाने की घोषणा की गयी है इसमें कोई बुराई भी नही है अगर यह मेला नया लग रहा हो तो ऐसा करने में कोई बात नही है मगर यह तो पिछले सैकड़ों वर्षो से लग रहा है तथा इस मेले से हिंदु मुस्लिम सभी वर्गो की धार्मिक भावनाएं जुड़ी हुई है और इसका अपना एक इतिहास है इसलिए कुछ नागरिकों का यह कहना की 18 मई से मेले का दुबारा शुभारंभ किया जाना किसी भी रूप में ठीक नही है यह इसकी एतिहासिकता और धार्मिक धरोहर के विरूद्ध है।
कुछ जागरूक नागरिकों का यह भी कथन है की हमेशा धार्मिक भावनाओं और इतिहास की बात करने वाले विभिन्न पदों पर तैनात भाजपा के नेताओं के द्वारा यह मेला लगाया जा रहा है तो उन्हे तो इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए की मेले की ऐतिहासिकता जो बरर्सो से चली आ रही है वो समाप्त ना हो।
क्योकि हर वर्ष होली से एक रविवार छोड़कर दूसरे रविवार को मेले का शुभारंभ धार्मिक रिति रिवाजों के अनुसार होता है।
मेरठ मंडलायुक्त अनीता सी मेश्राम और जिलाधिकारी अनिल ढ़िगरा ने मां चंडी देवी की पूजा व अन्य धार्मिक रीति रिवाज निभाकर इसका शुभारंभ समय से किया था तो अब नौचंदी मेले के ऐतिहासिक उदघाटन या शुभारंभ की बात क्यो की जा रही है।
आयोजक इसकी धार्मिकता को समाप्त ना कर 18 मई को भव्य कार्यक्रम आयोजित करे किसी को कोई एतराज नही है लेकिन उसे उघाटन या शुभारंभ का नाम मेला नौंचदी के इतिहास को कायम रखने हेतु नही दिया जाना चाहिए।

loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

fourteen + 20 =