नगर निगम पार्षद और महापौर पद का चुनावी महासंग्राम शुरू : पूर्व महापौर की असफलता कांता कर्दम के लिए खड़ी होगी चुनौतियां

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मेरठ 8 नवंबर। 22 नवंबर को होने वाले नगर निगम के चुनाव में महापौर व पार्षद पद की जो जंग शुरू हुई है उसमें आप पार्टी की उम्मीदवार नीलम राठौर का पर्चा उम्र कम होने के चलते निरस्त हो जाने के बाद अब चुनाव मैदान में महापौर पद के लिए 8 उम्मीदवार चुनावी अखाड़ें मंे अपना दम दिखायेगी।
गत दिवस मंगल वार को माल रोड स्थित आईआईएमटी में सीधे संवाद हेतु भाजपा की कांता कर्दम सपा की दीपू मनोठिया तथा बसपा सुनीता वर्मा और कांग्रेस प्रत्याक्षी ममता सूद को बुलाया गया संवाद कायम करने वाले संगठन द्वारा आठ में से चार उम्मीदवार ही क्यो बुलाये गये यह तो वही जाने लेकिन वहां मंच के पीछे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ फोटो लगा होने पर योगेश वर्मा समर्थकों ने हंगामा मचाया और फोटों को हटाने की मांग की यहां भाजपा की कांता कर्दम ने अन्य प्रत्याक्षियों को मंच पर अकेले बहस की चेतावनी दे डाली महापौर उम्मीदवारों के द्वारा एक मंच पर पहले ही दिन जो हंगामा हुआ। उसे देखकर यह कहा जा सकता है की मतदान तक चुनावी माहौल सुर्खियों में रहेगा। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 7 माह से भाजपा की सरकार है इसलिए बसपा, सपा, कांग्रेस व रालोद तथा अन्य प्रत्याक्षियों को जनता के द्वारा पूछे जाने वाले यह सवाल की आपने क्या किया थोड़ी राहत रहेगी मगर भाजपा की कांता कर्दम को हर कदम पर जनता के ऐसे सवालों का जवाब देना पड़ेगा। क्योकि पिछले लगभग 10 साल से नगर निगम में भाजपा का कब्जा है लेकिन बीतें 5 साल में तो वो पूर्ण रूप से काबिज रही बीते सात माह से यूपी में पूर्ण बहुमत की भाजपा की सरकार है और इतना समय काम करने के लिए किसी भी क्षेत्र में कम नही होता।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक उम्मीदवारो को जीत के मूल मंत्र बता रहे है। तो अंदर से भले ही सहमें हुए हो मगर भाजपा के सारे नेता अपनी उम्मीदवार की जीत का दावा कर रहे है। पूर्व महापौर श्री हरिकांत आहलुवालिया ने तो सारी सीमा पार कर यहां तक कह दिया की विपक्षी रोकते रहे हम विकास करते रहे लेकिन आज तक किसी खुले मंच पर हरिकांत
आहलुवालिया जी अपने द्वारा किये गये विकास और जनहित के कार्यो का कोई ब्यौरा जनता को नही दे पाये ध्यान से सोचे तो इनके कार्यकाल में नगर निगम क्षेत्र खस्ता हाल रहने के कारण शहर स्मार्ट सिटी नही बन पाया मगर वो कह रहे है हम जनता को संतुष्ट मान रहे है अपनें कार्यो से मगर वो भूल रहे है की जनता तो दूर उनके कार्यकर्ता व सहयोगी पार्षद भी उनसे संतुष्ट नही रहे पाये।
वो सड़क निर्माण नाला, नाली सफाई, एलईडी सप्लाई की बात कर रहे है जबकि डोर टू डोर कूड़ा उठाने और डस्ट्रबीन बटवाने का काम के साथ ही सीवर लाईन से जुड़ैं नाले ड्रेनेज व्यवस्था नियमित रूप से गंगाजल की आपूर्ति आदि यदि कराने में भी सफल नही रह पाये और अगर रहे है तो बिंदुवार अपने कार्यकाल के कामों और उस पर हुए खर्च का विवरण सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करे क्योकि जनता का मानना है की सिर्फ यह कह देने से ही प्रदेश में हमारी सरकार नही थी इसलिए नगरायुक्त हमारे कार्यो से सबंध योजनाओं को लागू करने की बजाय शासन को भेज देते थे हरिकांत आहलुवालिया जी अगर ऐसा था तो सार्वजनिक रूप से आपने कभी इस संदर्भ में नगरायुक्तों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से विगुल क्यो नही बजाया शांतिपूर्ण तरिके से। यह सभी तथ्य और वर्तमान महापौर की असफलताएं भाजपा उम्मीदवार के समक्ष हर कदम पर कठिनाईया उत्पन्न करेगी मतदाता पूछ सकते है पांच साल में गोबर से अटी नालियां साफ क्यो नही हुई और अन्य जनहित के नगर निगम सबंधी कार्य आपके महापौर ने पूरे क्यो नही किये बसपा की उम्मीदवार के अनुसार भाजपा के महापौर फोटो खिवचाने में लगे रहे और निगम में घोटाले होते रहे जैसे बिंदू भी कांता करदम के सामने उभर कर आयेगे आगे आगे होता है क्या देखते रहिये चुनाव अभी दूर है जनता मुखर है। जनअदालत मे मौजूद है भाजपा सहित महापौर व पार्षद पद के सभी दलों के उम्मीदवार।
संवाद सूत्र पर आधारित

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