Tuesday, May 28

यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में 12 सॉल्वर गिरफ्तार

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मेरठ 08 फरवरी (प्र)। मेरठ STF ने यूपी पुलिस आनलाइन कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती परीक्षा में ऑनलाइन पेपर हल कराने के गिरोह के सरगना सहित 12 लोगों को बागपत से किया अरेस्ट।ये लोग यूपी पुलिस कंप्यूटर भर्ती परीक्षा में पेपर सॉल्व करा रहे थे। दूर-दराज बैठे इस गिरोह के सदस्यों ने रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर के जरिए प्रश्न पत्र हल किए। मामले की रिपोर्ट बागपत के बड़ौत थाने में दर्ज कराई गई है।

पुलिस में कम्प्यूटर ऑपरेटर की ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में एसटीएफ की टीम ने आरोपियों के पास से तीन लैपटॉप, डेस्क टॉप कम्प्यूटर, आठ मोबाइल फोन, स्क्रीन शॉट, आठ एडमिट कार्ड बरामद किए हैं।

एसटीएफ एसपी ब्रजेश सिंह ने बताया कि वर्तमान में उप्र पुलिस की ऑनलाइन कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती परीक्षा चल रही है। जिसमें सिस्टम हैक करने और सॉल्वर बैठाकर परीक्षा कराने कराने वाले गिरोहों के सक्रिय होने की सूचना मिली थी। इसी जांच शुरू की गई तो पता चला कि बड़ौत की आवास विकास काॅलोनी कस्बा में स्थित अनिल कुमार के मकान नंबर 2सी/124/4-5 में कुछ व्यक्ति किराए पर कमरा लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर की परीक्षा में सिस्टम हैक करके अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर प्रश्न पत्र हल कर रहे हैं। टीम ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि यह लोग दिनांक 7 फरपरी 2024 को उप्र पुलिस में कंप्यूटर ऑपरेटर की परीक्षा में अभ्यर्थी के कंप्यूटी की स्कीन शेयर कर यहीं से पेपर सॉल्व कर रहे थे। पूछताछ में पता चला कि विधान पब्लिक स्कूल दुहाई गाजियाबाद में स्थित लैब को फर्जी तरीके से परीक्षा कराने के लिए केंद्र आवंटित करा रखा है। जहां से अपने अन्य सहयोगियों की मदद से ये लोग ऑनलाइन परीक्षा हैकिंग का कार्य करते हैं। परीक्षा केंद्र पहुंचकर पुलिस ने 7 अभ्यर्थियों और लैब के सहयोगी रजनीश कुमार व अश्वनी कुमार हिरासत में ले लिया। इसके अलावा अन्य लोग भी गिरफ्तार किए गए।

इस गिरोह ने भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों से पेपर हल कराने के नाम पर पैसा कमाने के उद्देश्य से गाजियाबाद दुहाई मे स्थित विधान पब्लिक स्कूल में करीब 250 कंप्यूटर सिस्टम की लैब तैयार की। कंप्यूटर हैकिंग एक्सपर्ट पलवल हरियाणा निवासी राम चौहान ने रोहित चौधरी के कहने पर लैब में आकर 28 जनवरी 2024 को एक सिस्टम पर कुछ साॅफ्टवेयर (एनीडेस्क, नोड.जेएस, पाइथॉन लांचर) इंस्टाल कर इस सिस्टम को मास्टर सिस्टम बनाया। जिससे जब जरूरत हो तब लैब में मौजूद अन्य सिस्टमों को इस मास्टर सिस्टम के जरिए जोड़ कर उनका रिमोट एक्सेस ले सकें और मास्टर सिस्टम को लैब में मौजूद अपने सहयोगियों की मदद से अलग रखा गया। जिससे किसी अभ्यर्थी को परीक्षा के समय यह सिस्टम आवंटित न हो। परीक्षा प्रारंभ होने से पहले ही लैब में मौजूद अपने सहयोगियो के माध्यम से कहीं भी बैठकर रवि लैब में मौजूद मास्टर सिस्टम को साफ्टवेयर के माध्यम से अपने सिस्टम पर लेकर जिन-जिन अभ्यर्थियों से पैसे लेकर पेपर हल कराने की बात तय होती थी, उनके परीक्षा केंद्र पर आवंटित सिस्टमों के एक्सेस ले लेता था। उसको अपने अन्य साथी जो पेपर हल करने में एक्सपर्ट थे, उनके सिस्टम पर भेज देता था। जिससे केंद्र पर मौजूद अभ्यर्थी के सिस्टम का पूरा एक्सेस इनके पास पहुंच जाता था। ये प्रश्न-पत्र अपने सिस्टम से हल करते थे। अभ्यर्थी केवल बैठकर माउस हिलाता रहता था। यह लोग प्रत्येक अभ्यर्थी से 4 से 5 लाख रुपये इस कार्य के लिए लेते थे। राम चौहान एक अभ्यर्थी की स्क्रीन शेयर करने की एवज में 50 हजार रुपये लेता था।

ये हुए गिरफ्तार
1. रचित चौधरी पुत्र ब्रहमपाल सिंह निवासी ग्राम भाजू थाना बाबरी जनपद शामली। (सरगना)
2. कर्मवीर पुत्र रतन सिंह निवासी ग्राम बिहारीपुर थाना बागपत जनपद बागपत। (सोल्वर)
3. दानवीर पुत्र तेजपाल निवासी वृद्धा ज्योति कालोनी, थाना बडौत जनपद बागपत । (सहयोगी)
4. रजनीश कुमार पुत्र अर्जुन प्रसाद महतो निवासी बगडस थाना भगवानपुर जनपद बेगुसराय बिहार (सहयोगी)
5. अश्वनी पुत्र नरेश कुमार निवासी कूकडा थाना नई मण्डी जनपद मुजफ्फरनगर (सहयोगी)
6. अनिल कुमार पुत्र करतार सिंह निवासी ग्राम जरूवा कटरा थाना मलपुरा जनपद आगरा (अभ्यर्थी)
7. अक्षय तवर पुत्र देवेंद्र कुमार निवासी सुनहेडा थाना खेकडा जनपद बागपत (अभ्यर्थी)
8. मनीष सरोहा पुत्र प्रमोद सरोहा निवासी शेरपुर लुहारा थाना छपरौली जनपद बागपत (अभ्यर्थी)
9. आलोक चौहान पुत्र तेजपाल निवासी बावली रोड बड़ौत थाना बड़ौत बागपत (अभ्यर्थी)
10. धर्मेंद्र पुत्र लेखन निवासी तुमोला थाना कोसी कलॉ जनपद मथुरा (अभ्यर्थी)
11. लोकेश कुमार पुत्र अरविन्द सिंह निवासी पुरा थाना मंगोरा जनपद मथुरा (अभ्यर्थी)
12. आर्यदीप तोमर पुत्र ओमबीर सिंह निवासी बामनौली थाना दोघट जनपद बागपत (अभ्यर्थी)

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