वैष्णो देवी व पुरामहादेव काली पलटन बालाजी मंदिर नहीं खुलें भगतों ने बाहर से किये दर्शन

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काशी विश्वनाथ व गौरखनाथ मंदिर में हुई पूजा
नई दिल्ली/मेरठ 9 जून (प्र) प्रदेश में धार्मिक माहौल फिर से बनता नजर आ रहा है क्योंकि 14 जून से अयोध्या में राममंदिर निर्माण शुरू होने की चर्चा है तो लगभग ढाई माह पुराने लाॅकडाउन में जो धार्मिक स्थलों के कपाट बंद हो गये थे वो कुछ शर्ताें के साथ खोल दिये गये है। सेनेटाईजर और साफ सफाई के उपरांत 75 दिन बाद लोगों ने अपनी अपनी मान्यताओं के अनुसार धर्म स्थलों पर जाकर पूजा अर्चना और आरती की। जम्मू कश्मीर स्थित माता वैष्णो देवी का मंदिर नहीं खुला तो मस्जिदों में भी गतिविधियां शुरू न होने की चर्चा है। शहर में काली माई औघड़नाथ बालाजी मंदिर नहीं खुले पुरामहादेव मंदिर के भी न खुलने की सूचना है जबकि वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा अर्चना हुई बताते है। जो धार्मिक स्थल खुले वहां श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पूजा अर्चना की और भगवान से इतने दिन दर्शन न करने आने के लिये भी छमा याचना की गई। बफर जोन के क्षेत्रों को छोड़कर ज्यादातर धार्मिक स्थल खुले लेकिन कई मंदिरों के पुजारियों और मैनेजमेंट कमेटी ने इतनी शर्तों और प्रतिबंधों के बाद मंदिर खोलने में कोई दिलचस्पी नहीं ली तो दूसरी ओर कई मुस्लिम विद्वानों ने संख्या की शर्त लगाये जाने के चलते मस्जिद खोले जाने पर असमर्थता जताई लेकिन इतने दिनों से धार्मिक स्थलों के पट बंद होने से उदास धार्मिक जनता के चहेरे पर आज खुशी नजर आई चर्चा थी कि कितने ही धार्मिक व्यक्ति अपने क्षेत्र के मंदिर न खुलने पर दूसरे क्षेत्रों में खुले मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे तो खुले धार्मिक स्थलों में पुजारियों आदि ने कोरोना से छूटकारे के लिये दुआ और प्रार्थना की। लेकिन इस दौरान प्रसाद चढ़ाने के लिये कोई उत्साह लाॅकडाउन के कारण नजर नहीं आया हां सोशल डिस्टेसिंग और मास्क लगाने के नियम का पालन लगभग सभी जगह से होने की खबर थी। बताते चले कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा गत सोमवार को भगवान गुरू गौरखनाथ के दर्शन कर पूजा अर्चना की।
भले ही कुछ कारणों से कई धार्मिक स्थल आज न खुले हो लेकिन जिस प्रकार से देश के विभिन्न शहरों में कोरोना के बावजूद होटल माॅल और धार्मिक स्थल खोलने की अनुमति दी गई है उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि जल्दी ही वहां बंद धार्मिक स्थलों के कपाट भी खुल सकते है। मेरठ शहर में देव स्थान कहे जाने वाले कैन्ट क्षेत्र में आज तो धार्मिक स्थल पूरी तौर पर बंद रहे जो इक्का दुक्का दर्शनार्थी वहां पहुंचा भी तो वो बाहर से ही हाथ जोड़कर प्रार्थना कर वापस चला गया।

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