राजनाथ सिंह की सफल रैली, वाजपेयी, सिंघल व कुंवर बासित अली, सुरेश जैन के प्रयासों से भारी तादात में पहुंचे मुस्लिम

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मेरठ, 22 जनवरी (विशेष संवाददाता) केंद्रीय रक्षामंत्री श्री राजनाथ की आज नागरिकता कानून को लेकर जागरूकता अभियान के तहत माधवकुंज में हुुई विशाल रैली में इतनी ठंड के बाद जुटी भीड़ को देखकर पूर्ण रूप से लगभग सफल ही कही जा सकती है। इसकी कामयाबी के लिए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गुटबंदी भूल पिछले कुछ दिनों से जो मेहनत की उसका ही यह परिणाम रहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे राजनाथ सिंह की सभा काफी अच्छी और सम्मानजनक रही और लोगों की भीड़ उसमें जुटी। लेकिन अगर ध्यान से देंखें तो भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डाॅ लक्ष्मीकांत वाजपेयी और महानगर अध्यक्ष श्री मुकेश सिंघल के प्रयास काफी सराहनीय रहा क्योंकि गत दिवस इस्माइल डिग्री कालेज में शाम छह बजे नागरिकता कानून को लेकर अलग अंदाज में वाजपेयी ने कार्यशाला की। हाल में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज और मंच पर भाजपा के दिग्गज नेता डा. लक्ष्मीकांत बाजपेयी और महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल रहे। डा. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने मुस्लिम वर्ग को भरोसे में लेने की बड़ी पहल की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास..के फामरूले पर चलते हैं, जिसमें किसी धर्म और वर्ग के बीच कोई भेदभाव नहीं है। बाद में सभी को चार-चार पेज का पंफलेट भी बांटा गया, जिसमें कानून की जानकारी दी गई थी।
डा. बाजपेयी ने मुस्लिम वर्ग के साथ संवाद में कहा कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कांग्रेस, सपा बसपा ने उकसाया, और ंिहंसा हुई। उन्होंने 26 सितंबर 1947 को महात्मा गांधी की प्रार्थना सभा का जिक्र किया, जहां गांधी ने पाकिस्तान में पीड़ित हिन्दुओं को भारत में बसाने की बात कही थी। कहा कि 1955 में नेहरू सरकार ने ये कानून दिया। 1986 और 1992 में कांग्रेस की सरकार ने नागरिकता कानून में संशोधन किया। मनमोहन सिंह से लेकर ममता बैनर्जी तक ने संसद में नागरिकता की पैरवी की थी, जो अब विरोध कर रहे हैं। डा. लक्ष्मीकांत ने कहा कि 31 दिसंबर 2014 तक जो शरणार्थी भारत में पांच साल तक रह चुके हैं, उन्हें नागरिकता दी जाएगी। यह साफ किया और कहा कि मुस्लिम वर्ग को एनआरसी के नाम पर भड़काया जा रहा, जबकि ये सुप्रीम कोर्ट में 40 दिन सुनवाई के बाद सिर्फ आसाम के लिए दिया गया। बीच-बीच में मुस्लिम वर्ग ने जिंदाबाद के नारे लगाकर समर्थन किया। महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल ने कहा कि मोदी और योगी सरकार ने धर्म देखकर योजनाएं नहीं चलाईं। मुस्लिम वर्ग ने उनमें बढ़चढ़कर भाग लिया, और योजनाएं सफल बनीं। सिंघल ने कहा कि भारत सबका है। नागरिकता कानून तीन देशों में पीड़ित अल्पसंख्यकों को भारत में बसाने की है, इसके विरोध में कांग्रेस समेत अन्य ने मुस्लिम वर्ग को हिंसा के लिए उकसाया। आगाह किया कि देश को मजबूत बनाएंगे तो सभी खुशहाल बनेंगे। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश उर्दु अकादमी के सदस्य कुंवर बासित अली, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सुरेश जैन ऋतुराज, पूर्व पार्षद पार्षद तहसीन अंसारी, पार्षद, अकरम शाह, फैज अहमद, रिजवान व चिराग द्वारा रैली में मुस्लिमों की भागीदारी तय करने हेतु काफी प्रयास किए गए थे जिनका आज असर भी दिखाई दिया क्येांकि जब श्री राजनाथ सिंह संबोधित कर रहे थे तो भीड़ में कितने ही जाने पहचाने मुस्लिम चेहरे दिखाई देना बताए गए।

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