यह कैसी चोकसी, पुलिस रह गई देखती? सदर व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुनील दुआ ने व्यापारी पर चलाई गोली

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धारा 144 लागू में रिवाल्वर लेकर घूम रहे थे नेताजी थाने से फरार

मेरठ 08 नवम्बर।      सदर व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुनील दुआ द्वारा व्यापारी और अपने ही सदस्य संदीप कुमार पर चलाई गयी गोली का मामला बढ़ता ही जा रहा है आज इस प्रकरण में डीएम और एसएसपी के यहां टैंट व्यापारियों द्वारा प्रदर्शन किया जाना था लेकिन संदीप कुमार की एक सगे रिश्तेदार का निधन हो जाने से यह प्रदर्शन टल गया मगर व्यापारियों में भारी रोष हैं।

प्राप्त विवरण के अनुसार सदर बाजार में टैंट का व्यवसाय करने वाले संदीप कुमार के यहां से कुछ मेज सुनील दुआ के यहां किराये पर गयीं थीं गत दिवस जब वह किराया मांगने पहुँचा तो उसके अनुसार पहले तो उसे गालियां दी गयीं और फिर दुआ बोले तेरी हिम्मत कैसे हुई किराया मांगने की। और फिर सुनील दुआ और उनके भतीजे वरूण दुआ सहित कई अन्य लोगों द्वारा संदीप पर हमला किया गया और अपना बचाव करने पर लिखाई गयी एफआईआर के अनुसार वरूण दुआ ने उस पर गोली चला दी जो हाथ में लगी। घटना के तुरंत बाद व्यापारी थाने पहुंचे और वहां भारी भीड़ इकट्ठा हो गयी प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा मौखिक रूप से दी गयी जानकारी के अनुसार अपना बचाव करने और दबाव बनाने के लिए व्यापार मंडल के अध्यक्ष के रूप में सुनील दुआ कुछ लोगों के साथ थाने पहुंचे। उपस्थितिों का कहना है कि रिवाल्वर तब भी उनके पास थी और व्यापारी नेता होने का प्रभाव डालते हुए वह इस प्रयास मेें लगे रहे कि एफआईआर न हो पाये। जानकारों का कहना था कि जब उन्हें लगा कि एफआईआर तो होगी तो वह थाने से नामजद प्रार्थना पत्र होने के बावजूद भाग गये। मौखिक सूत्रों का कहना था कि उनके भागने की जानकारी और भनक पुलिस को हो चुकी थी लेकिन उन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया गया। सायं 6ः40 बजे 219 सदर बाजार मेरठ निवासी संदीप कुमार पुत्र स्व. आनदं प्रकाश द्वारा लिखाई गयी एफआईआर में श्री हितांशु व शुभम गवाह बताये जा रहे हैं।


सवाल यह उठता है कि शहर में धारा 144 लगी हुई है उसके बावजूद सुनील दुआ रिवाल्वर लेकर कैसे घूम रहे थे और जब वह थाने पहुंचे और उनका विरोध हो रहा था तो पुलिस की मौजूदगी में वह कैसे फरार हो गये। असलियत क्या है यह तो नहीं कहा जा सकता लेकिन कुछ लोगों का कहना था कि श्री दुआ द्वारा दो दिन पहले भी कुछ व्यापारियों को धमकाया गया था। यह भी बताया जा रहा है कि पीड़ित पक्ष ने टैंट एसोसिएशन के माध्यम से कुछ सत्ताधारी उच्च स्तर के जनप्रतिनिधियों के द्वारा यह मामला डीएम, एसएसपी, आईजी और एडीजी तक पहुंचाया है और इस पर उन्हें यह आश्वासन मिला है कि हमलावर की गिरफ्तारी और शस्त्र लाइसेंस जल्द निरस्त किया जायेगी।

बताते चलें कि आरआर माॅल प्रकरण जब चल रहा था तब भी कुछ व्यक्तियों से मिलकर व्यापारी नेता द्वारा प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों का घेराव और विरोध किया गया था। आज गोवर्धन की वजह से बाजार बंद है अगर कल तक नामजद मुल्जिमों और उनके अज्ञात साथियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो कुछ व्यापारियों का कहना था कि आगे की रणनीति तय कर हमलावर की गिरफ्तारी के लिए प्रदर्शन और बाजार बंद भी किये जा सकते हैं।
दैनिक केसर खुशबू टाईम्स से सहभार

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