राहुल जी अब शादी का लडडू खाकर आज मेरे यार की शादी है दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है गाने बजवा ही दीजिए

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बच्चे जैसे जैसे बड़े होते हैं ज्यादातर परिवार में होने वाली गतिविधियों और माहौल के अनुसार ही अपने आप को ढालने लगते हैं। और जब वो जवान होते हैं तो भी उन पर बचपन में मिले माहौल का पूर्ण असर होता है। ऐसे में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष भारत जोड़ो यात्रा के नायक राहुल गांधी अपने पिता पूर्व पीएम स्व. राजीव गांधी और मां सोनिया गांधी जैसा प्यार और खुशहाली के साथ वैवाहिक जीवन में चाहते हैं तो उसमें कुछ गलत नहीं है। बीते दिनों राहुल गांधी ने कहा था कि उन्हें ऐसी लड़की चाहिए जो उनकी दादी स्व. इंदिरा गांधी और मां सोनिया गांधी जैसे व्यक्तित्व की स्वामी हो। अगर निष्पक्ष रूप से देखें तो यह सभी बातें ठीक हैं लेकिन जिस प्रकार हाथ की पांचों अंगुलिया एक जैसी नहीं होती उसी तरह सबका स्वभाव एक सा न हीं होता। समाज के कितने ही लोग ऐसी इच्छाओं के चलते वैवाहिक उम्र पार कर जाते हैं लेकिन शादी का लडडू खाना नसीब नहीं होता मगर कांग्रेस के युवराज के बारे में ऐसा नहीं है। अगर वो सच्चे मन से चाहते हैं कि शादी हो जाएं तो जो खुबियां अपनी पत्नी में देखते हैं उसकी एक सूची इंटरनेट पर जारी कर दें तो मुझे लगता है कि काफी तादात में सर्वगुण संपन्न जीवनसाथी उन्हें आसानी से मिल सकता है ऐसा भी नहीं करना चाहते तो डेटिंग ऐप पर सर्वे करें। मेरा मानना है कि कोई ना कोई सुंदर सुकोमल और मानवीय भावना से ओतप्रोत कन्या शादी के लिए उन्हें मिलते देर नहीं लगेगी। राहुल जी समाज में जहां तक आपको लेकर चर्चा होती है उसमें कुछ कम आधुनिक विचारधारा के लोग कुछ और कहते हैं और विचारशील कुछ और। कई का कहना होता है कि आपने लड़की पसंद कर ली है समय आने पर शादी करोगे अगर ऐसा होता तो यह बात छिपने वाली नहीं थी। लेकिन यह पक्का है कि अब सही लड़की शादी के लिए तलाश करने हेतु अगर कहीं पसंद पूरी नहीं हो रही है तो एक स्वयंवर पूर्व काल में जिस प्रकार होते थे भी आपके समर्थक आयोजित कर सकते हैं। और अगर यह भी आप ना चाहे तो वर्तमान समय में देशभर में तमाम अग्रणीय सोच वाली जातियां इस मामले में मौजूद बेड़ियों को तोड़ने के लिए सामूहिक वैवाहिक जीवन आयोजित करते हैं आपके समर्थक उनमें भी आपके लिए जीवनसाथी की तलाश कर सकते हैं। वरना तो फिर यही रास्ता बचा है कि आप अपनी माता जी को विवरण से बता दें तो वो मुझे लगता है कि कुछ ही दिनों में आपके लिए ऐसी उपयुक्त दूल्हन खोजने में सफल रहेंगी जो आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल सकें और देश के बारे में भी वो आपके जैसी ही राय रखती हो। कुछ लोगों द्वारा आपको पप्पू कहकर प्रचारित करना है तो वह जवाब आप पहले भी दे चुके हैं लेकिन भारत जोड़ो यात्रा की सफलता और आपकी प्रसिद्धि ने सबके मुंह पर ताला लगा दिया है इसलिए आपके विवाह में कहीं कोई रूकावट आने वाली नहीं है। नई उम्र की बेटियां समाज के बारे में अब काफी सोचती है। विकास और उन्नति में भी योगदान करना चाहती हैं और सबसे बड़ी बात वर्तमान समय में आई जागरूकता और मिली आजादी ने जाति और उम्र के बंधन को भी ताक पर रख दिया है। बस आप हां करिए और अपने प्रशंसकों को समर्थकों के माध्यम से लडडू खिलाइये। इससे भी आपकी शख्सियत निखरकर आएगी क्यांकि ग्रामीण क्षेत्र में एक कहावत है कि बेटे की नौकरी लग जाए और शादी हो जाए तथा घर बन जाए तो फिर सब जगह उसे पहले से ज्यादा सम्मान मिलने लगता है। घर भी आपके पास है ही काम की भी कमी नहीं है बस कदमताल करने में सक्षम एक साथी की आवश्यकता है। तो अब और बातों में समय ना गंवाकर दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है और आज मेरे यार की शादी है गाने बजवा ही दीजिए।
– रवि कुमार बिश्नोई

संस्थापक – ऑल इंडिया न्यूज पेपर्स एसोसिएशन आईना
राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय समाज सेवी संगठन आरकेबी फांउडेशन के संस्थापक
सम्पादक दैनिक केसर खुशबू टाईम्स
आॅनलाईन न्यूज चैनल ताजाखबर.काॅम, मेरठरिपोर्ट.काॅम

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