डीएम साहब दें ध्यान! मुकेश गुप्ता नामक व्यक्ति द्वारा किसी और की संपत्ति बेच आधा दर्जन फर्जी बैनामे कराए जाने का मामला है चर्चाओं में

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कौन है मुकेश जो फर्जी रजिस्ट्रीयां करा रहा है

मेरठ 20 सितंबर। प्रदेश में जमीनों के बैनामे को लेकर होने वाली धोखाधड़ी की रोकथाम हेतु प्रदेश सरकार द्वारा अनेकों को सकारात्मक कदम उठाए गए हैं। जिसके तहत अब रजिस्ट्री कराने और करवाने वाले दोनों के फोटो व अंगूठे लगवाने के साथ साथ और भी अनेक सुधार किये गए बताये जाते हैं। लेकिन कमी कहां पर है। फर्जी बैनामों के मामले आये दिन कभी न कभी कहीं न कहीं पढ़ने व सुनने को मिलते रहते हैं। अभी कुछ दिन पहले प्रदेश के एक जिले में मृतक व्यक्ति द्वारा मकान की रजिस्ट्री करा दिये जाने की खबर पढने को मिली थी। अभी उसकी याद नागरिक भूल भी नहीं पाए कि आज कल एक चर्चा कुछ विशेष क्षेत्रों में कचहरी में सुनने को मिली कि किसी मुकेश गुप्ता व्यक्ति के नाम से निबंधक प्रथम सब रजिस्ट्री के यहां आधा दर्जन संपत्तियों की फर्जी रजिस्ट्री करा दी गई। समाचार लिखे जाने तक मुकेश गुप्ता के बारे में विवरण प्राप्त नहीं हो सका तो यह भी नहीं पता चल सका कि उक्त रजिस्ट्रियां किसके नाम हुई। सब रजिस्ट्रार प्रथम के यहां पता करने की कोशिश की गई तो कोई भी कोई बताने को तैयार नहीं था। जिससे ऐसा लगता है कि फर्जी हुई रजिस्ट्रियों में विभाग के अधिकारियों का सहयोग भी हो सकता है।
वैसे जो चर्चाएं कुछ डीडारईटर के बस्तों पर मौखिक रूप से सुनने को मिली उसके अनुसार जमीन किसी की मुकेश गुप्ता नामक व्यक्ति का कोई मतलब नहीं था। उसके बावजूद उसने कोई 6 रजिस्ट्रियां फर्जी तरीके से कराकर दूसरे की संपत्ति को बेच दिया। खबर लिखे जाने तक काफी कोशिश की गई कि मुकेश गुप्ता कौन है? संपत्ति किसकी बेची गई और अगर यह फर्जी रजिस्ट्रिरयां हुई तो कब हुई कैसे हुई इसका पता नहीं लग सका? जिसके बारे में पता करने के भी प्रयास किये जा रहे हैं।
बताते चले कि अगर कोई रजिस्ट्री इस प्रकार से हुई तो वो बिना विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की सहयमति से नहीं हो हो पाई होगी। क्योंकि वर्तमान में रजिस्ट्रियां कराने वाले को कई जगह हस्ताक्षर और अंगूठे लगाने के साथ साथ कैमरे के सामने फोटो भी कराने पढ़ते हैं और सब रजिस्ट्री या उनका सहयोगी दोनों से रजिस्ट्री के बारे जानकारी भी प्राप्त करते है। और जमीन का पूरा विवरण भी शायद दिखवाया जाता है।
जिलाधिकारी जी अगर फर्जी रजिस्ट्री होने तथा किसी की जमीन किसी के द्वारा बेचे जाने की बात अगर सही है तो इसका पता लगवाकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई जरूरी की जानी चाहिये। क्योंकि कितने ही लोग तो अपने जीवनभर की खून पसीने की कमाई एकत्रित कर घर बनाने का सपना देखते हैं और अगर उनके संग धोखाधड़ी हुई तो वो तो बर्बाद हो सकते हैं। क्योंकि बेचने वाला पैसे लेकर घर बैठ जाएगा और जिसकी जमीन है वो कब्जा नहीं लेने देगा। तथा मुकदमे अलग से दोनों पर ठोक देगा। परिणाम स्वरूप घर बनाने या व्यापार खोलने का इच्छुक बिना किसी कारण के बर्बाद हो जाएगा।

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