जिला स्तर पर बनाये जल संरक्षण योजना व सिंचाई योजना-आरएस वर्मा

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गिरता जल स्तर चिंता का विषय, संरक्षण व संचयन आज की आवश्यकता -उपसचिव

जनपद के पांच ब्लाॅक डार्क जोन में, 170 तालाबों की खुदाई का कार्य जारी-प्रभारी सीडीओ

मेरठ, 11 जुलाई।    भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के उप सचिव आरएस वर्मा के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम तीन दिवसीय दौरे पर आयी है। टीम ने विकास भवन मे अधिकारियों के साथ बैठक की तथा ब्लाॅक माछरा के ग्राम अल्लीपुर में कार्यो का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण व संचयन आज की आवश्यकता है। केन्द्र सरकार द्वारा पांच मुख्य बिन्दुओं पर आधारित कार्यक्रम को लेकर एक जुलाई से 15 सितम्बर तक अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को जल संचयन व संरक्षण के सम्बंध में जिला जल संरक्षण योजना व जिला सिंचाई योजना बनाने व व्हाॅटस ऐप ग्रुप बनाकर सूचनाओं का आदान प्रदान करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि जल का स्तर गिरना एक चिंता का विषय है।

विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के उप सचिव आरएस वर्मा ने कहा कि जल संरक्षण एवं संचयन मा0 प्रधानमंत्री भारत सरकार की विशेष प्राथमिकताओं मे है जिसकों मूर्त रूप दिया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा जल शक्ति मंत्रालय बनाया गया है तथा इसकी वेबसाइट पर सभी विवरण आसानी से उपलब्ध है। उन्होंने अधिकारियों को जल संचयन व संरक्षण के सम्बंध में जिला जल संरक्षण योजना व जिला सिंचाई योजना बनायी जाए। इससे पहले पंचायत व ब्लाॅक स्तर पर यह योजनाएं बनायी जाए बाद में जिला योजना को अंतिम रूप दिया जाए।

उन्होंने बताया कि जल संरक्षण व संचयन के लिए जनमानस को जागरूक किया जाएगा तथा इसमें सभी की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार मुख्यतः पांच बिन्दुओं पर कार्य कर रही है जिसमें जल संरक्षण व वर्षा के जल का संचयन, सघन वृक्षारोपण, प्रियोडिकल रेस्टोरेशन ऑफ इंडीव्जूल हाउस बाॅडी एंड वाॅटर शेड डव्लेपमेंट, रियूज एंड बोरवेल डिस्चार्ज स्ट्रक्चर, कन्ट्रीब्यूशन ऑफ रियूज ऑफ ग्रे वाॅटर टैंक।
उन्होंने अधिकारियों को एक व्हाटस ऐप ग्रुप बनाकर उसमें सूचनाओं एवं क्रिया कलापों का आदान प्रदान कर अभियान को सफल बनाने के लिए निर्देशित किया तथा कहा कि सम्ंबंधित सभी विभाग अपने अपने विभाग की योजना बनाकर उपलब्ध करायें।

प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जनपद के पांच ब्लाॅक डार्क जोन में है जिसमें खरखौदा, माछरा, मेरठ, परीक्षितगढ व रजपुरा है। उन्होंने बताया कि जनपद के विभिन्न ब्लाॅकों का औसत जल स्तर खरखौदा में 19.24 मीटर, माछरा में 14.03 मीटर, मेरठ मंे 11.57 मीटर, परीक्षितगढ में 9.42 मीटर, रजपुरा में 20.36 मीटर सरूरपुर में 8.96 मीेटर, सरधना में 5.83 मीटर, रोहटा में 10.82 मीटर, मवाना में 8.71 मीटर, जानीखुर्द में 7.14 मीटर, हस्तिनापुर में 8.60 मीटर, व दौराला में 10.50 मीटर है।
उन्होंने बताया कि जनपद में गत पांच वर्षो में विभिन्न ब्लाॅकों में जल का स्तर घटा है जिसमें विभिन्न ब्लाॅकों में घटे जल के स्तर में खरखौदा में 3.18 मीटर, माछरा में 3.12 मीटर, मेरठ में 1.39 मीटर, परीक्षितगढ में 2.55 मीटर, रजपुरा में 2.42 मीटर, हस्तिनापुर में 0.83 मीटर, दौराला मे 0.49 मीटर, जानीखुर्द में 0.31 मीटर, मवाना में 0.21 मीटर, रोहटा मंें 0.81 मीटर, सरधना में 0.21 मीटर, सरूरपुर में 0.33 मीटर, जल स्तर गत पांच वर्षो में गिरा है।
उन्होंने बताया कि जनपद के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 170 तालाबों का जीणोद्धार का कार्य प्रारम्भ किया गया है। उन्होंने बताया कि मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा 300 वर्ग मीटर या उससे ऊपर के आवासीय या वाणिज्य नक्शे पास करते समय यह शर्त रखी गयी है कि वह सम्बंधित स्वामी वर्षा के जल संचयन की व्यवस्था अवश्य करेंगे।
टीम ने बैठक के उपरान्त ब्लाॅक माछरा के ग्राम अल्लीपुर में कार्यो का निरीक्षण किया तथा प्रधान बीडीसी सदस्य व ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हें जल संचयन व संर्वधन के प्रति जागरूक किया। उन्होंने तालाब खुदाई का कार्य देखा तथा तालाब के किनारे वृक्षारोपण किया।

इस अवसर पर वाणिज्य मंत्रालय के तकनीकी अधिकारी व टीम सदस्य विष्णु शर्मा, जिला वन अधिकारी अदिति शर्मा, जिला विकास अधिकारी दिग्विजय नाथ तिवारी, जिला कृषि अधिकारी प्रमोद सिरोही, बीडीओ माछरा सुरेन्द्र सहित विभिन्न ब्लाॅकों से आये प्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।

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