अस्पताल समय रहते करें मरीज को मेडिकल कालेज रेफर, गंभीरता को समझे व सहयोग करें-जिलाधिकारी

0
29

मेरठ 21 नबंवर (सूवि)। प्रमुख सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उ0प्र0 शासन श्री आलोक कुमार ने आज आईएमए प्रतिनिधियों, प्राईवेट डाक्टर व नर्सिंग होम संचालको के साथ एलएलआरएम मेडिकल कालेज के आॅडिटोरियम में बैठक की। प्रमुख सचिव ने कहा कि प्राईवेट डाक्टर व नर्सिंग होम संचालक कोरोना नियंत्रण में सहयोग करें व कोरोना के संदिग्ध मरीजो की सूचना नियमित रूप से स्वास्थ्य विभाग को दें। उन्होने कहा कि जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आ जाती है तब तक माॅस्क का उपयोग अत्यंत आवष्यक है, इसके लिए आमजन को प्रेरित करे।
उन्होने प्राईवेट डाक्टर्स व नर्सिंग होम में कोरोना जांच के सैम्पल लेने की व्यवस्था हो तथा सैम्पल को एलएलआरएम मेडिकल कालेज व अन्य जांच केन्द्रों पर भेजा जाये इसके लिए उन्होेने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन करने के लिए कहा जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रधानाचार्य एलएलआरएम मेडिकल कालेज व आईएमए के अध्यक्ष होंगे।

प्रमुख सचिव ने कहा कि कोरोना नियंत्रण के लिए हम सब एक टीमवर्क के रूप में कार्य करे तथा सभी उस टीम का हिस्सा है अलग-अलग नहीं है। इसलिए आपस में परस्पर सहयोग व समन्वय आवष्यक है। उन्होने कहा कि केजीएमयू लखनऊ में ईसीसीएस (इलेक्ट्राॅनिक कोविड केयर सपोर्ट) नेटवर्क जिसके माध्यम से वरिष्ठ चिकित्सक से वर्चुअल संवाद कर किसी भी मरीज के ईलाज के संबंध में सलाह ले सकते है। उन्होने कहा कि मेरठ से भी नर्सिंग होम व कोरोना का ईलाज कर रहे अस्पताल इसका उपयोग करें।

आयुक्त अनीता सी0 मेश्राम ने कहा कि जिस भी मरीज को बुखार है या सांस लेने मंे तकलीफ है उनकी कोरोना जांच अवष्य करायी जाये। उन्होने कहा कि आईएलआई व साॅरी के मरीजो की भी कोरोना जांच आवष्यक रूप से करायी जाये।
जिलाधिकारी के0 बालाजी ने कहा कि किसी व्यक्ति की जितनी जल्दी कोरोना जांच होगी तो वह अपने व अपने परिवार को सुरक्षित रख सकता है। उन्होने कहा कि अस्पतालों से समय रहते मेडिकल कालेज को मरीज को भेजना आवष्यक है ताकि उसका जीवन बचाया जा सके। उन्होने कहा कि सभी प्राईवेट अस्पताल इसकी गंभीरता को समझे व सहयोग करें।

केजीएमयू लखनऊ के डा0 सूर्यकान्त त्रिपाठी ने कहा कि मेरठ एक क्रांतिधरा है और पौराणिक महत्व का शहर है। उन्होने किस स्थिति होने पर मरीज को मेडिकल कालेज (एल-3 कोविड अस्पताल) में भेजा जाना है, के संबंध में विस्तार से बताते हुये कहा कि इसके लिए सात मुख्य कारक है जिसमें अल्टर्ड सेन्सोरियम या कमजोर सामान्य स्थिति, दो या तीन दिन से लगातार उपचार के बावजूद 101 डिग्री से ऊपर बुखार रहना, 120 से ज्यादा पल्स रेट होना, सिस्टोलिक ब्लड प्रैषर 90 से कम होना, श्वास गति 30 प्रति मिनट से ज्यादा होना, आॅक्सीजन स्तर/सेचुरेषन 90 से कम होना व विभिन्न अंगो के अक्रियाषील होने पर मरीज को समय रहते तत्काल एल-3 अस्पताल के लिए भेज देना चाहिए। उन्होने कहा कि सभी प्राईवेट डाक्टर्स/नर्सिग होम इन्फेक्षन प्रिवेन्षन कंट्रोल प्रोटोकाॅल का पालन करें। मरीज का ईलाज प्रोटोकाल के अनुसार करें।
एसजीपीजीआई लखनऊ के डा0 संदीप कुबा ने कहा कि कोरोना मरीज के ईलाज में प्रथम दस दिवस अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होने कहा कि कोविड-19 से संबंधित विभिन्न दिशा-निर्देश व अनुभव को साझा करने के लिए कोविड-19 एसजीपीजीआई वेबसाईट पर डाटा व वीडियों आदि उपलब्ध कराया गया है।
प्रधानाचार्य एलएलआरएम मेडिकल कालेज डा0 ज्ञानेन्द्र कुमार ने कहा कि मेडिकल कालेज में कोरोना जांच के लिए आरटीपीसीआर के 04 लाख टेस्ट किये जा चुके है। उन्होने सभी का आभार व्यक्त किया।

आईएमए अध्यक्ष डा0 अनिल कपूर ने कहा कि प्राईवेट डाक्टर व अस्पताल प्रषासन को कोरोना नियंत्रण में हर संभव सहयोग करेंगे। उन्होने कहा कि प्राईवेट अस्पताल अपने यहां हाई सस्पीसियस इन्डैक्स को बनाये।
इससे पूर्व आईएमए अध्यक्ष, सचिव व नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष आदि ने सर्किट हाऊस में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से भेंट की।
इस अवसर पर सीडीओ ईशा दुहन, केजीएमयू के डा0 सूर्यकान्त त्रिपाठी, एसजीपीजीआई के डा0 संदीप कुबा, अपर निदेषक स्वास्थ्य डा0 रेनू गुप्ता, नगर मजिस्टेªट एस0के0 सिंह, एसडीएम संदीप श्रीवास्तव, सीएमओ डा0 राजकुमार, प्रधानाचार्य एलएलआरएम मेडिकल कालेज डा0 ज्ञानेन्द्र कुमार, डा0 अषोक तालियान, डा0 पी0पी0 सिंह, आईएमए अध्यक्ष डा0 अनिल कपूर, सचिव डा0 मनीषा त्यागी, डा0 अम्बरीश पंवार, डा0 शिशिर जैन, डा0 अनिल नौसरान, डा0 दिनेष मोहन सहित अन्य चिकित्सक व अधिकारीगण उपस्थित रहे।

loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

fifteen − 2 =