सोफिया स्कूल की संचालक एजुकेशनल सोसायटी का रजिस्ट्रेशन निरस्त किये जाने की कार्रवाई शुरू

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बैंक, संयुक्त निदेशक एजुकेशन और आईसीएससी बोर्ड को भेजा पत्र डिप्टी रजिस्टार 

मेरठ 26 सितंबर। 13.10.1972 को सोसाइटीज रजिस्टेशन एक्ट 1860 के नियमों के अंतर्गत एजुकेशनल सोसायटी आॅफ सोफिया स्कूल मेरठ कैंट समिति का रजिस्टेशन क्षेत्रीय कार्यलय डिप्टी रजिस्टार फम्र्स सोसाइटीज चिटस के यहां हुआ था। अनेकों अनियमित्ताओं और रजिस्ट्रेशन में दिये गए
बिंदुओं का उलंघन्न किये जाने और बार बार समिति को पत्र लिखे जाने के बाद भी सही जवाब ना दिये जाने पर डिप्टी रजिस्टार चिट फंड सोसायटी द्वारा 25 सितंबर 2018 को 3 पृष्ठ का एक नोटिस जारी किया गया। जिसमे तीसरे पृष्ठ पर स्पष्ट कहा गया है कि एजुकेशनल सोसायटी आॅफ सोफिया स्कूल मेरठ कैंट मेरठ में काफी छात्राएं अध्ययनरत हैं। विधालय आईसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त है सोफिया स्कूल के बारे में अवगत करा दिया जाये तथा सीईओ कैंटोमेंट बोर्ड डायरेक्टर आईसीएसई बोर्ड संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा मेरठ मंडल को अवगत करा दिया जाये कि सोसाईटी के कृत्य लोक नीति के विरूद्धकार्य करते हुए पाये गए हैं।
अतः सोसायटी के विरूद्ध परीक्षा संपन्न होने के उपरांत दोषी सिद्ध पाए जाने के कारण निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी रजिस्टार ने लिखा की इसके अतिरिक्त एजुकेशनल सोसाईटी आॅफ सोफिया स्कूल, मेरठ कैंट समिति की वित्तीय अनियमित्ता के प्रकरण को ईडी से जांच कराये जाने हेतु शासन से अनुरोध पत्र प्रेषित किया जाएगा। यदि एजुकेशनल सोसाईटी आॅफ सोफिया स्कूल मेरठ कैंट मेरठ साक्षों को मिटाने अथवा रिकार्ड में हेरा फेरी करती है तो ऐसी स्थिति में संबंधित पदाधिकारीण के विरूद्ध व्यक्तिगत रूप से दोषी मानते हुए विधिक कार्यवाही की जायेगी।
डिप्टी रजिस्टार द्वारा पत्र की काॅपी आवश्यक कार्यवाही हेतु संयुक्त निदेशक आॅफ एजुकेशन प्रथम मेरठ मंडल मेरठ सीईओ कैंटोमेंट बोर्ड मेरठ कैंट, शाखा प्रबंधक यूनियन बैंक आॅफ इंडिया मेरठ कैंट को इस आशय के साथ प्रतिलिपि सूचनार्थ प्रेषित है कि सेलरी एवं शिक्षा के अतिरिक्त कोई भी धनराशि का आहरण ना किया जाए एवं एफडी आदि को रिलीज न किया जाए सेकेटरी एजुकेशनल सोसाईटी आॅफ सोफिया स्कूल मेरठ कैंट को भी भेजी गई बताई गई है। स्कूल की छात्राओं से प्राप्त धनराशि में से बिना अनुमति के 2,64,91,000 रकम विभिन्न संस्थाओं को स्थानातंरित किया गया। भेजे गए पत्र में जिसका विवरण बिंदुवार दिया गया है। लेकिन मौखिक चर्चा है कि इस पेशे से अन्य जगाहों पर भेजने की अनुमति नहीं ली गई तथा इस संदर्भ में 2007 से 2018 तक कई बार पत्र भेजकर समिति के पदाधिकारियों से जवाब मांगा गया जो उनके द्वारा नहीं दिया गया। हां नियमों को ही चैलेंज करने की कोशिश जरूर की गई। लगभग 11 वर्षाें में इस संदर्भ में जवाब व प्राप्त न होने के उपरांत सोसाईटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत एजुकेशनल सोसायटी आॅफ सोफिया स्कूल मेरठ की समिति का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की गई बताई जा रही है।
लेकिन विद्वान डिप्टी रजिस्टार चिट फंड सोसायटी द्वारा सोफिाय में पढ़ने वाली छात्राओं के हित में सोसायटी रजिस्ट्रेशन निरस्त करने से पूर्व वर्तमान छात्राओं को परीक्षा देने का समय देने के साथ साथ किसी भी रूप में संबंधित समस्त संस्थाओं व्यक्तियों आदि को पत्र भेजकर शायद इस मंशा से अवगत कराया है कि हो सकता है कि हठधर्मिता पर उतारू एजुकेशनल आॅफ सेासायटी के पदाधिकारी समय रहते जो आरोप तय हो रहे हैं उनका सही जवाब दें और इस प्रतिष्ठित स्कूल की मान्यता बची रहे मुझे ऐसा लगता है।
स्मरण रहे कि पिछले कुछ माह पूर्व आईसीएससी बोर्ड के परीक्षा परिणाम आने के उपरांत सोफिया स्कूल में सरकार व बोर्ड द्वारा हाईस्कूल में पास कर दी गई छात्राओं को 11वीं कक्षा में दाखिला न दिये जाने और इस प्रकरण में छात्राओं और उनके अभिभावकों का उत्पीड़न करने को लेकर छपे समाचारों और कुछ मौखिक शिकायतों का संज्ञान लेते हुए शासन की नीति के अनुसार जनहित में डिप्टी रजिस्टार चिट फंड सोसायटी द्वारा सोफिया स्कूल को पत्र लिखा गया जिसका सही समय पर शायद जवाब नहीं दिया गया। मामला जटिल होता गया और जब इसके रजिस्ट्रेशन की फाईल खुली तो स्कूल द्वारा किये जाने वाली अनियमितताएं खुलकर सामने आयी। जिनको लेकर बार बार पत्र लिखे जाने के उपरांत भी जब कोई जवाब डिप्टी रजिस्टार कार्यालय को प्राप्त नहीं हुआ तो एजुकेशनल सोसाइटी आॅफ सोफिया स्कूल समिति का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने का निर्णय लेने की कार्रवाई शुरू की गई है। देखना यह है कि अब स्कूल अपना रजिस्ट्रेशन बचाने व छात्राओं का भविष्य और स्कूल की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए क्या जवाब देता है और डिप्टी रजिस्टार उस पर क्या कार्रवाई करते हैं । वैसे कितने ही अभिभावकों का मौखिक रूप से कहना है कि यह सारा प्रकरण वर्तमान प्रधानाचार्या की मनमानी के चलते विकराल होता जा रहा है। सोफिया स्कूल सोसायटी को इन्हे यहां से हटाकर किसी अन्य सूझबूझ से निर्णय लेने वाली प्रधानाचार्या यहां नियुक्त की जाए जिससे जो स्कूल व छात्राएं तथा अपने संस्था के हित में समय अनुसार सही और उचित निर्णय ले सकें। डिप्टी रजिस्ट्रार चिट फंड सोसाईटी मेरठ द्वारा दिया गया 3 पृष्ठ का नोटिस मूल रूप से इस प्रकार है।

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