हरेन्द्र के कारण हारे चुनाव, जमकर लड़े याकुब, पांच में से 4 विधानसभा क्षेत्र में जीते, गठबंधन कांग्रेस से मिलकर लड़ता तो?

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मेरठ 28 मई। मेरठ हापुड़ लोकसभा क्षेत्र मे चुनाव भले ही भाजपा के राजेन्द्र अग्रवाल जीते हो लेकिन लोकसभा क्षेत्र के 4 विधानसभा क्षेत्रों मेरठ शहर, किठौर, मेरठ दक्षिण व हापुड़ में बसपा सपा, रालोद गठबंधन के उम्मीदवार याकुब कुरैशी को ज्यादा वोट पड़े राजेन्द्र अग्रवाल सिर्फ छावनी विधानसभा क्षेत्र के सहारे चुनाव जीतकर सिंकदर बन गये। वरना याकुब जिस मजबूती से चुनाव लड़े उससे मतगणना के दौरान कई बार भाजपा उम्मीदवार और उनके समर्थकों में मायूसी छायी एक बार तो स्थिति यह हो गयी की याकुब समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। आज याकुब की चुनाव रणनीति और मिले वोटो को लेकर यह चर्चा कई जगह सुनायी दी की सपा नेता प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर आदि के प्रयासो से याकुब कुरैशी जीत के निकट तो पहुंचे गये लेकिन अपने चुनाव को जीत में बदलने से थोड़ा सा चुक गये लेकिन उन्हे मिले वोटो के रूझान को देखते हुए यह कहा जा सकता है की भविष्य में अगर गठबंधन बना रहता है या बसपा सपा ओर क्रांग्रेस के नेता जनता मे जाकर संवाद कायम करने में सफल होते है तो भाजपा उम्मीदवारो के भविष्य में लिए चुनाव काफी संघर्ष पूर्ण और भी ज्यादा हुआ करेगा। कुछ लोगो में यह भी थी की अगर बसपा ओर सपा के नेताओ ने कांग्रेस से मिलकर चुनाव लड़ा होता ओर राहुल गांधी की बात मान ली होती तो मेरठ हापुड़ लोकसभा क्षेत्र का चुनाव परिणाम कुछ और होता क्योकि राजेन्द्र अग्रवाल चुनाव 4729 वोटो से जीते जबकी कांग्रेस के हरेन्द्र अग्रवाल 34479 वोट ले गये इस हिसाब से लगभग 30 हजार वोट दोनो दलों के उम्मीदवारों को भाजपा प्रत्याक्षी से ज्यादा मिली।
लेकिन यह बात भी विश्वास के साथ कही जा सकती है की अगर हरेन्द्र अग्रवाल की जगह कांग्रेस से ओमप्रकाश शर्मा एडवोकेट जिन्हे पहले टिकट मिला था चुनाव लड़ते तो, तो शायद चुनाव परिणाम कुछ ओर होते क्योकि ओमप्रकाश शर्मा हरेन्द्र अग्रवाल के मुकाबले ज्यादा वोट लेते ओर नागरिकों का मौखिक रूप से यह कहना की वो सब वोट राजेन्द्र अग्रवाल के होते यह बात अगर सही है तो याकुब चुनाव जीत जाते मगर जिसने भी उनका टिकट कटवाकर कांग्रेस से हरेन्द्र अग्रवाल को दिलवाया उसकी मंशा कुछ भी रही हो लेकिन हरेन्द्र अग्रवाल अपनी बिरादरी के वोट भी नही ले पाये ओर याकुब चुनाव हार गये वरना लगभग 5 हजार वोट शायद कोई महत्व इस क्षेत्र में नही रखते।

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