नई दिल्ली 18 अगस्त। राजग के सहयोगी दलों ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने के फैसले का स्वागत किया है। तेदेपा अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने राजग उम्मीदवार को अपनी पार्टी का समर्थन देने की घोषणा की।
संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि व्यापक विचार-विमर्श के बाद राधाकृष्णन के नाम पर फैसला लिया गया। हम चाहते हैं कि अगला उपराष्ट्रपति सर्वसम्मति से चुना जाए। इसके लिए हमने विपक्षी नेताओं से संपर्क किया है।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया- सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने पर बधाई। एक सम्मानित नेता के रूप में उन्होंने लंबे समय तक देश की सेवा की है। तेदेपा उनकी उम्मीदवारी का हार्दिक स्वागत करती है और अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि राधाकृष्णन का तमिलनाडु में समाज के सभी वर्गों में सम्मान है।
प्रधानमंत्री मोदी ने राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर बधाई दी है। कहा कि उन्होंने हमेशा सामुदायिक सेवा और हाशिए पर पड़े लोगों को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। मुझे खुशी है कि राजग ने उन्हें उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सी.पी. राधाकृष्णन जी ने अपने समर्पण, विनम्रता और बुद्धिमत्ता से अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। विभिन्न पदों पर रहते हुए, उन्होंने हमेशा सामुदायिक सेवा और हाशिए पर पड़े लोगों को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने तमिलनाडु में जमीनी स्तर पर व्यापक कार्य किया है। मुझे खुशी है कि एनडीए परिवार ने उन्हें हमारे गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में नामित करने का निर्णय लिया है। सी.पी. राधाकृष्णन जी को सांसद और विभिन्न राज्यों के राज्यपाल के रूप में समृद्ध अनुभव है। संसदीय मामलों में उनके हस्तक्षेप हमेशा प्रभावशाली रहे। मुझे विश्वास है कि वे एक प्रेरक उपराष्ट्रपति सिद्ध होंगे।
कौन हैं सीपी राधाकृष्णन?
सीपी राधाकृष्णन महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं. वो तमिलनाडु से आते हैं. उनका पूरा नाम चन्द्रपुरम पोनुस्वामी राधाकृष्णन है. संघ और बीजेपी से उनका गहरा नाता है. वो 31 जुलाई 2024 से महाराष्ट्र के राज्यपाल पद पर हैं. उनका राजनीतिक करियर करीब 4 दशकों का रहा है.
सीपी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तिरुप्पुर, तमिलनाडु में हुआ था. उनके पिता का नाम सीके पोन्नुसामी और माता का नाम के जानकी अम्मल है.
सीपी राधाकृष्णन ने वीओ चिदंबरम कॉलेज, तूतीकोरिन कॉलेज से ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई की है. उनके पास बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की डिग्री है.
वे टेबल टेनिस में कॉलेज चैम्पियन रहे हैं, साथ ही लंबी दौड़, क्रिकेट और वॉलीबॉल खेलने का शौक रखते हैं.
राधाकृष्णन ने 16 वर्ष की आयु में RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की और बाद में जनसंघ से भी जुड़े.
उन्होंने 1998 और 1999 में तमिलनाडु के कोयंबटूर क्षेत्र से दो बार लोकसभा चुनाव जीता. हालांकि उन्हें तीन बार लोकसभा चुनाव में हार भी झेलनी पड़ी.
वे चुनावी, संगठनात्मक और संवैधानिक जिम्मेदारियों में व्यापक अनुभव रखते हैं. उन्होंने महाराष्ट्र, झारखंड, तेलंगाना और पुडुचेरी के राज्यपाल के रूप में भी काम किया है.
वे दक्षिण भारत के पहले OBC नेता हैं जिन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकित किया गया है. उन्हें सभी पक्षों में सम्मान मिलता है.
अब तक किन पदों पर रहे हैं राधाकृष्णन?
महाराष्ट्र के राज्यपाल से पहले वो झारखंड में राज्यपाल रह चुके (18 फरवरी 2023-30 जुलाई 2024) हैं. साथ ही तेलंगाना में मार्च से जुलाई 2024 तक अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. वहीं पुदुचेरी में अगस्त 2024 तक उपराज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार) के रूप में काम किया. इन्होंने आरएसएस और जनसंघ से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी. साल 1998 और 1999 में कोयम्बटूर लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुनकर आए. इसके बाद साल 2003 से 2006 तक तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष भी रहे. सीपी राधाकृष्णन ने भाजपा संगठन में भी अहम भूमिका निभाई है.
उनकी उपलब्धियां कौन-कौन सी रही हैं?
वे तमिलनाडु BJP के अध्यक्ष रहे और एक 19,000 किलोमीटर लंबी ‘रथ यात्रा’ कर चुके हैं, जिसमें उन्होंने भारतीय नदियों के एकीकरण, आतंकवाद विरोध, समान नागरिक संहिता, अस्पृश्यता खत्म करने और नशीली दवाओं के खिलाफ अभियान चलाया. वो भारत के प्रतिनिधि के तौर पर युक्त राष्ट्र महासभा को भी संबोधित कर चुके हैं. की राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक उपलब्धियां उन्हें भारत के उपराष्ट्रपति बनने के लिए एक उपयुक्त उम्मीदवार बनानी हैं.