सोमेन्द्र तोमर ने अमेरिका के लिटिक राॅक में मनाया दशहरा पर्व

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सोमेन्द्र तोमर आई0वी0एल0पी0 के तहत अमेरिका में कर रहे भारत का प्रतिनिधित्व
आई0वी0एल0पी0 के तहत डा0 सोमेन्द्र तोमर ने अमेरिकन शिक्षा व्यवस्था एवं बहुवाद पर अमेरिका में रखे अपने विचार

इंटरनेशनल विजिटर लीडरशिप प्रोग्राम के अन्तर्गत मेरठ दक्षिण विधायक व पंचायती राज समिति उत्तर प्रदेश के सभापति डा0 सोमेन्द्र तोमर अपने प्रतिनिधि मंडल के साथ विगत 28 सितम्बर से अमेरिका में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे है। इस कार्यक्रम में तहत प्रथम चरण में उन्होनें 28 सितम्बर से 4 अक्टूबर तक अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डी0सी0 मेें रहकर 9/11 में शहीद हुए लोगो को श्रद्धांजलि अर्पित की व काग्रेंस और सीनेट के बारे में जानकारी लेते हुए वांशिगटन के प्रमुख स्मारकों का भ्रमण किया। साथ ही वाशिंगटन डी0सी0 में रहते हुए विदेश मंत्री सुब्रहमण्यम जयशंकर के साथ काग्रेंस लाइंब्रेरी में भारतीय दुतावास के साथ गाॅधी जयंती मनाई। कार्यक्रम के द्वितीय चरण में डा0 सोमेन्द्र तोमर अपने प्रतिनिधि मण्डल के साथ 4 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक लिटिल राॅक, अरकानसास पहुॅचे। जहाॅ उन्होनें अमेरिका के अरकानसास प्रान्त में स्थित मौजिक टेम्पलार कल्चरल सेंटर (एम0टी0सी0सी0) में काले लोगो के इतिहास और संस्कृति के बारे में जानकारी प्राप्त की। यह सेंटर विशेष रूप से अमेरिका में रह रहे काले एवं गोरे नागरिकों के बीच रंग भेद पर कार्य करता है। सेंटर के निदेशक द्वारा बताया गया कि अमेरिका में भी पूर्व में इस तरह के रंग भेद के कारण मोबलिचिंग में जैसी घटनाएं आम थी। साथ ही गोरे एवं काले अमेरिक्नस के लिये धार्मिक स्थल चर्च इत्यादि भी अलग-अलग थे। अरकानसास के सी0ई0ओ0 रस डेकान द्वारा पूरे प्रतिनिधि मण्डल को प्रान्त के औद्योगिक विकास विशेष रूप से स्टील प्लान्ट के बारे में जानकारी दी गयी। साथ ही अमेरिका में विदेशी व्यक्तियों के लिये विभिन्न प्रकार के वर्क विजा एवं ग्रीन कार्ड के बारे में बताया। लिटिल राॅक, अरकानसास अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति के केन्द्र के रूप में जाना जाता है। यहाॅ स्थित किलंटन प्रेसीडेन्सियल सेंटर का भम्रण करते हुए किलंटन की स्मृतियों के बारे में जानकारी प्राप्त की गयी।

प्रतिनिधि मण्डल द्वारा अमेरिका में वेदान्त समिति द्वारा विभिन्न मन्दिरों के निर्माण एवं धार्मिक आयोजनों के बारे में लिटिल राॅक, अरकानसास स्थित मंन्दिर के पुजारी से जानकारी प्राप्त की गयी। जिसमें पुजारी द्वारा बताया गया कि इस शहर में लगभग 2500 भारतीय परिवार रहते है जो भारतीय संस्कृति के विभिन्न त्यौहारों जैसे दीपावली, होली, नवरात्रों, गणेश पूजा इत्यादि को बड़ी धूमधाम से अमेरिकन सरकार के सहयोग से मनाते है।

डा0 सोमेन्द्र तोमर एवं उनके प्रतिनिधि मण्डल द्वारा लिटिक राॅक स्थित मन्दिर में रामनवमी एवं दशहरा का पर्व लिटिल राॅक में रह रहे विभिन्न भारतीय परिवारों के साथ धूमधाम से मनाया गया। यह अमेरिका में इस तरह के आयोजन धर्मनिरपेक्षता एवं बहुल्यवाद संस्कृति के कारण ही सम्पन्न हो रहे है। डा0 सोमेन्द्र तोमर द्वारा अमेरिका में रह रहे विभिन्न भारतीय परिवारों से मिलकर उनके विभिन्न व्यवसायों के बारे में जानकारी प्राप्त की गयी। साथ ही भारतीय प्रवासियों के इंडियन रागा संस्था द्वारा आयोजित भारतीय क्लासिकल संगीत कार्यक्रम में भाग लिया। डा0 सोमेन्द्र तोमर एवं प्रतिनिधि मण्डल द्वारा अगले दिन यूनिवर्सिटी ऑफ अरकानसास में कार्यरत डा0 अविनाश थोमब्रे से मुलाकात कर विश्वविद्यालय के शोध्र एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों पर चर्चा की गयी। डा0 अविनाश ने बताया कि इस विश्वविद्यालय में लगभग 40 विभिन्न देशों के छात्र-छात्राएं अपनी शिक्षण एवं शोध्र कार्य कर रहे है जो बहुवाद का एक बहुत बड़ा उदाहरण है। ये सभी छात्र-छात्राएं अपने देश के विभिन्न संस्कृति एवं संस्कारों को साझा कर रहे है। विश्वविद्यालय में इसी कार्य के लिये डायवरसिटी काउंसिल की स्थापना भी की गई है। यह काउंसिल विभिन्न देश से आए विभिन्न समुदाय एवं धर्मों के छात्र-छात्राओं को एक दूसरे की संस्कृति और संस्कारों के आदान-प्रदान में अपना सहयोग देती है। डा0 सोमेन्द्र तोमर द्वारा भी विश्वविद्यालयों में इस तरह की भारत में आयोजित गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की जानकारी संस्था में कार्यरत डा0 इरिक को प्रदान की गयी जिसमें उन्होने वैश्वीकरण के परिपेक्ष में भारत के लिये अमेरिका की भूमिका पर प्रकाश डाला। साथ ही भारत में भी पिछले कई वर्षों से भारत सरकार द्वारा बहुवाद पर चलायी गयी विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। डा0 सोमेन्द्र द्वारा भारत और अमेरिका के बीच साझा राजनीतिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के ओर अधिक प्रभावशाली करने की बात कही गयी। जिसमें डा0 सोमेन्द्र तोमर ने बताया कि हर देश के विश्वविद्यालयों की इस क्षेत्र में विशेष भूमिका होती है जो विधिवता में भी एकरूपता ला सकती है जिसमें विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित कक्षाएं एक प्रयोगशाला के तहत कार्य करती है। डा0 सोमेन्द्र तोमर पूर्व में मेरठ स्थित चैधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष रह चुके है। इसी संदर्भ में डा0 तोमर द्वारा छात्र संघ की इस तरह के आयोजनों में भूमिका पर जोर दिया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता लिटिक राॅक के महापौर द्वारा की गयी। अगले सत्र में अमेरिका में कार्य कर रहे विभिन्न बैंको एवं बैंकिग सेक्टर में बैंको की भूमिका पर चर्चा की गयी। जिसमें अमेरिका में बाहरी कम्पनियों द्वारा निवेश की जानकारी प्राप्त की गयी। इसी चरण में डा0 सोमेन्द्र तोमर के प्रतिनिधि मण्डल में लिटिल राॅक, अरकानसास में रहने वाले स्थानीय नेताओं से भेंट की तथा लिटिल राॅक शहर के जस्ट कम्यूनिटी ऑफ अरकानसास एवं लीग ऑफ यूनाईटेड लैटिन अमेरिकन सिटीजन्स (एल0यू0एल0ए0सी0) संस्थाओं के विभिन्न पदाधिकारियों से वार्ता की गयी। जिन्होनें अमेरिका द्वारा नागरिकों अधिकारों के उल्लधन के खिलाफ किये गये अमेरिकन सरकार द्वारा कार्यों को विस्तार से बताया तथा नागरिक अधिकारों से सम्बन्धित अमेरिकन कानून की भी चर्चा की।

एल0यू0एल0ए0सी0 की ऐसलय मूर्ग टेरी रिजार्ड एवं रोकियों रिजार्ड द्वारा अमेरिका में रहने वाले वर्तमान में विभिन्न समुदायों की जनसंख्या के बारे में जानकारी दी गयी जिसमें उन्होने बताया कि 2019 में 64 प्रतिशत जनसंख्या गोरे अमेरिकन्स की है एवं 19 प्रतिशत लैटिनों की है 14 प्रतिशत अफरिकन है जबकि मात्र 3 प्रतिशत जनसंख्या एशियन देशों की है जिसमें 20वीं शताब्दी में चीन और जापान के लोेग ज्यादा थे उन्होने बताया कि एक अनुमान के तहत 2050 में एशियन देशों से आए विदेशियों की जनसंख्या 10 प्रतिशत हो जाएगी। इसी सत्र में डा0 सोमेन्द्र तोमर द्वारा रिजार्ड से अमेरिका के सबसे शक्तिशाली देश होने के बावजूद भी नक्सलवाद जैसी समस्या को पूर्ण रूप से खत्म करने पर प्रश्न किया गया जिसमें रिजार्ड ने विभिन्न कार्यक्रमों एवं मानव जाति की सोच बदलने के साथ ही इस समस्या से निजात पाने की बात रखी। साथ ही रिजार्ड ने बताया कि नक्सलवाद के साथ साथ भाषावाद भी आज के युग की बड़ी समस्या है। इसी सत्र में डा0 सोमेन्द्र तोमर द्वारा पब्लिक ट्रांसपोर्ट एवं अमेरिका में महिला एवं पुरूषों के अनुपात की विस्तार से जानकारी हासिल की गयी जिसमें वक्ताओं द्वारा वर्तमान में अमेरिका में पुरूषों की संख्या महिलाओं से अधिक होना बताया। जिसका मुख्य कारण विदेशों से रोजगार के लिये आए पुरूषों की संख्या अधिक बताया। ऐसलय द्वारा अमेरिका की शिक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गयी जिसमें उन्होने बताया कि अमेरिका में पब्लिक एवं प्राइवेंट स्कूलों की व्यवस्था है जिसमें अधिकतर पब्लिक स्कूलों में काले लोगो के बच्चें पढ़ते है जबकि गोर अमेरिकन के अधिकतर बच्चें प्राइवेंट स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करते है। उन्होने बताया कि पब्लिक एवं प्राइवेंट स्कूलों के पाठ्यक्रम भी अलग अलग है जिसमें प्राइवेंट स्कूलों को अपना पाठ्यक्रम बनाने का अधिकार है। डा0 सोमेन्द्र तोमर द्वारा पूछे जाने पर कि क्या सरकारी स्कूलों के बच्चें उच्च शिक्षा के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश ले पाते है के जवाब में ऐसलय द्वारा बताया गया कि यह अनुपात कम है। अमेरिकन सरकार द्वारा इस पर कार्य किया जा रहा है जो अमेरिकन शिक्षा व्यवस्था की एक वर्तमान की भी एक समस्या है। इसी सत्र में वक्ताओं द्वारा अमेरिकन शिक्षा व्यवस्था के संदर्भ में विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गयी जिसमें बताया गया कि अरकानसास में लगभग 450 स्कूल है जो पाठ्यक्रम के अनुसार अलग-अलग है। साथ ही उन्होने बताया कि पूर्व में गोरे एवं काले बच्चों के लिये स्कूल बस एवं लिफ्ट की भी अलग-अलग व्यवस्था होती थी। अगले सत्र में विभिन्न वक्ताआंें द्वारा अमेरिका की राजनीति में रिपब्लिकन पार्टी एवं डेमोक्रेटिक पार्टी के बारे में बताया गया जिसमें शहरी क्षेत्रों में डेमोक्रेटिक पार्टी का प्रभाव अधिक है।

प्रतिनिधि मण्डल में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संयुक्त संगठन सचिव श्री निवास, हिमांचल प्रदेश से विधायक सुरेन्द्र शौरी, दिल्ली से वरिष्ठ पत्रकार संतोष ठाकुर, महाराष्ट्र से काउंसलर तौफिक मुल्लानी, रायपुर से डिगरी प्रसाद, सुरेन्द्र पुरी, तसमान रिजवी रहे।

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